कोविड के मरीजों में म्यूकोरमाइसिस की समस्या गंभीर नहीं, अपनाएं ये 5 तरीके: नीति आयोग

यह संक्रमण केवल उन लोगों को प्रभावित करता है जिनका ब्लड शुगर लेवल हाई रहता है और वह कोविड संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं.(सांकेतिक तस्वीर)

यह संक्रमण केवल उन लोगों को प्रभावित करता है जिनका ब्लड शुगर लेवल हाई रहता है और वह कोविड संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं.(सांकेतिक तस्वीर)

Mucormycosis among Covid-19 patients: नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने कहा कोविड-19 के मरीजों में ऐसे फंगल इंफेक्शन की रिपोर्ट सामने आई हैं. लेकिन मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम ऐसे मामलों को अपने स्तर पर देख रहे हैं.

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नई दिल्ली. नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने कहा कि जानलेवा ब्लैक फंगस या म्यूकोरमाइसिस की घटना स्वभाविक है और इसका और कोविड-19 का संबंध विशेष नहीं है. पॉल ने कहा कि यह संक्रमण केवल उन लोगों को प्रभावित करता है जिनका ब्लड शुगर लेवल हाई रहता है और वह कोविड संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं. बता दें कोरोना वायरस (Coronavirus) से ठीक होने वाले कई मरीजों में जानलेवा फंगल इन्फेक्शन म्यूकोरमाइसिस (Mucormycisis) के मामलों को लेकर कई रिपोर्ट सामने आई हैं.

पॉल ने कहा कि यह एक फंगस है जो कि गीली सतहों पर पैदा होता है. ऐसे लोगों में यह गैर सामान्य बात है जिन्हें डायबिटीज नहीं है. कोविड-19 के मरीजों में ऐसे फंगल इंफेक्शन की रिपोर्ट सामने आई हैं. लेकिन मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम ऐसे मामलों को अपने स्तर पर देख रहे हैं.

पॉल ने कहा कि यह पूरी तरह से ठीक हो सकता है. उन्होंने कहा कि अगर किसी की डायबिटीज कंट्रोल में है, तो परेशानी की कोई बात नहीं है.

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पॉल ने कहा कि "इस फंगल संक्रमण को ट्रिगर करने वाले तीन कारक हैं: स्टेरॉयड या किसी अन्य बीमारी के कारण अनियंत्रित मधुमेह, रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी और गीली सतह के संपर्क में बने रहना. कोविड -19 की उपस्थिति, सांस लेने में कठिनाई इस संक्रमण के लिए आवश्यक नहीं है, हमें याद रखना चाहिए."

इंफेक्शन से बचने के लिए पांच उपाय



पॉल ने आगे कहा कि "कोविड -19 उपचार के लिए, हम जीवन रक्षक स्टेरॉयड और दवाओं का उपयोग कर रहे हैं जो प्रतिरक्षा को कम करते हैं। इसके अलावा, यदि एक मधुमेह से पीड़ित कोविड -19 रोगी ऑक्सीजन सपोर्ट पर है, तो वह ह्यूमिडिफायर के संपर्क में आता है। इससे इस तरह के फंगल इंफेक्शन की संभावना बढ़ जाती."

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पॉल ने इस संक्रमण को कम करने के लिए जरूरी पांच उपाय बताते हुए कहा कि-

पहला, कोविड हो या नहीं हो लेकिन शुगर लेवल चेक करते रहना चाहिए.

दूसरा, कोविड-19 के उपचार में स्टेरॉयड का इस्तेमाल विवेकपूर्ण तरीके से और डॉक्टर के सुझाव के बाद छठे दिन के बाद लेना चाहिए.

तीसरा, ह्यूमिडिफायर, अगर कोविड का मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर है तो पानी साफ होना चाहिए.


चौथा, कोविड-19 रोगी की पूरी साफ सफाई बनी रहनी चाहिए.

पांचवा, अगर कोई नया ओरल अल्सर होता है तो उसका तुरंत उपचार किया जाना चाहिए.

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