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PM मोदी बोले- 2014 के बाद 450 KM मेट्रो नेटवर्क बना, 1000 KM पर चल रहा काम

पीएम मोदी ने किया मेट्रो परियोजनाओं का भूमि पूजन. (Pic- BJP twitter)
पीएम मोदी ने किया मेट्रो परियोजनाओं का भूमि पूजन. (Pic- BJP twitter)

Surat Ahmedabad Metro: पीएम मोदी (Narendra Modi) ने कहा, '2014 से पहले के 10-12 साल में सिर्फ 225 किमी मेट्रो लाइन ऑपरेशनल हुई थी. वहीं बीते 6 वर्षों में 450 किमी से ज्यादा मेट्रो नेटवर्क चालू हो चुका है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 18, 2021, 11:43 AM IST
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नई दिल्‍ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने सोमवार को गुजरात को दो और तोहफे दिए. पीएम मोदी ने अहमदाबाद मेट्रो (Ahmedabad Metro) परियोजना के दूसरे चरण और सूरत मेट्रो रेल परियोजना (Surat Metro) के लिए भूमि पूजन किया. वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित हुएइस कार्यक्रम में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी उपस्थित रहे. पीएम मोदी ने कार्यक्रम के दौरान सूरत, अहमदाबाद, गांधीनगर और अन्‍य शहरों में किए गए विकास कार्यों की जानकारी भी दी.

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि उत्तरायण की शुरुआत में आज अहमदाबाद और सूरत को बहुत ही अहम उपहार मिल रहा है. देश में मेट्रो मार्ग को मजबूत किया जा रहा है. इससे सूरत के व्‍यापारिक नेटवर्क आपस में जुड़ेंगे. आज अहमदाबाद में 17 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के इंफ्रास्ट्रक्चर का काम शुरू हो रहा है. ये दिखाता है कि कोरोना के इस काल में भी नए इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण को लेकर देश के प्रयास लगातार बढ़ रहे हैं.

पीएम मोदी ने कहा, '2014 से पहले के 10-12 साल में सिर्फ 225 किमी मेट्रो लाइन ऑपरेशनल हुई थी. वहीं बीते 6 वर्षों में 450 किमी से ज्यादा मेट्रो नेटवर्क चालू हो चुका है. अहमदाबाद के बाद सूरत गुजरात का दूसरा बड़ा शहर है जो मेट्रो जैसे आधुनिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम से जुड़ेगा. सूरत में मेट्रो नेटवर्क एक प्रकार से पूरे शहर के महत्वपूर्ण व्यापारी केंद्र को आपस में कनेक्ट करेगा.'




उन्‍होंने कहा, 'आज सूरत आबादी के लिहाज से एक तरफ देश का आठवां बड़ा शहर है, लेकिन दुनिया का चौथा सबसे विकसित होता शहर भी है. दुनिया के हर 10 हीरों में से 9 सूरत में तराशे जाते हैं. आज हम शहरों के परिवहन को एक इंटीग्रेटेड सिस्टम के तौर पर विकसित कर रहे हैं. यानी बस, मेट्रो, रेल सब अपने अपने हिसाब से नहीं दौड़ें, बल्कि एक सामुहिक व्यवस्था के तौर पर काम करें, एक दूसरे के पूरक बनें.' पीएम मोदी ने कहा, 'देश के 27 शहरों में मेट्रो लाइन का 1000 किमी का कार्य चल रहा है. एक समय ऐसा था, जब मेट्रो नेटवर्क के संबंध में देश में कोई भी आधुनिक सोच नहीं थी. कोई मेट्रो नीति नहीं थी. इसलिए विभिन्‍न शहरों में विभिन्‍न तरह की मेट्रो चल रही हैं.'बता दें कि ये मेट्रो परियोजनाएं इन शहरों में पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली उपलब्‍ध कराएंगी. अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण में कुल 28.25 किलोमीटर की लंबाई के दो कॉरिडोर होंगे.


पहला कॉरिडोर मोटेरा स्टेडियम से महात्मा मंदिर तक होगा और इसकी कुल लंबाई 22.83 किलोमीटर होगी, जबकि दूसरा कॉरिडोर जीएनएलयू से गिफ्ट सिटी तक होगा और इसकी कुल लंबाई 5.41 किलोमीटर होगी. इन परियोजनाओं पर कुल लागत 5384.17 करोड़ रुपये की आएगी. कुल 40.35 किलोमीटर लंबाई के दो मेट्रो रेल गलियारों वाली सूरत मेट्रो रेल परियोजना की अनुमानित लागत 12020.32 करोड़ रुपए है.

सूरत मेट्रो रेल परियोजना की सरथना से ड्रीम सिटी तक पहले गलियारे की कुल लंबाई 21.61 किलोमीटर है, जिसमें से 6.47 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत है और 15.14 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटिड है. यह गलियारा 20 स्‍टेशनों - सरथना, नेचर पार्क, कपोदरा, लाभेश्‍वर चौक एरिया, सेंट्रल वेयर हाउस, सूरत रेलवे स्‍टेशन, मस्‍कटी हॉस्पिटल, गांधी बाग, मजूर गेट, रूपाली कनाल, ड्रीम सिटी को जोड़ता है.

दूसरा गलियारा भेसन से सरोली लाइन का है, जो 18.74 किलोमीटर लंबा है. यह पूरी तरह एलिवेटिड गलियारा है. यह 18 मेट्रो स्‍टेशनों- भेसन, उगाट, वारिग्रह, पालनपुर रोड, एलपी सावनी स्‍कूल, अडाजन गाम, एक्‍वेरियम, मजूर गेट, कामेला दरवाजा, मगोब और सरोली को जोड़ता है.
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