हड़प्पा के बीच से बहने वाली नदी सरस्वती थी? वैज्ञानिकों की खोज में सामने आए चौंकाने वाले नतीजे

हड़प्पा के बीच से बहने वाली नदी सरस्वती थी? वैज्ञानिकों की खोज में सामने आए चौंकाने वाले नतीजे
सरस्वती नदी की सांकेतिक तस्वीर (क्रेडिट: यूट्यूब)

हड़प्पा सभ्यता (Harappan Civilisation) के अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों (Scientist) ने पाया कि घग्गर नदी (Ghaggar River) के बदलने का समय हड़प्पा के पूर्व और शुरुआती हड़प्पा सभ्यता के समय से मेल खाता है और इसी के किनारे इस दौर की हड़प्पा सभ्यता फली-फूली.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 24, 2019, 7:59 AM IST
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(अनिरुद्धा घोषाल)

नई दिल्ली. घग्गर नदी (Ghaggar River), जहां शुरुआती हड़प्पा सभ्यता (Harappan Civilisation) की बसावट हुई वह कभी बड़ी, स्थायी और हमेशा पानी वाली नदी हुआ करती थी. एक हालिया स्टडी में इसके 'स्पष्ट सुबूत' मिले हैं. इस स्टडी में यह दावा भी किया गया है कि इसी नदी को बाद में पौराणिक सरस्वती नदी (Saraswati River) के नाम से जाना गया.

यह हाइपोथिसिस कि वर्तमान की घग्गर-हकरा नदी प्रणाली (Ghaggar-Hakra river system) जो कि भारत और पाकिस्तान के बीच टूटी हुई बहती है. यही सरस्वती नदी हो सकती है, जिसका जिक्र ऋग्वेद (Rig Veda) में किया गया है.



हड़प्पा के दौर से ही नदी में ज्यादातर मानसून के दौरान ही रहता था पानी
19वीं शताब्दी से ही इसका कई दफा जिक्र होता है. हालांकि, सभ्यता के चरम के दौरान बिना रुके लगातार बहने के कोई सुबूत सामने नहीं आए हैं. लेकिन यह तर्क दिया जाता है कि हड़प्पा सभ्यता अपनी पानी की जरूरतों के लिए ज्यादातर मानसूनी बारिश (Monsoonal Rains) पर ही निर्भर थी.

'साइंटिफिक रिपोर्ट्स' नाम के एक जर्नल में 20 नवंबर को प्रकाशित अहमदाबाद की फिजिकल रिसर्च लेबोरैटरी और आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) के डिपार्टमेंट ऑफ अर्थ साइंसेज की संयुक्त स्टडी के मुताबिक यह दावा किया गया है. इस स्टडी में कहा गया है कि इस बात के 'स्पष्ट सुबूत' हैं कि कभी घग्गर सालभर लगातार बहती थी. इसका पता उन्होंने नदी की तलहटी के 300 किमी भाग में आए अस्थायी परिवर्तनों का अध्ययन करके लगाया है.

घग्गर को ही बाद में सरस्वती के नाम से जाना गया
उन्होंने यह तर्क दिया कि घग्गर की सुधरी हुई सालभर बहने की परिस्थितियों के चलते इसे सरस्वती (Saraswati) से जोड़ा जा सकता है. यह भी संभावना है कि इसने ही हड़प्पा की शुरुआती बसावटें अपने किनारों पर बसने में सहयोग किया होगा.

इस स्टडी में यह भी तर्क दिया गया है कि हड़प्पा की शुरुआती बसावटें (Early Settlements) घग्गर नदी के एक ज्यादा पानी वाले भाग के किनारे 9000 से 4500 साल पहले बसीं. इसी घग्गर को बाद में सरस्वती नदी के नाम से जाना गया. लेकिन जैसे-जैसे सभ्यता विकसित होती गई, नदी ने अपना ग्लेशियरों से आने वाला पानी खो दिया.

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