लाइव टीवी

नारद मामला : CBI के सामने पेश नहीं हुए भाजपा नेता मुकुल रॉय, मिली एक दिन की मोहलत

भाषा
Updated: September 27, 2019, 8:12 PM IST
नारद मामला : CBI के सामने पेश नहीं हुए भाजपा नेता मुकुल रॉय, मिली एक दिन की मोहलत
मुकुल रॉय. (फाइल फोटो)

नारद टेप (Narada Tape) में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई नेताओं और आईपीएस (IPS) अधिकारियों को एक स्टिंग ऑपरेशन (Sting Operation) में कथित कारोबारी को लाभ पहुंचाने के एवज में रुपये लेते हुए दिखाया गया था. यह स्टिंग 2014 में किया गया था.

  • भाषा
  • Last Updated: September 27, 2019, 8:12 PM IST
  • Share this:
कोलकाता. भाजपा (BJP) नेता मुकुल रॉय शुक्रवार को सीबीआई (CBI) के समक्ष उपस्थित नहीं हुए. उन्होंने इसकी वजह पूर्व निर्धारित व्यस्तताओं को बताया है. केंद्रीय एजेंसी ने नारद स्टिंग ऑपरेशन (Narada Sting Operation) के सिलसिले में पूछताछ के लिए रॉय को समन भेजा था.

सूत्रों के मुताबिक पूर्व रेलमंत्री (Former Railway Minister) रॉय ने पेश होने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से और समय देने की मांग की है. उन्होंने बताया, "रॉय ने सीबीआई को सूचना दी कि पूर्व निर्धारित व्यस्तताओं के चलते वह आज उपस्थित होने में असमर्थ हैं. रॉय को अब शनिवार को जांच दल के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा गया है."

IPS अधिकारी मिर्जा हो चुके हैं गिरफ्तार
एजेंसी ने गुरुवार को मामले में वरिष्ठ आईपीएस (IPS) अधिकारी एसएमएच मिर्जा को गिरफ्तार किया था. 2016 में टेप सामने आने के बाद यह पहली गिरफ्तारी है. 2016 के पश्चिम बंगाल (West Bengal) विधानसभा चुनाव से पहले जारी किये गये फुटेज में तृणमूल कांग्रेस ( TMC) के वरिष्ठ नेताओं जैसे दिखने वाले व्यक्ति और मिर्जा एक फर्जी कंपनी को लाभ पहुंचाने के एवज में उसके प्रतिनिधियों से रुपये लेते देखे गये थे.

रॉय उस समय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद थे और कथित रूप से उन्हें मैथ्यू सैमुअल के साथ बातचीत करते हुए देखा गया था, जिसने 2014 में स्टिंग ऑपरेशन (Sting Operation) करने का दावा किया था. सीबीआई (CBI) को अभी भी फुटेज की प्रमाणिकता जांचने के लिए रॉय की आवाज के नमूने की जांच करनी है.

क्‍या है नारद टेप केस 
नारद टेप में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई नेताओं और आईपीएस (IPS) अधिकारियों को एक स्टिंग ऑपरेशन में कथित कारोबारी को लाभ पहुंचाने के एवज में रुपये लेते हुए दिखाया गया था. वैसे तो यह स्टिंग 2014 में किया गया था, लेकिन इसका वीडियो पश्चिम बंगाल (West Bengal) विधानसभा चुनाव से पहले 2016 में एक न्‍यूज पोर्टल पर अपलोड किए गए थे. यह वीडियो सामने आने के बाद राज्‍य की राजनीति में भूचाल आ गया था.यह मामला जब कोलकाता हाईकोर्ट पहुंचा तो जांच सीबीआई के हाथ में आ गई. इस मामले पर सीबीआई ने तृणमूल कांग्रेस के 12 नेताओं पर मामा दर्ज किया था. इसके अलावा वरिष्‍ठ आईपीएस अधिकारी एसएमएच मिर्जा पर भी मामला दर्ज किया गया था.

 ये भी पढ़ें-  VIDEO : घुसपैठ कर रहे आतंकियों को सेना के जवानों ने खदेड़ा, पाक सीमा की ओर भागे आतंकी

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 27, 2019, 8:04 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर