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Bhabanipur By-poll: नंदीग्राम को है भवानीपुर के रिजल्ट का इंतजार, कइयों को ममता बनर्जी की जीत की उम्मीद

Bhabanipur By-poll: नंदीग्राम को है भवानीपुर के रिजल्ट का इंतजार, कइयों को ममता बनर्जी की जीत की उम्मीद

बंगाल चुनाव 2021 में ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट से हार का सामना करना पड़ा था. (फाइल फोटो)

बंगाल चुनाव 2021 में ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट से हार का सामना करना पड़ा था. (फाइल फोटो)

Bhabanipur By-poll: ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को चार महीने पहले विधानसभा चुनावों में नंंदीग्राम सीट पर बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था. ऐसे में एक बार फिर उन्हें अपने गढ़ भवानीपुर वापिस लौटना पड़ा है.

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  • News18Hindi
  • Last Updated :

    (कमलिका सेनगुप्ता)
    नंदीग्राम.
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) में अब सबकी निगाहें भवानीपुर के उपचुनाव (Bhabanipur By-poll) पर हैं, जिसकी जड़ें नंदीग्राम (Nandigram) से जुड़ी हुई हैं. नंदीग्राम ही वह इलाका है, जहां चार महीने पहले बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को विधानसभा चुनावों में बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा. ऐसे में ममता बनर्जी को एक बार फिर अपने गढ़ भवानीपुर वापिस लौटना पड़ा है, जहां से वह उपचुनाव लड़ रही हैं, ताकि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बनी रह सकें. ऐसे में ये जानना रोचक हो जाता है कि ममता बनर्जी को 1956 वोट से मात देने वाला नंदीग्राम, मुख्यमंत्री की सियासी प्रतिष्ठा की लड़ाई बने भवानीपुर उपचुनाव के बारे में क्या सोचता है? ये जानने के लिए न्यूज18 ने नंदीग्राम का दौरा किया और पाया कि नंदीग्राम का चुनावी खुमार अभी भी उतरा नहीं है. विधानसभा क्षेत्र के प्रवेश द्वार चांदीपुर में बीजेपी और टीएमसी के बैनर्स अभी भी हवा में टंगे हैं और नंदीग्राम पहुंचने वाले लोगों का स्वागत कर रहे हैं.

    नंदीग्राम में चाय की दुकान चलाने वाले एक व्यक्ति ने स्वीकार किया कि इलाके में अब भी चुनावी तनाव बरकरार है. नाम न बताने की शर्त पर उन्होंने कहा, ‘अब बहुत ज्यादा लोग सियासी पाला बदल रहे हैं. लेकिन हम गरीब लोग हैं. पता नहीं कि हमारा क्या होगा. क्या यहां विकास योजनाएं धरातल पर उतरेंगी या नहीं?’ चाय वाले के अलावा अन्य लोग भी उलझन के शिकार हैं. ज्यादातर चाय की दुकानों और अड्डों पर भवानीपुर उप-चुनाव की चर्चा है. लोग भवानीपुर में जीत के अंतर की चर्चा कर रहे हैं, वहीं कुछ इस सोच में भी हैं कि भवानीपुर में भी ‘खेला’ हो सकता है.

    नंदीग्राम में सुवेंदु अधिकारी द्वारा बनाए गए सहायता केंद्र में ऑफिस कर्मचारियों ने कहा कि वे लोगों की मदद करते वक्त पार्टी का रंग नहीं देखते हैं. उन्होंने कहा, ‘किसी भी पार्टी से कोई भी आए. हमारे विधायक सबकी मदद करते हैं. हम सबके लिए हैं. टीएमसी हमारे कार्यकर्ताओं को अपनी ओर खींच रही है, लेकिन हम लड़ रहे हैं.’ बीजेपी के पूर्वी मेदिनीपुर के जिला उपाध्यक्ष प्रलय पाल विधायक सहायता केंद्र का हर रोज दौरा करते हैं, ये वही प्रलय पाल हैं, जिनके साथ मुख्यमंत्री की बातचीत का ऑडियो चुनावों के दौरान वायरल हो गया था, जिसमें ममता बनर्जी ने प्रलय से मदद मांगी थी.

