मुंबई के इंजीनियर ने कोविड-19 रोगियों के इलाज में स्वास्थ्यकर्मियों की मदद करने वाला रोबोट बनाया

मुंबई के इंजीनियर ने कोविड-19 रोगियों के इलाज में स्वास्थ्यकर्मियों की मदद करने वाला रोबोट बनाया
हाल ही में तमिलनाडु में कोरोना मरीजों के लिये रोबोट से काम लेते देखा गया था (फाइल फोटो)

मुंबई, महाराष्ट्र (Maharashtra) के प्रतीक तिरोडकर ने बहुत कम खर्च से एक ऐसे रोबोट को ईजाद किया है, जो कोविड-19 (Covid-19) के इलाज के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों (Health Workers) की मदद कर सकता है.

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नई दिल्ली. भारत देश प्रतिभाओं की खदान है. दुनिया भर में जिस टेक्नोलॉजी (Technology) को बड़े-बड़े रिसर्च लैब में करोड़ों डॉलर खर्च कर विकसित किया जाता है. भारतीय वैज्ञानिक (Scientist) उन्हें मात्र कुछ हजार के खर्च से बना लेते हैं. ऐसे ही बुद्धिमत्ता पर फिर से दो भारतीय इंजीनियरों (Indian Engineers) ने गर्व करने का मौका दिया है. ये दो इंजीनियर हैं. मुंबई, महाराष्ट्र (Maharashtra) के प्रतीक तिरोडकर और अहमदाबाद, गुजरात (Gujarat) के आकाश जियानी.

प्रतीक ने जहां बहुत कम खर्च से एक ऐसे रोबोट को ईजाद किया है, जो कोविड-19 (Covid-19) के इलाज के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों (Health Workers) की मदद कर सकता है. वहीं आकाश ने एक ऐसे डिसइंफेक्शन बॉक्स का निर्माण किया है, जो यूवी लाइट (UV Light) की मदद से मोबाइल, करेंसी नोट और अन्य चीजों की सतह से वायरस को साफ कर देता है.

इंजीनियर ने स्वास्थ्यकर्मियों की मदद करने वाला कोरो-बोट नाम का रोबोट बनाया
मुंबई के डोंबिवली के रहने वाले प्रतीक तिरोडकर ने अस्पतालों में चिकित्सा कर्मियों की मदद के लिए एक मल्टीफंक्शन रोबोट का सफलतापूर्वक निर्माण किया है. प्रतीक एक रोबोटिक इंजीनियर हैं. कल्याण के शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने लॉकडाउन के दौरान इस डिवाइस को विकसित करने के लिए प्रतीक तिरोडकर की टीम की मदद की. प्रतीक ने अपने रोबोट का नाम कोरो-बोट रखा है. रोबोट अब आइसोलेशन वार्डों में दवाएं पहुंचाने के लिए तैयार है. इसके अलावा यह भोजन और अन्य ज़रूरतमंद वस्तुओं की आपूर्ति करने में भी मदद करेगा.
कोरो-बोट इलाके की स्वच्छता में भी मदद कर सकता है. और आइसोलेशन वार्डों में सामान पहुंचाने में भी. कोरो-बोट रोबोट को परेशान Covid-19 रोगियों का मनोरंजन के लिए भी डिजाइन किया गया है. यह आइसोलेशन में रखे गये लोगों के लिए संगीत और वीडियो चला सकता है. प्रतीक तिरोडकर ने इस नए रोबोट को डेढ़ महीने में बनाया, जिसमें करीब 1.5 लाख रुपये का खर्च आया था.



गुजरात के इंजीनियर ने बनाया यूवी लाइट से सामान सैनेटाइज करने वाला डिसइंफेक्शन बॉक्स
गुजरात में नोट और मोबाइल फोन को कीटाणुरहित बनाने के लिए कीटाणुशोधन बॉक्स (Disinfection box) डेवलप किया गया है. अहमदाबाद के एक इंजीनियर आकाश जियानी ने कोरोना वायरस से बचाने के लिए करेंसी नोटों और मोबाइल फोन को कीटाणुमुक्त करने की मशीन बनाई है. यह मशीन यूवी लाइट टेक्नोलॉजी के आधार पर काम करती है. यह हानिकारक कोरोना वायरस और अन्य कीटनाशकों को 30 सेकंड में करेंसी नोट और सेल फोन और अन्य वस्तुओं की सतह से हटा देती है. आकाश इसे अल्ट्रावॉयलेट-सी पोर्टेबल मल्टीफ़ंक्शनल सैनेटाइज़र कहते हैं.

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