सूखी झील में निकली नंदी की प्रतिमा, लोग मान रहे भोलेनाथ का चमत्कार

भगवान शिव की सवारी माने जाने वाले नंदी बैल की प्राचीन प्रतिमाओं को लेकर दावा किया जा रहा है कि ये 16वीं और 17वीं शताब्दी की हैं.

News18Hindi
Updated: July 19, 2019, 6:40 PM IST
सूखी झील में निकली नंदी की प्रतिमा, लोग मान रहे भोलेनाथ का चमत्कार
सूखी झील से नंदी की प्रतिमाओं को निकालने के लिए लोगों ने जेसीबी की भी मदद ली.
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Updated: July 19, 2019, 6:40 PM IST
कर्नाटक के मैसूर में सैकड़ों साल पुरानी नंदी बैल की प्रतिमा चर्चा का विषय बनी हुई है. भगवान शिव की सवारी माने जाने वाले नंदी बैल की दो प्रतिमाएं एक झील में खुदाई के दौरान निकल आई. लोग इसे भोलेनाथ का चमत्कार मान रहे हैं. इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं.

सैकड़ों साल पुरानी इन प्रतिमाओं को झील से निकालने का काम स्थानीय लोगों ने ही किया है. दरअसल, सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि मैसूर से करीब 20 किलोमीटर दूर अरासिनाकेरे गांव में कुछ बुजुर्ग झील में नदीं की मूर्ति होने की बात किया करते थे. उनका कहना था कि जब झील में पानी कम होता है तो नंदी का सिर नजर आता है. बुजुर्गों की इन्हीं बातों की सच्चाई जानने के लिए स्थानीय लोगों ने मन बनाया और इस बार जब झील में पानी सूख गया तो खुदाई शुरू कर दी.

गांव वालों ने 4-5 दिन की खुदाई
स्थानीय खबरों के मुताबिक, नंदी की प्रतिमा ढूंढने के लिए गांव वालों ने तीन से चार दिन तक लगातार झील में खुदाई की. इसमें जेसीबी मशीन की मदद भी ली गई. वहीं, लगभग चार दिन की खुदाई के बाद नंदी बैल की दो प्रतिमाएं निकल आईं. इसके बाद यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई.

झील में खुदाई करने के बाद निकली नंदी की प्रतिमा


लोग मान रहे भगवान शिव का चमत्कार
पुरातत्व विभाग के अधिकारी भी मौके पर जांच करने पहुंच गए. भगवान शिव की सवारी माने जाने वाले नंदी बैल की प्राचीन प्रतिमाओं को लेकर दावा किया जा रहा है कि ये 16वीं और 17वीं शताब्दी की हैं. सावन के महीने में लोग इसे भगवान शिव का चमत्कार मान रहे हैं.
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First published: July 19, 2019, 6:37 PM IST
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