कोरोना वायरस के साथ अब नगालैंड में बढ़ा ‘स्क्रब टाइफस’ का खतरा

नगालैंड में बढ़ा ‘स्क्रब टाइफस’ का खतरा
नगालैंड में बढ़ा ‘स्क्रब टाइफस’ का खतरा

स्क्रब टाइफस (Scrub typhus) बीमारी ओरियेंटिया सुटसुगमुशी नामक जीवाणु से होती है. यह एक प्रकार की संक्रमित घुन के काटने से होती है. इसके प्रमुख लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द और त्वचा पर चकत्ते पड़ना है.

  • भाषा
  • Last Updated: September 19, 2020, 7:17 PM IST
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कोहिमा. कोविड-19 (Corona virus) महामारी के बीच नगालैंड (Nagaland) के नोकलाक जिला प्रशासन ने जिले में ‘स्क्रब टाइफस’ (Scrub typhus) के प्रकोप की बात कही है. नोकलाक के उप संभागीय अधिकारी (सिविल) सी फुनियांग ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (नोकलाक) से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जिले में इस साल जनवरी से अब तक स्क्रब टाइफस के 618 मामले सामने आए हैं.उन्होंने कहा कि इस संक्रमण से पांच लोगों की मौत भी हो चुकी है.

स्क्रब टाइफस बीमारी ओरियेंटिया सुटसुगमुशी नामक जीवाणु से होती है. यह एक प्रकार की संक्रमित घुन के काटने से होती है. इसके प्रमुख लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द और त्वचा पर चकत्ते पड़ना है. एसडीओ ने जनता से इस तरह के किसी भी लक्षण की शिकायत पर स्वास्थ्य अधिकारियों से संपर्क करने को कहा है.





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कोरोना और डेंगू के ​बीच अब पहाड़ी इलाकों में स्क्रब टाइफस बीमार का खतरा बढ़ता जा रहा है. स्क्रब टाइफस एक जीवाणुजनित संक्रमण है जो लोगों की मौत की बड़ी वजह बनता है. इसके लक्षण काफी हद तक चुकनगुनिया से मेल खाते हैं. ये बीमारी इतनी खतरनाक है कि किसी की जान तक जा सकती है. इससे बचने के लिए कपड़ों और बिस्तर आदि पर परमेथ्रिन और बेंजिल बेंजोलेट का छिड़काव करना चाहिए. इसके अलावा अगर किसी इंसान में इसके लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए.
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