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कांग्रेस के मुकाबले BJP सत्ता में दोगुनी रही है MSP की दर, किसानों के लिए फायदेमंद रहे हैं 6 साल

पीएम मोदी कार्यकाल में किसानों को ज्यादा मुनाफा हुआ है. (Narendra Modi/Instagram)
पीएम मोदी कार्यकाल में किसानों को ज्यादा मुनाफा हुआ है. (Narendra Modi/Instagram)

Farmers Protest: किसानों का कहना है कि नए कृषि कानूनों (New Farm Laws) के लागू होने के बाद एमएसपी को नुकसान पहुंचेगा. वहीं, दूसरी ओर सरकार यह साफ कर चुकी है कि एमएसपी (MSP) पर किसी भी तरह का प्रभाव नहीं पड़ेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 19, 2020, 5:07 PM IST
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नई दिल्ली. सरकार की तरफ से तीन नए कृषि कानून पेश किए गए हैं. तीनों कानूनों के सामने आने के बाद से ही किसानों की नाराजगी जारी है. दिल्ली की सरहदों पर किसान तीन हफ्तों से ज्यादा समय से प्रदर्शन कर रहे हैं. केंद्र सरकार के खिलाफ हो रहे इन प्रदर्शनों का विपक्षी राजनीतिक दलों का भी भरपूर समर्थन मिला है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) समेत कई नेता किसान आंदोलन को लेकर सक्रिय बने हुए हैं. गौरतलब है कि आज किसानों के साथ प्रदर्शन कर रही कांग्रेस ने 2004 से 2013 के बीच एमएसपी के जरिए किसानों को खास फायदा नहीं पहुंचाया था. जबकि, बीजेपी सरकार में एमएसपी ने रफ्तार पकड़ी है.

हालांकि, इन तीनों कानूनों के सामने आने के बाद से ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Supprt Price) यानि एमसपी को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं हैं. किसानों का कहना है कि नए कानूनों के लागू होने के बाद एमएसपी को नुकसान पहुंचेगा. वहीं, दूसरी ओर सरकार यह साफ कर चुकी है कि एमएसपी पर किसी भी तरह का प्रभाव नहीं पड़ेगा. शुक्रवार को मध्य प्रदेश के किसानों से बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने साफ कर दिया है कि एमएसपी न ही समाप्त होगी और न ही खत्म होगी.

ऐसे समझिए एनडीए और यूपीए सरकार में एमएसपी का गणित
चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर यानि सीएजीआर (CAGR) से गणना की जाए तो साल 2004-05 से लेकर 2013-14 तक सभी फसलों पर एमएसपी की सालाना औसत वृद्धि 9 फीसदी थी. वहीं, महंगाई का पता लगाने में इस्तेमाल किए जाने वाले थोक मूल्य सूचकांक यानि WPI अनाजों पर 8 प्रतिशत थी. इस लिहाज से देखा जाए, तो एमएसपी और डब्ल्यूपीआई के बीच औसत कारक 1.09 फीसदी थे.
पीएम मोदी की सरकार ने साल 2014 में सत्ता हासिल की थी. पीएम मोदी के कार्यकाल यानि साल 2014-15 से 2020-21 तक सभी फसलों पर एमएसपी में हर साल 8 प्रतिशत के हिसाब से औसत इजाफा हुआ है. इस दौरान थोक मूल्य सूचकांक पर अनाज महज 4 फीसदी ही थी. वहीं, कांग्रेस सरकार में महंगाई का आंकड़ा 8 प्रतिशत यानि दोगुना था.



बीते 6 सालों में किसानों की कमाई बढ़ी है
इन गणनाओं के आधार पर देखा जाए, तो पता चलता है कि कांग्रेस सरकार के वक्त में देश में एमएसपी महंगाई के लगभग आसपास ही रही है. वहीं, भारतीय जनता पार्टी के 6 सालों में थोक मूल्य सूचकांक पर अनाज के मामले में एमएसपी दोगुनी तेजी से बढ़ी है. 2004 ले 2013 तक करीब 10 सालों के मुकाबले किसानों में पीएम मोदी के कार्यकाल में ज्यादा मुनाफा कमाया है.
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