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Opinion : देश की धार्मिक, आध्यात्मिक और पवित्र परंपरा को फिर से जगाने वाले पहले पीएम -नरेंद्र मोदी

Opinion : देश की धार्मिक, आध्यात्मिक और पवित्र परंपरा को फिर से जगाने वाले पहले पीएम -नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. ( फाइल फोटो )

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. ( फाइल फोटो )

पीएम मोदी से एक सवाल पूछा गया कि क्या वो धार्मिक हैं तो झट से महज एक लाईन का जवाब आया कि वो स्पीरिचुअल हैं. 13 दिसंबर को जब वो काशी विश्वनाथ कॉरीडोर का उद्घाटन कर रहे थे तो एक बात साफ हो गयी है कि वो पूरे भारत में प्राचीन धार्मिक, सांस्कृतिक विरासत और धरोहर रहे मंदिरों का जीर्णोद्धार कर उन्हें अपनी पुरानी गरिमा वापस दिला रहे कर देश के Spiritual awakening का काम में किस तरह से सफल हो रहे हैं.

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नई दिल्‍ली . अरसा बीत गया एक बात भूलाए नहीं भूलती—पीएम मोदी (PM Modi) से हम मिले थे. बातचीत के दौर में पीएम मोदी से एक सवाल पूछा गया कि क्या वो धार्मिक हैं तो झट से महज एक लाईन का जवाब आया कि वो स्पीरिचुअल हैं. 13 दिसंबर को जब वो काशी विश्वनाथ कॉरीडोर का उद्घाटन कर रहे थे तो एक बात साफ हो गयी है कि वो पूरे भारत में प्राचीन धार्मिक, सांस्कृतिक विरासत और धरोहर रहे मंदिरों का जीर्णोद्धार कर उन्हें अपनी पुरानी गरिमा वापस दिला रहे कर देश के Spiritual awakening का काम में किस तरह से सफल हो रहे हैं.

20 साल पूरे हो चुके पीएम मोदी को सरकार का मुखिया बने हुए लेकिन इस भूमिका में उन्होंंने ऐसे कई मंदिरों के पुनर्निर्माण और जीर्णोद्धार का काम शुरु किया. इसलिए साफ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Prime Minister Narendra Modi )  केन्द्र में सत्ता संभालने से पहले से जानते थे कि 1000 साल के विदेशी आक्रांताओं के शासन में जो सभ्यता का संघर्ष चला, जो ज्यादतियां हुईं और इन सबके बीच भारत के इन पवित्र मंदिरों ने आस्था और धर्म को बचाए रखने और उसके फिर से उत्थान में बड़ी भूमिका निभायी है. इसलिए पीएम बनते ही नरेंद्र मोदी उनके पुनरोद्धार में लग गए. सनातन धर्म, सभ्यता और सांस्कृतिक परंपरा को पूरी दुनिया में फिर से स्थापित करने का काम पीएम मोदी ने किया है.

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पीएम मोदी के पहले केंद्र की सत्ता पर काबिज हुई सभी सरकारें पुनरोद्धार करना तो दूर उन कामोंं पर चर्चा तक नहीं करती थीं. पिछले कुछ दशकों में एक के बाद एक बनी केंद्र सरकारों का ऐसा नकारात्मक रवैया देश की प्राचीन अध्यात्मिक परंपरा को भी ठएस पहुंचायी. आजादी के बाद के इतिहास को खंगालें तो इसके पीछे भी एक ही मुख्य कारण था. सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए के एम मुंशी ने पहल की थी. उनके प्रयासों से ही एक प्रांत का मुद्दा राष्ट्रीय और हिंदू गौरव के रुप में दुनिया भर में जाना गया. उस दौर के सभी नेता जानते थे की तत्कालिन पीएम नेहरु मंदिरों के पुनर्निर्माण को पसंद नहीं करते थे. नेहरु ने के एम मुंशी को कहा था कि उन्हें सोमनाथ के जीर्णोद्धार की कोशिश अच्छी नहीं लगी क्योंकि इससे हिंदू धर्म फिर से जागृत होगा. लेकिन फिर भी सोमनाथ मंदिर बना और पहले राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद को उसके उद्घाटन में जाने से रोकने की नेहरु की कोशिश भी असफल रही. भव्य सोमनाथ मंदिर बना लेकिन मोदी के पीएम बनने तक सोमनाथ की तर्ज पर किसी भी मंदिर के जीर्णोद्धार का काम शुरु नहीं हो पाया.