    ‘भवानीपुर में दोहराया जाएगा नंदीग्राम’
    न्यूज18 के साथ बातचीत में प्रलय ने कहा, ’16 अगस्त को खेला होबे दिवस के दिन उन्होंने मेरा हाथ तोड़ दिया. यही कर रहे हैं वे लोग. मैं काम पर नहीं जा सकता, क्योंकि वे किसी मामले में मुझे फंसा सकते हैं. हम जीते हैं और हमारी लड़ाई जारी रहेगी. सुवेन्दु अधिकारी हमारे नेता हैं. वे हम पर दबाव बना रहे हैं, लेकिन हम झुकेंगे नहीं. भवानीपुर में ममता बनर्जी को कड़ी टक्कर मिलेगी और नंदीग्राम का इतिहास वहां भी दोहराया जाएगा.’

    नंदीग्राम का बिरुलिया बाजार
    नंदीग्राम के बिरुलिया बाजार में ममता बनर्जी विधानसभा चुनावों के दौरान प्रचार करते वक्त चोटिल हो गई थीं, इसी चोट की वजह से उन्हें पूरा प्रचार व्हील चेयर पर करना पड़ा था. बिरुलिया बाजार में जहां ममता बनर्जी की कार खड़ी थी, उस जगह को अब टीएमसी के झंडों से लपेट दिया गया है. घटना के वक्त ममता बनर्जी को बर्फ के टुकड़े देने वाले मिठाई दुकानदार ने कहा, ‘पार्टी के लोगों ने ये झंडे यहां लगाए हैं. हमें अब भी बुरा लगता है कि उन्हें चोट लगी. अगर वह हमारी विधायक होतीं तो हमें ज्यादा फायदा मिलता. हम छोटे लोग हैं, लेकिन उम्मीद है कि भवानीपुर में वह बड़े अंतर से जीतेंगी.’

    बिरुलिया बाजार में ज्यादातर लोगों ने न्यूज18 से बातचीत में कहा कि ममता बनर्जी को अपने विधायक के रूप में ना पाकर उन्हें बुरा महसूस होता है. पुलिन दोलुई नामक एक व्यक्ति ने कहा, ‘हमें बुरा लगता है. एक मौका मिला था, जब दीदी को हम अपना विधायक चुन सकते थे. लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकता है. हमारी निगाहें भवानीपुर उपचुनाव पर हैं, जहां से वह रिकॉर्ड तोड़ वोटों से जीत हासिल कर सकती हैं.’ हालांकि एक स्थानीय पत्रकार ने कहा कि ये सभी लोग विधानसभा चुनावों के दौरान बीजेपी की ओर से बैटिंग कर रहे थे.

    नंदीग्राम में ‘दुआरे सरकार’
    क्या बंगाल चुनाव परिणाम ने लोगों की सोच बदल दी? सच्चाई ये है कि लोग राजनीति पर बात ही नहीं करना चाहते, और उनकी दलील है कि विधायक कोई भी हो, हालात नहीं बदलेंगे. बाराचीरा हाईस्कूल स्थित टीएमसी के दफ्तर जाते वक्त हमें अपनी कार बाहर ही रोकनी पड़ी, क्योंकि ‘दुआरे सरकार’ के तहत लोगों की बड़ी भीड़ टीएमसी सरकार के कैंप के बाहर सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए खड़ी थी. यहां मौजूद ज्यादातर लोगों ने कहा कि साजिश के चलते ममता बनर्जी को हार का सामना करना पड़ा. लोगों ने कहा, ‘हमें फायदा मिल रहा हैं. ये हमारा दुर्भाग्य था कि हम उन्हें अपना विधायक नहीं चुन पाए. भवानीपुर में हम उनकी जीत की कामना करते हैं.’

