Narada Sting Case: तृणमूल नेताओं की जमानत पर कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई कल, CBI ने किया था गिरफ्तार

कलकत्ता उच्च न्यायालय.

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Narada Sting Case: नारद टीवी न्यूज चैनल के मैथ्यू सैमुअल ने 2014 में कथित स्टिंग ऑपरेशन किया था जिसमें तृणमूल कांगेस के मंत्री, सांसद और विधायक लाभ के बदले में एक कंपनी के प्रतिनिधियों से कथित तौर पर धन लेते नजर आए.

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कोलकाता. नारद स्टिंग ऑपरेशन के मामले में तृणमूल कांग्रेस के दो मंत्रियों व एक विधायक के साथ पार्टी के पूर्व नेता के जमानत पर कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अगुआई में कलकत्ता उच्च न्यायालय की दो जजों की बेंच बुधवार को सुनवाई करेगी. इसके साथ ही अदालत सीबीआई के उस आवेदन पर भी अपना फैसला सुनाएगी जिसमें नारद घोटाले की जांच को राज्य से बाहर ट्रांसफर करने की बात कही गई है.


सीबीआई की विशेष अदालत ने इस मामले में टीएमसी के नेता फिरहाद हाकिम, सुब्रत मुखर्जी, विधायक मदन मित्रा, पूर्व टीएमसी नेता एवं कोलकाता के पूर्व महापौर शोभन चटर्जी को सोमवार को जमानत दे दी थी, लेकिन कलकत्ता उच्च न्यायालय ने जल्द ही निचली अदालत के आदेश के अमल पर रोक लगा दी.

उच्च न्यायालय ने 16 अप्रैल 2017 को स्टिंग ऑपरेशन की जांच सीबीआई को करने के निर्देश दिए थे. बाद में एक विशेष अदालत ने तृणमूल कांग्रेस के नेता और राज्य के मंत्रियों फिरहाद हाकिम तथा सुब्रत मुखर्जी, पार्टी विधायक मदन मित्रा और पार्टी के पूर्व नेता तथा कोलकाता के पूर्व मेयर शोभन चटर्जी को जमानत दे दी. सीबीआई ने चारों नेताओं और आईपीएस अधिकारी एसएमएच मिर्जा के खिलाफ अपना आरोप-पत्र दाखिल किया था. मिर्जा इस समय जमानत पर हैं.

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क्या है नारद स्टिंग मामला

नारद टीवी न्यूज चैनल के मैथ्यू सैमुअल ने 2014 में कथित स्टिंग ऑपरेशन किया था जिसमें तृणमूल कांगेस के मंत्री, सांसद और विधायक लाभ के बदले में एक कंपनी के प्रतिनिधियों से कथित तौर पर धन लेते नजर आए. जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि फिरहाद हाकिम को स्टिंग ऑपरेशन करने वाले से पांच लाख रुपये रिश्वत लेने की बात स्वीकार करते हुए देखा गया, जबकि मदन मित्रा और सुब्रत मुखर्जी को कैमरे पर पांच-पांच लाख रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया. शोभन चटर्जी को स्टिंग करने वाले से चार लाख रुपये लेते हुए देखा गया. सीबीआई के अनुसार आईपीएस अधिकारी एसएमएच मिर्जा को भी कैमरे पर पांच लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया.


2017 में दर्ज सीबीआई की FIR में 13 लोगों के नाम



यह टेप पश्चिम बंगाल में 2016 के विधानसभा चुनाव के ठीक पहले सार्वजनिक हुआ था. हालांकि, चुनाव पर इसका असर नहीं पड़ा और ममता बनर्जी की सत्ता में वापसी हुई. सीबीआई ने 16 अप्रैल 2017 को दर्ज प्राथमिकी में 13 लोगों को नामजद किया है जिनमें वर्ष 2014 के ममता बनर्जी सरकार में मंत्री रहे तृणमूल नेता हाकिम, मुखर्जी, मित्रा और चटर्जी शामिल हैं. हाकिम और मुखर्जी हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में दोबारा जीते हैं, जबकि चटर्जी तृणमूल छोड़ भाजपा में शामिल हो गए. अधिकारियों ने बताया कि आठ आरोपियों पर मामला चलाने की मंजूरी अब तक नहीं मिली है क्योंकि वे सभी संसद सदस्य हैं. उच्च न्यायालय ने 16 अप्रैल 2017 को ही स्टिंग ऑपरेशन की जांच सीबीआई को करने के निर्देश दिए थे.

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