धर्म बदलने पर अनुसूचित जनजाति के लोगों को ना मिले आरक्षण, लागू हो पूर्ण जनसंख्या नियंत्रण- BJP सांसद

निशिकांत दूबे ने जनसंख्या नियंत्रण कानून और समान नागरिक संहिता की मांग लोकसभा में उठाई
निशिकांत दूबे ने जनसंख्या नियंत्रण कानून और समान नागरिक संहिता की मांग लोकसभा में उठाई

Monsoon Session: भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दूबे (Nishikant Dubey) ने जनसंख्या नियंत्रण कानून (Population control law) और समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) की मांग लोकसभा में उठाई

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नई दिल्ली. भाजपा सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) ने मंगलवार को लोकसभा में सरकार से आग्रह किया कि देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाया जाए और समान नागरिक संहिता लागू किया जाए. उन्होंने सदन में शून्यकाल के दौरान यह भी कहा कि सरकार को यह व्यवस्था बनानी चाहिए कि अनुसूचित जनजाति से धर्मांतरण करने वालों को आरक्षण नहीं मिले.

दुबे ने कहा कि कई इलाकों में देखने को मिल रहा है कि अनुसूचित जनजाति के लोगों का धर्मांतरण कराया जा रहा है. इसलिए ‘मेरी मांग है कि यह व्यवस्था बनाई जाए कि अनुसूचित जनजाति से धर्मांतरण करने वालों को आरक्षण नहीं मिलेगा.’ उन्होंने यह भी कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद अब यह जरूरी है कि देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू हो और समान नागरिक संहिता लागू की जाए.

संसद में जनसंख्या नियंत्रण पर कानून लाने के अपने आग्रह पर दुबे ने कहा कि 'कोरोना के समय अभी हमने जो देखा, इस देश में अब कंप्लीट पॉपुलेशन कंट्रोल होना चाहिए. वरना पूरी की पूरी डेमोग्राफी बदल जाएगी और देश का लोकतंत्र भी खतरे में पड़ जाएगा. कई बांग्लादेशी भी यहां के नागरिक बन जाते हैं.'





ST को धर्म परिवर्तन के बाद SC की तरह आरक्षण न देने पर सांसद ने कहा कि अगर SC की तरह ST भी धर्म परिवर्तन करते हैं तो उन्हें आरक्षण नहीं मिलना चाहिए. अल्पसंख्यक तुष्टिकरण का एक ट्रेंड चल पड़ा है इसके कारण एक तो डेमोग्राफी बदलती है दूसरा वोट बैंक की राजनीति एक्टिव होती है.
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