कोरोना महामारी की वजह से इस बार बिल्कुल बदला सा होगा संसद का मानसून सत्र

कोरोना महामारी की वजह से इस बार बिल्कुल बदला सा होगा संसद का मानसून सत्र
संसद के मानसून सत्र के आयोजन के लिए तैयारियां की जा रही हैं (फाइल फोटो)

संसद का मानसून सत्र (Parliament's Monsoon Session) सुरक्षित तरीके से कराया जा सके इसके लिए राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) लगातार बैठक कर रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 18, 2020, 7:06 PM IST
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(अनूप गुप्ता)

नई दिल्ली. सूत्रों की माने तो इस बार के संसद (Parliament) के मानसून सत्र (Monsoon Session) में ना तो प्रश्नकाल होगा और ना ही शून्यकाल (Zero Hour). यहां तक इस बार के सत्र का स्वरूप खासा बदला होगा. जब लोकसभा (Lok Sabha) की कार्यवाही चल रही होगी तो कुछ सांसद लोकसभा चैंबर में होंगे तो कुछ राज्यसभा चैंबर में और कुछ सेंट्रल हॉल (Central Hall) में बैठे होंगे. संसद की कार्यवाही के दौरान अलग-अलग जगहों पर बैठे सांसद और मंत्री (MPs and ministers) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये एक-दूसरे से जुड़ जुड़ेंगे, जिसकी व्यवस्था लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय (Rajya Sabha Secretariat) की तरफ से की जा रही है. सांसदों के सामने बड़ी-बड़ी स्क्रीन लगी होगी, जिसके जरिये वे कार्यवाही (proceedings) देख सकेंगे. यही स्थिति राज्यसभा कार्यवाही के दौरान देखी जाएगी.

दोनों सदन (house) एक साथ नही चलेंगे, सूत्रों के मुताबिक पहले चार घंटे लोकसभा की कार्रवाई चलेगी और फिर चार घंटे राज्यसभा (Rajya Sabha) की कार्रवाई चलेगी. दोनों सदनों की कार्यवाही के बीच में दो घंटे का ब्रेक होगा. जहां-जहां सांसदों (MPs) को बैठने का इंतजाम किया जा रहा है वहां वायरस और कीड़ों को मारने के लिए अल्ट्रा वायलेट सिस्टम (Ultraviolet System) एसी यूनिट में लगाया जाएगा. जिससे सांसदों में इंफेक्शन (infection) का डर ना के बराबर रह जाए.



सेंट्रल हॉल में भी की जाएगी सदस्यों के बैठने की व्यवस्था
संसद का मानसून सत्र सुरक्षित तरीके से कराया जा सके इसके लिए राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला लगातार बैठक कर रहे हैं. और उनकी ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि दोनों सदनों के जरूरी विधायी कार्य भी हो जाएं और सांसदों और मंत्रियों को किसी तरह की दिक्कतों का सामना भी ना करना पड़े.

अब तक दोनों सचिवालयों के बीच कई स्तरों के बातचीत और बैठक हो चुकी है. सोशल डिस्टेनसिंग के मद्देनजर जो सीटिंग अरेंजमेंट की रूपरेखा तैयार की गईं है उसके मुताबिक लोकसभा की कार्यवाही के दौरान लोकसभा में 132 सदस्य होंगे जिसमे प्रधानमंत्री, नेता विपक्ष और कुछ मंत्री रहेंगे, उस समय 60 संसद सदस्य राज्यसभा में और बाकियों के लिए सेंट्रल हॉल में व्यवस्था की जाएगी.

सिर्फ सरकारी मीडियाकर्मियों को होगी कवरेज की अनुमति
वहीं जब राज्यसभा की कार्यवाही चल रही होगी तब राज्यसभा में 60 सदस्य, लोकसभा में 132 सदस्य और बाकी सदस्य सेंट्रल हाल में रहेंगे. कार्यवाही के दौरान पीएम और नेता प्रतिपक्ष राज्यसभा में मौजूद रहेंगे.

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इस बार के संसद के मानसून सत्र के लिए मीडिया कवरेज को भी सीमित किया गया है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सत्र को सरकारी मीडिया ही कवर करेगी. राज्यसभा से 7 और लोकसभा से 15 मीडियाकर्मियों को ही सत्र कवर करने का मौका मिलेगा. ये सभी फैसले इसलिए लिये जा रहे हैं ताकि संसद परिसर में ज्यादा भीड़-भाड़ ना हो.
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