मुंबई के बाद दिल्‍ली में भी मंडरा रहा ‘कमला मिल’ का खतरा

मुंबई के बाद दिल्‍ली में भी मंडरा रहा ‘कमला मिल’ का खतरा
मुंबई के बाद दिल्‍ली में भी मंडरा रहा ‘कमला मिल’ का खतरा

मुंबई में कमला मिल कंपाउंड के अंदर देर रात हुई आग की बड़ी घटना के बाद दिल्ली में भी रेस्तरां और पब चलाने वालों में हड़कंप मच गया है. दिल्ली में हज़ारों रेस्त्रां बिना दमकल की एनओसी के चल रहे हैं,जो किसी खतरे से कम नहीं हैं.

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मुंबई में कमला मिल कंपाउंड के अंदर देर रात हुई आग की बड़ी घटना के बाद दिल्ली में भी रेस्तरां और पब चलाने वालों में हड़कंप मच गया है. दिल्ली में हज़ारों रेस्त्रां बिना दमकल की एनओसी के चल रहे हैं,जो किसी खतरे से कम नहीं हैं.

दूर से खूबसूरत दिखने वाले ये रेस्त्रां, बार और पब इंसानी जिंदगी के लिए हर पल खतरा बने हुए हैं. उसकी वजह है दिल्ली में फायर ब्रिगेड की एनओसी के बिना चलने वाले होटल, रेस्तरां और बार. फिर चाहे दिल्ली का दिल कहे जाने वाला कनॉट प्लेस हो या खान मार्केट या फिर हौजखास विलेज. हर जगह शाम ढलते ही युवाओं की भीड़ उमड़ पड़ती है. दिल्ली दमकल विभाग भी मानता है कि हौजखास विलेज जैसी जगह पर जहां इतने रेस्तरां हैं वहां पर ये बोल कर लाइसेंस लिया जाता है कि 50 से कम लोगों की कैपेसिटी है, जिसके चलते फायर सर्विस से एनओसी की जरूरत नहीं पड़ती.

पूर्वी दिल्‍ली के रेस्‍तरां का सबसे खराब हाल
दिल्ली के राजौरी गार्डन, नेताजी सुभाष प्लेस, साकेत, खान मार्केट, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, कनॉट प्लेस में सैकड़ों रेस्तरां और पब चल रहे हैं लेकिन कनॉट प्लेस के 114 रेस्तरां, खान मार्किट के 4 और हौजखास विलेज के 3 रेस्तरां और पब को दमकल की एनओसी मिली हुई है जबकि पूरी दिल्ली में सैकड़ों की तादाद में रेस्तरां खुलेआम हादसे को दावत देते दिखाई देते हैं.
नए साल का जश्‍न मनाने की तैयारी


इन सभी के पास फायर फाइटिंग सिस्टम का अभाव है बिल्डिंग पुराने ढांचे में और तंग गलियों में बने हैं वहीं नए साल में इन तंग गलियों में बिना फायर की एनओसी लिए नए साल का आगाज़ मनाने की तैयारियां चल रही हैं. जहां 50 से कम सीटें दिखाकर रेस्तरां मालिक बिना दमकल की एनओसी लेकर काम कर रहे हैं.
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