मुंबई: सबसे कम पॉजिटिविटी रेट ने दी राहत, डेल्टा प्लस वेरिएंट के मामलों ने बढ़ाई चिंता

मुंबई में डेल्टा प्लस वेरिएंट के दो मामले अप्रैल की शुरुआत में मिले थे. (प्रतीकात्मक तस्वीर: AP)

Coronavirus Mumbai: एक महीने पहले तक शहर में गंभीर मरीजों की संख्या 2500 से ज्यादा थी, जो अब कम हो कर 894 पर आ गई है. इसके अलावा अस्पताल में बिस्तरों (Hospital Beds) की मांग में भी काफी कमी आई है. फिलहाल 53 प्रतिशत बिस्तर भरे हुए हैं.

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    मुंबई. मुंबईकरों के लिए राहत की खबर है. शहर में मंगलवार को डेली टेस्ट पॉजिटिविटी रेट (Daily Test Positivity Rate) 1.7 फीसदी रहा. कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान यह आंकड़ा सबसे कम है. वहीं, राज्य में यह दर 3.9 प्रतिशत पर रही. सोमवार की तुलना में प्रदेश स्तर पर इस आंकड़े में इजाफा हुआ है. मुंबई में 24 घंटों में 568 मामले मिले. जबकि, महाराष्ट्र में मंगलवार को 8 हजार 470 नए मरीज मिले. इस दौरान 188 लोगों की मौत हुई. फिलहाल जानकार डेल्टा प्लस वेरिएंट को लेकर चिंतित हैं.

    देशभर में डेली पॉजिटिविटी रेट 2.56 फीसदी पर है. वहीं, मुंबई में बीते दो हफ्तों से यह आंकड़ा 3 प्रतिशत से कम बना हुआ है. टाइम्स ऑफ इंडिया के आंकड़े बताते हैं कि मार्च 2020 के बाद से अब तक शहर में 7.2 लाख मरीज मिले हैं. इस दौरान 15 हजार 315 मरीजों की मौत हुई है. हालांकि, राष्ट्रीय आंकड़ों की तुलना में मुंबई का रिकवरी रेट कम है. जबकि, पुणे और दिल्ली में रोज मिलने वाले मामलों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है.

    एक महीने पहले तक शहर में गंभीर मरीजों की संख्या 2500 से ज्यादा थी, जो अब कम हो कर 894 पर आ गई है. इसके अलावा अस्पताल में बिस्तरों की मांग में भी काफी कमी आई है. फिलहाल 53 प्रतिशत बिस्तर भरे हुए हैं.

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    डेल्टा प्लस वेरिएंट ने बढ़ाई चिंता
    महाराष्ट्र में डेल्टा प्लस वेरिएंट को लेकर अधिकारी अलर्ट मोड पर हैं. उनका कहना है कि अब तक मिले 21 मामलों में से कुछ का पता अप्रैल में ही चल गया था, लेकिन उनकी जीनोम सीक्वेंसिंग के नतीजे बीते हफ्ते ही आए. टीओआई के अनुसार, इस वेरिएंट से संक्रमित मरीजों में एक करीब 70 वर्षीय दूधवाले की पत्नी, सूरत यात्रा कर आए दो जूलर, बड़ी शादी में शामिल हो चुके एक इलेक्ट्रीशियन और अधेड़ उम्र के एक शिक्षक शामिल हैं.

    मुंबई में डेल्टा प्लस वेरिएंट के दो मामले अप्रैल की शुरुआत में मिले थे. इससे इस बात के संकेत मिलते हैं कि शहर में यह वेरिएंट काफी पहले से मौजूद था. एक जांच में खुलासा हुआ है कि इस वेरिएंट का शिकार ज्यादातर लोगों ने वैक्सीन नहीं लगवाई है. राज्य के 6 जिलों में डेल्टा प्लस के मामले मिले थे. इनमें सबसे ज्यादा मरीज रत्नागिरी और जलगांव के थे. जलगांव में मिले सभी सात मरीज विचखेड़ा गांव से थे. इस गांव की आबादी 1200 है. फिलहाल इस जिले में 40-50 मामले रोज आ रहे हैं. दूसरी लहर की शुरुआत में सबसे पहले मामलों में इजाफा जलगांव में देखा गया था.

    अधिकारी डॉक्टर प्रदीप अवाटे ने कहा है कि वे लक्षणों, बीमारी की गंभीरता और टीकाकरण समेत मामलों से जुड़ी जानकारी जुटा रहे हैं. डेल्टा प्लस वेरिएंट (AY.1) काफी तेजी से फैलने वाले डेल्टा (B.1.617.2) से आया है. यह वेरिएंट सबसे पहले भारत में पाया गया था. आशंका जताई जा रही है कि इसी वेरिएंट के चलते वायरस की दूसरी लहर आई थी.

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