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नारदा घोटाला: TMC ने पूछा- मुकुल रॉय और शुभेंदु अधिकारी पर कार्रवाई क्‍यों नहीं?

ममता बनर्जी हमेशा से इसे बीजेपी की साजिश कहती रही हैं और इस पूरे मामले को बदले की कार्रवाई बताया है. (File pic)

सीबीआई (CBI) ने नारदा घोटाले (Narda Scam) में शामिल होने के आरोप में TMC के चार नेताओं को गिरफ्तार किया है. इनमें मंत्री फिरहाद हाकिम, सुब्रत मुखर्जी, विधायक मदन मित्रा और शोभन चटर्जी शामिल हैं.

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    नई दिल्‍ली. पश्चिम बंगाल (West Bengal) में सोमवार को सीबीआई (CBI) ने नारदा घोटाले (Narda Scam) में शामिल होने के आरोप में सत्‍तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चार नेताओं को गिरफ्तार किया है. इनमें मंत्री फिरहाद हाकिम, सुब्रत मुखर्जी, विधायक मदन मित्रा और शोभन चटर्जी शामिल हैं. सोमवार को सुबह सीबीआई ने पहले इनके घरों पर छापेमारी की. इसके बाद उन्‍हें अपने साथ ऑफिस ले गई. इस पर टीएमसी की ओर से कुछ सवाल उठाए गए हैं.

    टीएमसी ने पूछा है कि नारदा स्टिंग केस में सिर्फ उसके नेताओं पर ही कार्रवाई क्‍यों हो रही है? टीएमसी से बीजेपी में गए मुकुल रॉय और शुभेंदु अधिकारी पर कार्रवाई क्‍यों नहीं हो रही है. वहीं टीएमसी नेता डोला सेन ने इस कार्रवाई को बदले की भावना से प्रेरित बताया है.



    टीएमसी नेता डोला सेन ने कहा कि सीबीआई ने बिना स्‍पीकर की अनुमति के विधायक और मंत्रियों को गिरफ्तार किया है. ऐसे में कोई भी कानून का पालन नहीं कर रहा है. यह बदले की भावना के चलते किया गया है. इस पर बीजेपी नेता बाबुल सुप्रियो ने पलटवार करते हुए इस कार्रवाई के पीछे कानून का हवाला दिया है. उनका कहना है कि जो भी कार्रवाई की जा रही है, वो कोर्ट के आदेश पर की जा रही है.





    नारदा स्टिंग मामले में कुछ नेताओं द्वारा कथित तौर पर धन लिए जाने के मामले का खुलासा हुआ था. अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि केंद्रीय जांच एजेंसी स्टिंग टेप मामले में अपना आरोपपत्र दाखिल करने वाली है.

    चारों नेताओं को सोमवार सुबह कोलकाता के निजाम पैलेस में सीबीआई कार्यालय ले जाया गया. इन नेताओं की गिरफ्तारी की खबरें आने के तुरंत बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने नेताओं के साथ सीबीआई कार्यालय पहुंच गईं.

    हाकिम, मुखर्जी, मित्रा और चटर्जी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी लेने के लिए सीबीआई ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ का रुख किया था. 2014 में कथित अपराध के समय ये सभी मंत्री थे. धनखड़ ने चारों नेताओं के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी थी जिसके बाद सीबीआई अपना आरोपपत्र तैयार कर रही है और उन सबको गिरफ्तार किया गया. कलकत्ता हाईकोर्ट ने स्टिंग ऑपरेशन के संबंध में मार्च 2017 में सीबीआई जांच का आदेश दिया था.