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नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद स्थितियां बदलनी शुरु हो गयीं. पिछले 20 सालों में मोदी ने कई प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार का काम शुरु किया और उसे पूरा कर के दिखाया है. प्राचीन सांस्कृतिक धरोहरों, हमारी सभ्यता, संस्कृति के प्रतीक रहे इन मंदिरों के पुन: निर्माण का काम पीएम मोदी को महान हिंदू रानी अहिल्या बाई होल्कर की श्रेणी में डाल रहा है जिन्होंंने 18वींं सदी में मंदिरों के निर्माण और उनके जीर्णोद्धार का अभूतपूर्व कार्य किया था जो आने वाली पीढियों के लिए एक उदाहरण बना. अब हम बात करते हैं उन महत्वपूर्ण मंदिरों की जिनके जीर्णोद्दार का काम पीएम मोदी ने किया है

अयोध्या का राम मंदिर

जैसे ही 9 नवंबर, 2019 को 7 दशक पुराने राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया, पूरे देश का 500 साल पुराना सपना और हिंदू समाज की लड़ाई का अंत हो गया. इसी मंदिर के लिए अयोध्या के 105 गांवों के सूर्यवंशी क्षत्रियों ने पगड़ी और जूते पहनने की अपनी 500 साल पुरानी अपनी प्रतिज्ञा तोड़ दी. नरेन्द्र मोदी सरकार पूरी तेजी के साथ मंदिर निर्माण के काम पर आगे बढ़ी और पीएम मोदी ने खुद आ बढ़ कर अगस्त 2020 में इसकी आधारशिला रखी. अब अयोध्या और राम भक्त इस इंतजार में हैं कि जल्दी से जल्दी भव्य राम मंदिर का निर्माण पूरा हो जबकि सरकार ने अयोध्या को एक बड़े तीर्थस्थल के रुप में विकसित कर रही है जो दुनिया भर में अपनी भव्यता के लिए जाना जाए.

काशी विश्वनाथ कॉरीडोर

काशी को स्कंद पुराण में भगवान शिव ने खुद ही अपना शाही महल बताया है. एक ऐसी पवित्र नगरी जहां खुद बाबा विश्वनाथ रहते हैं. लेकिन अपनी इस तमाम धरोहरों के बावजूद दुनिया का सबसे पुराना शहर वाराणसी अपनी तंग और गंदी गलियों के रुप में भी जाना जाता था. महात्मा गांधी ने 1916 में अपनी वराणसी यात्रा के दौरान ये बातें कहीं थीं, जब वे बीएचयू का उद्घाटन करने आए थे. नरेन्द्र मोदी ने पीएम बनने के बाद से ही काशी को उसके स्तर के मुताबिक बुनियादी ढांचा देने का ऐलान कर दिया. 8 मार्च 2019 को पीएम मोदी ने काशी विश्वनाथ कॉरीडोर और मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार का काम शुरु कर दिया. पीएम मोदी ने आर्किटेकट से कहा कि एक ऐसा रास्ता बनाओ जिससे तीर्थ यात्रियों का मन प्रफुल्लित हो जाए. मंदिर के चारों ओर बने घरों से जिससे मंदिर परिसर से सीधा घाट दिखना बंद हो गया था. पीएम मोदी ने इसलिए बस यही मंत्र दिया कि दर्शन करने आए लोगों को घाट से पानी लेकर सीधा मंदिर में आना पड़े ऐसा रास्ता बनना चाहिए. पीएम मोदी हर वक्त इसके निर्माण कार्य की निगरानी करते रहे और जरुरी दिशा निर्देश जारी करते रहे. भूमि के अधिग्रहण में भी कोई मुकदमा नहीं हुआ जो एक बड़ी उपलब्धि थी. मंदिर के चारो तरफ इमारतों के गिराए जाने के बाद कम से कम 40 प्रचीन मंदिरों का भी पता चला जिनका जीर्णोद्दार किया गया. नजीता है है पूरी तरह से नया बना हुआ भव्य काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर. और वो पूरा हुआ भी रिक्रार्ड चार साल में.

सोमनाथ मंदिर परिसर

बतौर मुख्यमंत्री गुजरात, नरेन्द्र मोदी ने कई योजनाए शुरु की जिसके तहत मंदिरों के सौंदर्यिकरण से लेकर उनके पुनर्निर्माण का काम शुरु हुआ. चंद महीनों पहले ही पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर परिसर में ठीक समुद्र के किनारे एक प्रदर्शनी केन्द्र का उद्घाटन किया. पीएम मोदी की अध्यक्षता में सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट इस मंदिर के रख रखाव से लेकर इसकी भव्यता निखारने के सरदार पटेल और के एम मुँशी के सपने को अमली जामा पहना रहा है.

