जम्मू-कश्मीर का भूगोल बदलने के बाद मोदी सरकार अब शुरू करेगी इस प्लान B पर काम

सूत्रों के मुताबिक, कश्मीर में आर्थिक विकास के लिए इनवेस्टमेंट समिट का प्लान है. सूत्रों की मानें तो अक्टूबर में श्रीनगर में एक बड़ा इनवेस्टमेंट समिट ऑर्गनाइज़ किया जाएगा, जिसमें देश के जाने-माने कारोबारी शिरकत करेंगे.

News18Hindi
Updated: August 6, 2019, 12:47 PM IST
जम्मू-कश्मीर का भूगोल बदलने के बाद मोदी सरकार अब शुरू करेगी इस प्लान B पर काम
अक्टूबर में श्रीनगर में एक बड़ा इनवेस्टमेंट समिट ऑर्गनाइज़ किया जाएगा.
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Updated: August 6, 2019, 12:47 PM IST
मोदी सरकार ने सोमवार को ऐतिहासिक फैसला लेते हुए जम्मू-कश्मीर का भूगोल बदल दिया. सरकार ने राज्य को स्पेशल स्टेटस देने वाले संविधान के आर्टिकल 370 के एक खंड को छोड़कर बाकी सभी खंडों को खत्म कर दिया है. स्पेशल स्टेटस छीनने के साथ ही जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांट दिया गया है. अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश होंगे. इस फैसले के बाद केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर की आर्थिक सेहत सुधारने के लिए 'प्लान बी' भी तैयार कर लिया है. जल्द ही इसपर काम शुरू कर दिया जाएगा.

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सूत्रों के मुताबिक, कश्मीर में आर्थिक विकास के लिए इनवेस्टमेंट समिट का प्लान है. सूत्रों की मानें तो अक्टूबर में श्रीनगर में एक बड़ा इनवेस्टमेंट समिट ऑर्गनाइज़ किया जाएगा, जिसमें देश के जाने-माने कारोबारी शिरकत करेंगे. अब तक जम्मू-कश्मीर में रणबीर दंड संहिता लागू थी, जिसके कारण कोई भी बाहरी कश्मीर में न तो जमीन खरीद सकता था और न ही कारोबार कर सकता था, लेकिन आर्टिकल 370 को निष्क्रिय करने के बाद दूसरे राज्य को लोग भी कश्मीर में जमीन खरीद पाएंगे. कारोबारी प्लांट लगा पाएंगे.

इन क्षेत्रों में होगा काम

सरकार कश्मीर में रेलवे, रोड, हाइवे प्रोजेक्ट भी लाने जा रही है. फूड पार्क बनाने पर भी विचार किया जा रहा है. सूत्रों का कहना है कि सरकार आने वाले कुछ दिनों में कश्मीर में आर्थिक सुधार को लेकर बड़ा ऐलान कर सकती है.

दरअसल, भारत में जम्मू-कश्मीर पर्यटन के लिहाज से सबसे बेहतर राज्य है. लेकिन अब तक यहां पर्यटन को उस तरह से बढ़ावा नहीं मिल पाया है, जिस तरह का होना चाहिए. अब जब केंद्र की कोशिश से यहां से निवेश बढ़ेगा तो स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.


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निवेश की खुलेंगी राहें
सूत्रों ने बताया कि भारत के अन्य राज्यों में पढ़ाई व काम कर रहे कश्मीरी युवाओं की बड़ी आबादी को भारत के नागरिक के समान 'शक्ति और आत्मविश्वास' मिलेगा. साथ ही वे किसी विशेष नागरिक के तौर पर श्रेणीबद्ध नहीं किए जाएंगे.

कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने से निजी और सार्वजनिक निवेश के प्रवाह की राह आसान होगी. ऐसे में अर्थव्यवस्था का ग्राफ बढ़ेगा. उच्च गुणवत्ता वाले संस्थानों का विकास होगा. इन अल्प विकसित क्षेत्रों में पर्यटन के विकास के लिए भारी मात्रा में फंड आएगा.

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First published: August 6, 2019, 10:21 AM IST
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