घर पर ही कोरोना टेस्ट वाली किट CoviSelf का उत्पादन होगा और तेज, हर हफ्ते बनेगी 10 करोड़ यूनिट- MyLab के सीईओ

रैपिड एंटीजेन टेस्ट करने वाली टेस्ट किट 'कोविसेल्फ' (फोटो- एएनआई)

रैपिड एंटीजेन टेस्ट करने वाली टेस्ट किट 'कोविसेल्फ' (फोटो- एएनआई)

घर बैठे ही कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिए किट CoviSelf तैयार करने वाली मायलैब डिस्कवरी सॉल्यूशन्स ने कहा कि वह हर हफ्ते 10 करोड़ यूनिट बनाने की क्षमता विकसित कर लेगी.

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मुंबई. भारतीय डायग्नोस्टिक्स कंपनी मायलैब डिस्कवरी सॉल्यूशंस (Mylab) ने शुक्रवार को कहा कि अगले कुछ महीनों में मांग के आधार पर घर पर ही कोरोना की जांच किट के उत्पादन को 10 करोड़ यूनिट प्रति सप्ताह करने की क्षमता विकसित करेगी. मायलैब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल पाटिल ने कहा कि कंपनी द्वारा निर्मित टेस्ट किट में सरकारी एजेंसियों और कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है. पाटिल ने कहा, 'बिना किसी तकनीकी विशेषज्ञता के कोई भी व्यक्ति जांच कर सकता है और हमारा उद्देश्य कि यह गांवों तक भी पहुंचे.'

विशेषज्ञों का दावा है कि ग्रामीण इलाकों में टेस्टिंग के अभाव में देश में संक्रमण और मौतें आधिकारिक अनुमान से पांच से 10 गुना अधिक हो सकती हैं. पाटिल ने कहा कि कंपनी अगले दो हफ्तों में साप्ताहिक उत्पादन को 1 करोड़ तक बढ़ा सकती है और अगले चार से छह सप्ताह में मांग के आधार पर 10 करोड़ तक पहुंचने की क्षमता विकसित कर लेगी.

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घर में खुद से जांच सुविधा उपलब्ध कराने वाली इस किट को ‘कोविसेल्फ’ (CoviSelf) कहा गया है और यह संक्रमण के लक्षण दिखाने वाले मरीजों में 15 मिनट के भीतर जांच परिणाम दिखा सकता है. जांच क्षमता को बढ़ाने के क्रम में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने इस किट को मंजूरी दे दी है. इसकी प्रति यूनिट कीमत 250 रुपये है. इसके जरिए यह भी सुनिश्चित हो सकेगा कि मरीज जल्द से जल्द आइसोलेशन में रहना शुरू कर दे और संक्रमण का प्रसार इस तरह कम हो सके.
एक दिन में हो रहा है 10 लाख यूनिट का उत्पादन

बीते दिनों इस कंपनी के सह-संस्थापक और निदेशक श्रीकांत पटोले ने कहा था, ‘हम लोनावाला में अपने केंद्र में 10 लाख यूनिट का उत्पादन एक दिन में कर रहे हैं. अगले 10 दिन में हमारे पास एक करोड़ यूनिट बनकर तैयार जाएगी और तब इसे हम राष्ट्रीय स्तर पर एक जून को जारी करेंगे. इस भंडारण का मक़सद है कि जब यह जारी हो तो लोगों को उपलब्ध हो सके.’ पटोले ने बताया कि कंपनी के पास पर्याप्त मात्रा में इसके निर्माण से संबंधित कच्चा माल मौजूद है और अगले पखवाड़े तक रोजाना उत्पादन को 15 लाख यूनिट तक बढ़ाया जाएगा.




उन्होंने बताया कि इस तरह के किट बनाने का काम धीमा पड़ गया था क्योंकि महामारी की पहली और दूसरी लहर के बीच मामलों की संख्या में ठहराव सा आ गया था, लेकिन कंपनी ने दूसरी लहर के बाद इस संबंध में अपने प्रयास बेहद तेज कर दिए और अगर तीसरी लहर से देश प्रभावित होता है तो यह उत्पाद बेहद उपयोगी होगा.

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