    ‘मुख्यमंत्री की प्रचंड जीत के लिए हवन’
    विधानसभा चुनाव के समय के माहौल को देखें तो परिस्थितियां बिल्कुल उलट हैं. चार महीने पहले नंदीग्राम के लोगों के बीच बीजेपी के समर्थन को आसानी से देखा जा सकता था. क्या यह बंगाल चुनाव में टीएमसी की जीत के बाद बदला जनमानस है? नंदीग्राम ब्लॉक 2 स्थित टीएमसी पार्टी ऑफिस में महादेव बाग ने कहा, ‘मैं यहां चुनाव प्रभारी था. मैंने यहां हवन किया है और देवी मां से प्रार्थना की है कि भवानीपुर से मुख्यमंत्री को प्रचंड जीत हासिल हो. जब तक ऐसा नहीं होता है, मैं लोगों को मुंह नहीं दिखा पाऊंगा.’ नंदीग्राम में मुख्यमंत्री के चीफ इलेक्शन एजेंट रहे शेख सूफियान ने भी कहा, ‘ये हमारे लिए शर्म की बात है. लेकिन भवानीपुर में हम बदला लेंगे. उन लोगों ने बाहुबल और पैसे का इस्तेमाल किया. चुनाव आयोग का इस्तेमाल किया. हमें पता है कि वीवीपैट से भी छेड़छाड़ की गई.’

    बायल के स्कूल एरिया स्थित बूथ नंबर 7 पर ममता बनर्जी वोटिंग के दिन दो घंटे बैठी रहीं, इलाके के लोग अब चुनाव के बारे में बात करने से हिचकिचाते हैं, स्कूल बंद हो गया है. टीएमसी नेता मानिक अली शाह बायल ने दलील दी कि मुख्यमंत्री को बूथ पर इसलिए बैठना पड़ा, क्योंकि सुरक्षा बल टीएमसी के पोलिंग एजेंट्स को अंदर नहीं जाने दे रहे थे. बायल ने कहा, ‘उन्होंने सबकुछ आजमाया. लेकिन हम अनलकी रहे. उम्मीद है कि भवानीपुर से दीदी फिर चुनी जाएंगी और हम करारा जवाब देंगे.’

    जांच में जुटी हैं राज्य और केंद्र की एजेंसियां
    चुनावों के दौरान टीएमसी कार्यकर्ता रबीन मन्ना की जान चली गई थी और उनका परिवार संकट में है. मन्ना के पिता मनोरंजन मन्ना ने अपने बेटे के लिए न्याय की उम्मीद जताते हुए मुख्यमंत्री की जीत की कामना की.’ बता दें कि सीआईडी और सीबीआई नंदीग्राम केस की जांच कर रही हैं. वहीं सीआईडी रबीन मन्ना केस और बिरुलिया ममता इंजरी केस की जांच कर रही है. सीबीआई चुनाव बाद हुई हिंसा की भी जांच कर रही है. इस मामले में देबाशीष मैती नाम के व्यक्ति की मौत हो गई थी और बलात्कार का एक कथित मामला भी है. हालांकि टीएमसी और बीजेपी के कार्यकर्ताओं को लगता है कि राज्य और केंद्र की एजेंसियों के हाथों उन्हें उत्पीड़न का शिकार होना पड़ेगा.

    हालांकि एक चीज साफ है और वो ये कि नंदीग्राम को भी भवानीपुर के चुनाव परिणाम का इंतजार है. नंदीग्राम के टीएमसी समर्थकों को भवानीपुर में ममता की जीत से राहत मिल सकती है. वहीं बीजेपी को उम्मीद है कि भवानीपुर में बीजेपी उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल अपनी प्रतिद्वंदी ममता बनर्जी के खिलाफ सुवेंदु अधिकारी की तरह उलटफेर कर सकती हैं. इसलिए भवानीपुर के चुनाव में सुवेन्दु अधिकारी की भूमिका अहम हो जाती है. हालांकि बाद में जनता का फैसला ही मायने रखता है. लेकिन, भवानीपुर के चुनावी परिणाम का असर नंदीग्राम में भी देखने को मिलेगा.

    Tags: Bhabanipur by poll, Mamata banerjee, Nandigram, Suvendu Adhikari, TMC Leader Mamata Banerjee, West bengal, नंदीग्राम, पश्चिम बंगाल, ममता बनर्जी, सुवेन्दु अधिकारी

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