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Mumbai: 17 लाख का गोल्ड ट्रेन में भूल आया परिवार, GRP जवान ने सूझबूझ से वापस दिलाया सामान

Mumbai: 17 लाख का गोल्ड ट्रेन में भूल आया परिवार, GRP जवान ने सूझबूझ से वापस दिलाया सामान

17 लाख के गोल्ड से भरे बैग को सकुशल ढूंढकर लौटाने वाले कॉन्स्टेबल ईश्वर जाधव को जीआरपी ने एक हजार रुपये का इनाम दिया है. (फोटो साभार सोशल मीडिया)

17 लाख के गोल्ड से भरे बैग को सकुशल ढूंढकर लौटाने वाले कॉन्स्टेबल ईश्वर जाधव को जीआरपी ने एक हजार रुपये का इनाम दिया है. (फोटो साभार सोशल मीडिया)

मुंबई में रहने वाली अन्नमपल्ली (Annampally) फैमिली का ट्रेन में बैग खो गया था. उसमें 17 लाख रुपये से ज्यादा के गहने थे. इसका पता चलते ही उनके होश उड़ गए. उन्होंने जीआरपी की मदद ली. जीआरपी के एक जवान ईश्वर जाधव (Ishwar jadhav) ने सूझबूझ दिखाते हुए काफी मशक्कत के बाद बैग को ढूंढ निकाला और परिवार को सकुशल वापस कर दिया.

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मुंबईः कहते हैं जब मुसीबत आती है तो भगवान किसी न किसी रूप में मदद के लिए आते हैं. मुंबई निवासी एक परिवार के लिए जीआरपी का एक कॉन्स्टेबल (GRP constable) देवदूत से कम नहीं है. हुआ कुछ यूं कि मुंबई में रहने वाली अन्नमपल्ली (Annampally) फैमिली का ट्रेन में बैग खो गया था. उसमें 17 लाख रुपये से ज्यादा के गहने थे. इसका पता चलते ही उनके होश उड़ गए. उन्होंने जीआरपी की मदद ली. जीआरपी के एक जवान ईश्वर जाधव (Ishwar jadhav) ने सूझबूझ दिखाते हुए काफी मशक्कत के बाद बैग को ढूंढ निकाला और परिवार को सकुशल वापस कर दिया.

अन्नमपल्ली परिवार मुंबई के अंधेरी इलाके में रहता है. परिवार के लोग सालाना उत्सव के लिए अपने गृह राज्य तेलंगाना गए थे. कार्यक्रम खत्म होने पर चेन्नई एक्सप्रेस से वापस मुंबई लौट रहे थे. शुक्रवार की सुबह ये लोग दादर स्टेशन पर उतरे और लोकल ट्रेन पकड़कर घर चले गए. घर पहुंचकर उन्हें अहसास हुआ कि वो बैग गायब है, जिसमें गहने थे. हंसते खेलते वापस आए परिवार की खुशियां छूमंतर हो गईं. लेकिन उन्हें ये समझ नहीं आ रहा था कि बैग छूटा कहां.

परिवार के कुछ लोग वापस अंधेरी स्टेशन गए. वहां सुरक्षा एजेंसियों की मदद से सीसीटीवी फुटेज चेक कीं. कुछ लोग दादर स्टेशन पहुंचे. वहां पड़ताल से पता चला कि जिस ट्रेन में वो आए थे, उसका आखिरी स्टेशन छत्रपति शिवाजी टर्मिनस था. परिवार के लोगों ने थक हारकर जीआरपी में शिकायत दर्ज करा दी. जीआरपी के सीनियर इंस्पेक्टर महबूब इनामदार ने बताया कि हमारी टीम ने छत्रपति शिवाजी टर्मिनस जाकर ट्रेन की जांच करने का फैसला किया. वहां पहुंचने पर पता चला कि ट्रेन तो यात्रियों को उतारकर मझगांव यार्ड में चली गई है. इसके बाद बिना समय गंवाए एक कॉन्स्टेबल ईश्वर जाधव को वहां भेजा गया.

कॉन्स्टेबल ईश्वर जब यार्ड में पहुंचे तो ट्रेन की धुलाई हो रही थी. उसके सारे दरवाजे खिड़कियां बंद थीं. अंदर जाने का कोई रास्ता नहीं था. ईश्वर ने सूझबूझ से काम लेते हुए हर दरवाजे और खिड़की को धकेलना शुरू किया. काफी कोशिशों के बाद एक इमरजेंसी विंडो से उन्हें अंदर जाने में कामयाबी मिल गई. इसके बाद उन्होंने यार्ड कर्मचारियों की मदद से ए4 कोच की पूरी बोगी का कोना-कोना चेक किया. तभी एक सीट के नीचे उन्हें बैग रखा नजर आया.

कॉन्स्टेबल ने बैग खोलकर देखा तो उसके अंदर 326 ग्राम गोल्ड के नेकलेस, ब्रैसलेट, चूड़ियां, कान के कुंडल आदि सही सलामत थे. सिपाही ईश्वर सिंह ने वापस आकर बैग को अन्नमपल्ली परिवार को लौटा दिया. सिपाही की इस सूझबूझ के लिए जीआरपी ने उन्हें एक हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है. अन्नमपल्ली परिवार का कहना है कि उन्हें तो लग रहा था कि कोई यात्री बैग को लेकर चला गया होगा. उसका वापस मिलना मुश्किल है. लेकिन जीआरपी और कॉन्स्टेबल ईश्वर हमारे लिए भगवान बनकर आए. उन्होंने अपने ईश्वर अपने नाम को सार्थक कर दिया है.

Tags: Indian railway, Mumbai News

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