नागपुर: लॉकडाउन में ठप हुआ व्यापार तो ये बिजनेसमैन करने लगे गाड़ियों की चोरी

नागपुर: लॉकडाउन में ठप हुआ व्यापार तो ये बिजनेसमैन करने लगे गाड़ियों की चोरी
लॉकडाउन में व्यापार ठप होने के बाद दो व्यापारी वाहनों की चोरी करने लगे (सांकेतिक फोटो)

नागपुर पुलिस (Nagpur Police) ने मोनिश ददलानी (27) और विवेक सेवक गुमनानी (22) को गिरफ्तार (arrest) कर उनके पास से चोरी के दस दोपहिया वाहन (two wheeler vehicle) बरामद किये जिनकी कीमत लगभग तीन लाख रुपये है.

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नागपुर. कोविड-19 महामारी (Covid-19) ने न सिर्फ वैश्विक स्वास्थ्य (Global Health) के लिए गंभीर समस्या (Serious Problem) खड़ी कर दी है बल्कि एक बड़ी आर्थिक त्रासदी (Major Economic Tragedy) भी खड़ी कर दी है. कोविड-19 से जन्मी आर्थिक त्रासदी से जुड़ी एक ऐसी ही घटना महाराष्ट्र (Maharashtra) के नागपुर (Nagpur) से सामने आई है. जिसमें कुछ महीनों पहले अपने व्यवसायों का विस्तार करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे दो व्यवसायियों ने कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) से उत्पन्न वित्तीय संकट के बाद दोपहिया वाहनों को चुराना शुरू कर दिया.

सदर पुलिस थाने के निरीक्षक महेश बनसोदे ने रविवार को बताया कि नागपुर पुलिस (Nagpur Police) ने मोनिश ददलानी (27) और विवेक सेवक गुमनानी (22) को गिरफ्तार (arrest) कर उनके पास से चोरी के दस दोपहिया वाहन (two wheeler vehicle) बरामद किये जिनकी कीमत लगभग तीन लाख रुपये है. उन्होंने बताया कि इन दोनों ने लॉकडाउन (Lockdown) के कारण व्यवसाय चौपट होने और ऋणों का भुगतान (Repayment of debts) नहीं कर पाने की वजह से दोपहिया वाहनों की चोरी करना शुरू कर दिया था.

चालू वित्त वर्ष 2020-21 में 7 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच सकता है राजकोषीय घाटा
वहीं देश पर भी लॉकडाउन की भारी मार पड़ी. देश का राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2020-21 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 7 प्रतिशत पर पहुंच जाने का अनुमान है. जबकि बजट में इसके 3.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है. ब्रिकवर्क रेटिंग्स ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि कोविड-19 महामारी और उसकी रोकथाम के लिये लगाये गये ‘लॉकडाउन’ से आर्थिक गतिविधियों के प्रभावित होने व राजस्व संग्रह में कमी को देखते राजकोषीय घाटा बढ़ने की आशंका है.
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रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘लॉकडाउन से आर्थिक गतिविधियों पर प्रभाव चालू वित्त वर्ष के पहले तीन महीने में राजस्व संग्रह में झलकता है.’’ महालेखा नियंत्रक (सीजीए) के आंकड़े के अनुसार केंद्र सरकार का राजस्व संग्रह चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले काफी कम रहा.
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