ओडिशा में मुस्लिम और हिन्दू मिलकर मनाते हैं दुर्गा पूजा उत्सव

ओडिशा में मुस्लिम और हिन्दू मिलकर मनाते हैं दुर्गा पूजा उत्सव
हिन्दू-मुस्लिम ओडिशा में मिलकर मनाते हैं दुर्गा पूजा

दुर्गा पूजा (Durga Puja) उत्सव के समय हिन्दू और मुसलमान (Hindu and Muslim) सभी सांप्रदायिक अवरोधकों को तोड़कर देवी दुर्गा के सामने हाथ जोड़ते हैं.

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भुवनेश्वर. ओडिशा (Odisha) में खोरदा जिले के माणिकगड गांव में दुर्गा पूजा (Durga Puja) हमेशा से हिन्दू-मुस्लिम (Muslim and Hindu) एकता का प्रतीक रहती है, जहां दोनों समुदाय के लोग पांच दिवसीय उत्सव के दौरान अनुष्ठानों में हिस्सा लेते हैं.

गांव में रहने वाले अब्दुल जे खान ने बताया कि दोनों धर्मों के लोग सदियों से मिलकर उत्साह के साथ उत्सव मनाते आ रहे हैं. हिन्दू और मुसलमान सभी सांप्रदायिक अवरोधकों को तोड़कर देवी दुर्गा के सामने हाथ जोड़ते हैं. यह 300 साल से ज्यादा की परंपरा है. हमारे दलपति (मुस्लिम समुदाय का मुखिया) भी अपराजिता पूजा में हिस्सा लेता है. अपराजिता देवी दुर्गा का एक रूप है.

खान ने बताया कि पहले दलपति दुर्गा मंडप में पूजा के लिए अपनी तलवार देते थे. गांव निवासी और शोधार्थी बाल्मिका बलियारसिंह ने बताया कि माणिकगड के मुस्लिम प्राचीन समय में मुख्यत: सैनिक के तौर पर सेवा देते थे. दुर्गा पूजा के दौरान सशस्त्र पूजा होती है और हिन्दू वार्षिक उत्सव के दौरान मुस्लिमों को आमंत्रित करते हैं.



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