PM मोदी ने किया बालासाहेब विखे पाटिल की आत्मकथा का विमोचन, कहा- उनके कार्य पीढ़ियों को प्रेरित करेंगे

पीएम मोदी ने किया बालासाहेब विखे पाटिल की आत्‍मकथा का विमोचन. (Pic- ANI)
पीएम मोदी ने किया बालासाहेब विखे पाटिल की आत्‍मकथा का विमोचन. (Pic- ANI)

पीएम मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटिल (Balasaheb Vikhe Patil) ने गरीबों, किसानों और ग्रामीणों का जीवन सुधारने के लिए काम किया है.

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  • Last Updated: October 13, 2020, 12:40 PM IST
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नई दिल्‍ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूर्व केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटिल (Balasaheb Vikhe Patil) की आत्मकथा का विमोचन किया. इसके साथ ही उन्‍होंने ‘प्रवर रूरल एजुकेशन सोसाइटी’ का नाम बदलकर 'लोकनेता डॉ. बालासाहेब विखे पाटिल प्रवर रूरल एजुकेशन सोसाइटी' रखने का ऐलान किया. इस दौरान उन्‍होंने कहा कि बालासाहेब विखे पाटिल द्वारा किए गए कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगे.

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटिल ने गरीबों, किसानों और ग्रामीणों का जीवन सुधारने के लिए काम किया है. बता दें कि बालासाहेब पाटिल कई बार लोकसभा के सदस्य रहे और 2016 में 84 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था.






पीएमओ के अनुसार पूर्व केंद्रीय मंत्री पाटिल की आत्मकथा का नाम 'देह वीचवा करणी' (अपना जीवन किसी नेक काम के लिए समर्पित करना) है और यह उपयुक्त शीर्षक है क्योंकि उन्होंने अपना पूरा जीवन कृषि और सहकारिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपने अनोखे कार्य के जरिए समाज के लाभ के लिए समर्पित कर दिया.

वहीं ‘प्रवर रूरल एजुकेशन सोसाइटी’ की स्थापना 1964 में अहमदनगर जिले के लोनी में की गई थी. इसका मकसद ग्रामीण जनता को विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करना और बालिकाओं को सशक्त बनाना था. यह संस्था छात्रों के शैक्षिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, शारीरिक और मनोवैज्ञानिक विकास के मुख्य मिशन के साथ काम कर रहा है.
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