असम में जीत के बाद सीएम चयन पर अटका मामला, तोमर और अरुण सिंह सुलझाएंगे गुत्थी

नरेंद्र सिंह तोमर और अरुण सिंह बने असम के केंद्रीय पर्यवेक्षक.

नरेंद्र सिंह तोमर और अरुण सिंह बने असम के केंद्रीय पर्यवेक्षक.

असम में बीजेपी की जीत के बाद अब मामला मुख्यमंत्री के चयन पर जाकर अटक गया है. राज्य में दो दिग्गज नेताओं के बीच सीएम पद की रेस चल रही है. ऐसे में विधायक दल का नेता चुनने के लिए बीजेपी ने दो केंद्रीय पर्यवेक्षकों को भेजने का फैसला किया है.

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नई दिल्ली. असम विधानसभा चुनाव में 60 सीटें जीतकर शानदार विजय पाने वाली भारतीय जनता पार्टी में अब मामला सीएम के चयन पर जाकर अटक गया है. विधायकों के बीच मतभेद और गुटबाजी को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी की ओर से केंद्र से दो ऑब्जर्वर असम भेजे जा रहे हैं, जो इस मामले को सुलझाएंगे. जिन दो नेताओं को असम में सीएम की गुत्थी सुलझाने का जिम्मा दिया जा रहा है वे हैं - कैबिनेट मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पार्टी के महासचिव अरुण सिंह.

माना जा रहा है कि असम में विधायक दल की बैठक कल होने वाली है, जिसमें ये तय किया जाएगा कि असम में सीएम पद का चेहरा कौन होगा? इस वक्त असम के मुख्यमत्री सर्वानंद सोनोवाल और उनकी ही कैबिनेट के चेहरे हेमंत बिस्वासर्मा के बीच सीएम पद की रेस चल रही है. ये दोनों ही असम में बीजेपी के जाने-माने चेहरे हैं और राज्य में टॉप पोजिशन पर हैं. ऐसे में उनके समर्थक विधायकों के बीच चल रही तनातनी बीजेपी के लिए मुश्किल खड़ी कर रही है.

तमिलनाडु के केंद्रीय पर्यवेक्षक बने जी किशन रेड्डी

बीजेपी के पार्लियामेंट बोर्ड की ओर से गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी को भी तमिलनाडु का केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है. वे तमिलनाडु विधानसभा में बीजेपी विधायक दल के नेता का चुनाव करेंगे. जिसे लेकर कल चेन्नई में बैठक होने जा रही है. जी किशन रेड्डी ने ट्वीट करके रविवार दोपहर बाद 3 बजे होने जा रही बैठक की जानकारी भी दी.

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