मुंबई: ATS ने कबाड़ वाले से जब्त किया 7 किलो यूरेनियम, 21 करोड़ रुपये आंकी गई है कीमत

मामले की जानकारी लगने के कुछ दिनों के बाद एटीएस खुद ग्राहक बन कर आरपी के पास गई. (सांकेतिक तस्वीर)

मामले की जानकारी लगने के कुछ दिनों के बाद एटीएस खुद ग्राहक बन कर आरपी के पास गई. (सांकेतिक तस्वीर)

ATS seized uranium: एटीएस सूत्र बताते हैं कि आरोपी का स्क्रेप का धंधा है. वह दावा कर रहा है कि 7 किलो का यूरेनियम कबाड़ (Scrap) में आया था. सूत्रों के मुताबिक, आरोपी काफी पड़ा लिखा और तकनीक का जानकार भी है.

  • Share this:

मुंबई. एटीएस (ATS) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य में 7 किलो यूरेनियम (Uranium) जब्त किया है. इस दौरान दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. बताया जा रहा है कि आरोपी कबाड़ का कारोबार करता है. एटीएस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, 8 किलो यूरेनियम की कीमत बाजार में 21 करोड़ रुपये से ज्यादा की बताई जा रही है. मुंबई जैसे शहर में इतनी बड़ी मात्रा में यूरेनियम के मिलने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है. पुलिस इसके पीछे के पूरे नेटवर्क के बारे में पता लगा रही है.

एटीएस ने आरोपियों पर ऐसे कसा शिकंजा

एटीएस सूत्र बताते हैं कि आरोपी का स्क्रेप का धंधा है. वह दावा कर रहा है कि 7 किलो का यूरेनियम कबाड़ में आया था. सूत्रों के मुताबिक, आरोपी काफी पड़ा लिखा और तकनीक का जानकार भी है. उसने जानकारी दी है कि यूरेनियम से हरे रंग का पानी निकलने के बाद उसने जांच पड़ताल शुरू की थी. इसके बाद उसने इंटरनेट पर जाकर इसके संबंध में अधिक जानकारी जुटाई. इस दौरान उसे अंदाजा हुआ कि यह यूरेनियम हो सकता है और यह काफी कीमती भी है.

Youtube Video

जानकारी मिली है कि पकड़ा गया आरोपी बीते एक साल से इतनी बड़ी मात्रा में यूरेनियम बेचने की कोशिश कर रहा था. हालांकि, एटीएस को इस बात की पता जनवरी में लगा था. हालांकि, शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लेने के बाद पुलिस ने आरोपी पर शिकंजा कसने का प्लान तैयार किया. धरपकड़ के लिए पुलिस खुद ग्राहक के तौर पर आरोपी के पास पहुंची थी.

Covid-19: मुंबई से खत्म हो रहा है कोरोना! एक्टिव मामलों की संख्या महज 50 हजार

मामले की जानकारी लगने के कुछ दिनों के बाद एटीएस खुद ग्राहक बन कर आरपी के पास गई. एटीएस ने नकली ग्राहक बन कर आरोपी को एक लाख टोकन देने की भी बात कही और यूरेनियम को जांच के लिए लैब भेजने का कहा और पुख्ता होने के बाद पूरा पैसा देने की बात कही. 14 फरवरी को एटीएस ने यूरेनियम को BARC भेजा.




शुरुआती जांच में भी BARC ने यूरेनियम होने की बात कही पर एटीएस 100% पुख्ता होना चाहती थी इसलिए BARC की फाईनल रिपोर्ट का इंतजार किया गया. गुरुवार को रिपोर्ट आने के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. एटीएस को शक है की आरपियों ने यूरेनियम की जांच किसी प्राईवेट लैब में जरूर कराई होगी. इसके बाद इसे बेचने की कोशिश कर रहे थे. यूरेनियम आम बाजारों में नहीं नहीं मिलता है. यह सिर्फ देश के सरकारी साईंटिस्ट और रिसर्च सेंटर में मिलता है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज