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मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद से हटाए गए परमबीर सिंह, हेमंत नगरले को मिली जिम्मेदारी

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने महाराष्‍ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर लगाए गंभीर आरोप.  (File Photo)

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने महाराष्‍ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर लगाए गंभीर आरोप. (File Photo)

सूत्रों के अनुसार, शहर के एक पॉश इलाके में मिले विस्फोटक से भरे वाहन रखने में मुंबई के पुलिस अधिकारी सचिन वाझे की कथित संलिप्तता के कारण सिंह को पद से हटाया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 17, 2021, 6:54 PM IST
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मुंबई. आईपीएस परमबीर सिंह (Parambir Singh) को पद संभालने के करीब एक साल बाद मुंबई पुलिस कमिश्नर (Mumbai Police Commissinor) के पद से हटा दिया गया है. सिंह की जगह हेमंत नगरले (Hemant Nagrale) ये जिम्मेदारी संभालेंगे. 1988 बैच के आईपीएस परमबीर सिंह ने 29 फरवरी 2020 को आईपीएस अधिकारी संजय बरवे की जगह इस पद की जिम्मेदारी मिली थी.परमबीर सिंह का ट्रांसफर कर दिया है. उनकी तैनाती अब डीजी होम गार्ड के तौर पर की गई है. सूत्रों के अनुसार, शहर के एक पॉश इलाके में मिले विस्फोटक से भरे वाहन रखने में मुंबई के पुलिस अधिकारी सचिन वाझे की कथित संलिप्तता के कारण सिंह को पद से हटाया गया है. वाझे को 25 मार्च तक राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में भेज दिया गया था.

परमबीर सिंह हाल ही में कथित टीआरपी घोटाले का पर्दाफाश करने के प्रकरण में खबरों में रहे थे. जिसमें कि लोगों से टीआरपी बढ़ाने के लिए घरों पर एक निश्चित चैनल लगाए रखने की बात सामने आई थी. इस घोटाले में करीब पांच न्यूज और एंटरटेनमेंट चैनलों पर ज्यादा विज्ञापन पाने के लिए टीआरपी में हेर-फेर करने का आरोप लगा था. परमबीर सिंह इससे पहले एंटी करप्शन ब्यूरो में बतौर डीजी के पद पर तैनात थे. इसके अलावा वह ठाणे के कमिश्नर के पद पर भी रह चुके थे.

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हेमंत नगरले वर्तमान में महाराष्ट्र पुलिस के डीजी के पद रपर तैनात थे जिन्हें मुंबई का पुलिस प्रमुख बनाया गया है.
वाझे को लेकर एनआईए ने जारी किया था ये बयान
वहीं एनआई ने बुधवार को कहा कि मुंबई के जिस पॉश इलाके में जिलेटिन की छड़ें पकड़ी गई थीं वहां के सीसीटीवी कैमरे में जो शख्स दिखाई दिया था वह सचिन वाझे ही था. मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच के एपीआई वाझे ही मनसुख हिरेन की मौत के मामले की जांच कर रहे थे.  एनआईए ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में सचिन वाझे को एक बड़े रुमाल से अपना सिर ढके देखा जा सकता है ताकि उन्हों कोई पहचान न पाए. वह पीपीई नहीं बल्कि बड़े साइज का कुर्ता पैजामा पहने दिख रहे हैं जिससे कि उनके चेहरे और चाल-ढाल को पहचाना न जा सके.

एनआईए ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि छापेमारी के दिन सचिन वाझे के कैबिन ने एक लैपटॉप भी बरामद किया गया है. लेकिन उसका डाटा पहले ही डिलीट किया जा चुका था. वाझे से जब उनके लैपटॉप के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह कहीं गिर गया है. लेकिन सच यह है कि वाझे ने फोन को जानबूझकर कहीं फेंक दिया है.
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