जगन्नाथ रथ यात्रा पर रोक के खिलाफ SC पहुंचा मुस्लिम छात्र, आज होगी सुनवाई

जगन्नाथ रथ यात्रा पर रोक के खिलाफ SC पहुंचा मुस्लिम छात्र, आज होगी सुनवाई
जगन्नाथ रथ यात्रा मंगलवार से शुरू हो रही है.

भगवान जगन्नाथ यात्रा (Lord Jagannath Rath Yatra) को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का रुख करने वाले हुसैन नयागढ़ ऑटोनॉमस कॉलेज में बीए अर्थशास्त्र के तृतीय वर्ष के छात्र हैं. उन्हें सोशल मीडिया पर राज्य का दूसरा सलाबेग कहा जा रहा है.

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भुवनेश्वर. ओडिशा (Odisha) के नयागढ़ जिले के 19 वर्षीय मुस्लिम छात्रा आफताब हुसैन ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में अर्जी दायर कर भगवान जगन्नाथ यात्रा (Lord Jagannath Rath Yatra)  पर रोक लगाने के फैसले पर पुनर्विचार की अपील की है. कोर्ट ने 18 जून को कहा था कि जन स्वास्थ्य और नागरिकों के हितों की रक्षा के मद्देनजर इस साल 23 जून को ओडिशा के पुरी में निर्धारित यात्रा की इजाजत नहीं दी जा सकती और 'अगर हमने इसकी अनुमति दी तो भगवान जगन्नाथ हमें कभी माफ नहीं करेंगे.' इस याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है.

इस यात्रा में दुनियाभर से लाखों लोग शिरकत करते हैं. रथयात्रा को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करने वाले हुसैन नयागढ़ ऑटोनॉमस कॉलेज में बीए अर्थशास्त्र के तृतीय वर्ष के छात्र हैं. उन्हें सोशल मीडिया पर राज्य का दूसरा सलाबेग कहा जा रहा है. सलाबेग मुस्लिम व्यक्ति और भगवान जगन्नाथ के बड़े भक्त थे. मुख्य तीर्थ से गुंडिचा मंदिर तक की तीन किलोमीटर की यात्रा के दौरान सम्मान के रूप में ग्रैंड रोड पर स्थित सलाबेग की कब्र के पास स्वामी का रथ कुछ देर के लिए रुकता है.

मुगल सूबेदार के पुत्र सलाबेग ओडिशा के भक्ति कवियों के बीच विशेष स्थान रखते हैं क्योंकि उन्होंने अपना जीवन भगवान जगन्नाथ को समर्पित कर दिया था. वह 17वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में हुए थे. हुसैन ने कहा कि वह बचपन से ही भगवान जगन्नाथ से प्रभावित रहे हैं और उनके दिवंगत दादा मुलताब खान भी उनके भक्त थे.



छात्र ने अपने अधिवक्ता पी के महापात्रा के जरिये उच्चतम न्यायालय में हस्तक्षेप याचिका दायर की है. हुसैन ने कहा कि उनके दादा ने 1960 में इतामती में त्रिनाथ (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) मंदिर का निर्माण किया था. छात्र नेकहा कि उन्होंने भगवान जगन्नाथ पर कई पुस्तकें पढ़ी हैं और वह 'ब्रह्माण्ड के भगवान' के प्रति आस्था रखते हैं. हुसैन के पिता इमदाद हुसैन, मां राशिदा बेगम और छोटे भाई अनमोल ने उन्हे जगन्नाथ की मूर्ति की पूजा करने से कभी नहीं रोका.
सुप्रीम कोर्ट कल करेगा सुनवाई

हालांकि हुसैन ने पुरी में 12वीं शताब्दी के श्री जगन्नाथ मंदिर के दर्शन कभी नहीं किये क्योंकि वह मुस्लिम परिवार में पैदा हुए हैं. मंदिर में केवल हिंदुओं को ही प्रवेश की अनुमति है. उन्होंने कहा, 'मैंने कभी मंदिर के दर्शन नहीं किये क्योंकि मुझे इसकी अनुमति नहीं है. एक इंसान होने के नाते मेरा मानना है कि ब्रह्माण्ड का रचनाकार एक ही है.'
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