केदारनाथ धाम

मोदी सरकार ने केदारनाथ धाम के पुनर्विकास का बीड़ा उठाया. 2013 की भीषण आपदा से बर्बाद हुए केदारनाथ धाम की भव्यता को फिर से निखारा गया. फिर से बने केदारनाथ मंदिर परिसर का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि केदारनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण उनके लिए एक व्यक्तिगत लक्ष्य तो था ही लेकिन उन्हें  2013 और 2017 में उत्तराखंड की जनता को किया गया अपना वादा भी याद था.

चार धाम परियोजना
मोदी सरकार ने देवनगरी उत्तराखंड में एक और शुरुआत की. वो है चार धाम परियोजना जिसके तहत एक आधुनिक, हर मौसम की मार झेल सकने वाली सड़कें जो चारों धामों यमुनोत्री, गंगोत्री , केदारनाथ, बद्रीनाथ धाम को जोड़ेंगी. पीएम मोदी का ये सपना है कि देश भर से श्रद्धालु और पर्यटक इन चार पवित्र धामों में जाएं और इसके लिए इस सड़क परियजना को पूरा करने का काम तेजी से चल रहा है. इस चार धाम की सड़क के अलावे मोदी सरकार बहुत तेजी से पावन नगरी ऋषिकेश को रेल मार्ग से कर्णप्रयाग से जोड़ने का काम चल रहा है. पीएम मोदी को भरोसा है कि ये रेलवे याइन 2025 से शुरु हो जाएगी.

कश्मीर में मंदिरों का पुनरोद्दार

कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद मोदी सरकार ने श्रीनगर में कई पुराने मंदिरों का पुनर्निर्माण शुरु किया है. मोदी सरकार के आंकलन के मुताबिक कश्मीर में कुल 1842 हिंदू मंदिर या फिर पूजास्थल हैं. इसमें से 952 मंदिर हैं जिनमें 212 में पूजा चल रही है जबकि 740 जीर्ण शीर्ण हालत में है. मोदी सरकार ने सबसे पहले झेलम नदी के किनारे बने रघुनाथ मंदिर का फिर से निर्माण किया. भगवान राम का ये मंदिर महाराजा गुलाब सिंह ने 1835 में बनवाया था. हालांकि ये प्रोजेक्ट अभी शुरुआती अवस्था में है लेकिन वहां के हालात देख कर एक बड़ा कदम माना जा सकता है.

विदेशी जमीन पर भारत की सांस्कृतिक परंपरा की छाप छोड़ना
पीएम मोदी न सिर्फ भारत में बल्कि दुनिया के दूसरे देशों मं भी मंदिरोंं को भव्य बनाने पर जोर देना शुरु कर दिया है. साल 2019 में पीएम मोदी की सरकार ने मनामा और अबू धाबी में भगवान श्रीकृष्ण श्रीनाथजी के पुनर्निर्माण के लिए 4.2 मिलियन डॉलर देने का ऐलान किया. इसके साथ ही 2018 में पीएम मोदी ने अबू धाबी में बनने वाले पहले हिंदू मंदिर की आधारशिला रखी थी.

भारत की धार्मिक और अध्यात्मिक धरोहर को लेकर जागरुकता लाते पीएम मोदी

पूरी दुनिया जानती है कि पीएम मोदी अपनी भक्ति लोगों के सामने ही करते हैं. साथ ही सूत्र बताते हैं कि पीएम मोदी ये मानते हैं कि देश का आध्यात्मिक जागरण तभी होगा जब यहां कि धार्मिक और पावन स्थलों को उनकी पुरानी पहचान लौटायी जाएगी. इसलिए पीएम मोदी का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है कि पूरे देश में बने धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केन्द्रों का पुनर्निर्माण कर उन्हें भव्य बनाया जाए. इसलिए पीएम मोदी हर मंदिर के पुनर्निर्माण के काम की अध्यक्षता कर रहे हैं. इसलिए भारत को पीएम मोदी में मिला है एक मंदिर का निर्माता और हिंदू धर्म का प्रसार करने वाला ब्रांड एम्‍बेसडर.

Tags: PM Modi, Prime Minister Narendra Modi

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