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मेधा पाटकर का पासपोर्ट जब्त, उनके ऊपर दर्ज 9 मामलों को छिपाने का है आरोप

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Updated: December 12, 2019, 9:07 AM IST
मेधा पाटकर का पासपोर्ट जब्त, उनके ऊपर दर्ज 9 मामलों को छिपाने का है आरोप
नर्मदा बचाओ आंदोलन चलाने वाली सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर

मेधा पाटकर (Medha Patkar) ने पासपोर्ट रिन्यू करवाते समय अपने ख़िलाफ़ दर्ज मामलों की जानकारी छिपाई थी. पाटकर को मार्च 2017 में दस साल की अवधि के लिए पासपोर्ट जारी किया गया था.

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  • Last Updated: December 12, 2019, 9:07 AM IST
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मुंबई. नर्मदा बचाओ आंदोलन चलाने वाली सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर (Medha Patkar) का मुंबई के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने पासपोर्ट जब्त कर लिया है. 18 अक्टूबर को मुंबई आरपीओ (Mumbai RPO) ने पाटकर को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था जिसमें कहा गया था, उनके खिलाफ लंबित मामलों का खुलासा नहीं किया है. पासपोर्ट रिन्यू करवाते समय अपने ख़िलाफ़ दर्ज मामलों की जानकारी छिपाई थी. पाटकर को मार्च 2017 में दस साल की अवधि के लिए पासपोर्ट जारी किया गया था.

पासपोर्ट अधिकारी ने कहा, 'हमने एमपी पुलिस के महानिदेशक से अदालत में लंबित मामलों का विवरण मांगा गया था, उन्होंने बताया कि कम से कम पांच मामलों में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया है.' इस बारे में जब पाटकर से जवाब मांगा गया तो उन्होंने कुछ समय की मांग की.

पाटकर ने मीडिया से बात कर कहा कि ऐसा नहीं है कि मैंने जानबूझकर तथ्यों को छुपाया है. मेरे खिलाफ दर्ज मामलों की दो अलग-अलग लिस्ट है. लेकिन इनमें से ज्यादातर मामले पुराने हैं. मैंने स्थानीय पुलिस स्टेशनों से प्रमाणित कॉपियां प्राप्त करने के लिए 45 दिनों का समय मांगा था. उनके इस आग्रह को एक हफ्ते पहले ख़ारिज करते हुए पासपोर्ट जमा करने के लिए 7 दिनों का समय दिया गया.

मीडिया के अनुसार पाटकर ने बताया कि पिछले हफ्ते मुझे एक लेटर द्वारा सूचना मिली, जिसमें 7 दिनों के अंदर मुझे अपना पासपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया था. कम समय होने के कारण मामलों की पूरी जानकारी मिलना संभव नहीं था. इसी कारण मैंने उनसे कुछ और समय की मांग की थी. जो उन्होंने अस्वीकार कर दी और इसी कारण मुझे अपना पासपोर्ट उन्हें भेजना पड़ा.

पाटकर के खिलाफ 9 केस चल रहे हैं, यह सभी मामले 1996 से 2017 के बीच के हैं. मेधा पाटकर ने बताया कि मैं मुंबई क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (Mumbai RPO) को अपने खिलाफ लंबित मामलों के बारे में 18 अक्‍टूबर, 2019 को लिखित जवाब दे चुकी हूं. ये मामले मध्‍य प्रदेश के बरवानी, अलीराजपुर और खंडवा जिलों में दर्ज किए गए हैं.

उन्होंने बताया कि इनमें बरवानी के दो और अलीराजपुर के एक मामले में मैं बरी हो चुकी हूं. बरवानी में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए अगस्‍त, 2017 में मामला दर्ज हुआ था, जिसके बारे में मार्च, 2017 में पासपोर्ट कार्यालय को जानकारी नहीं देने का सवाल ही गलत है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्‍होंने कहा कि अगस्‍त, 2017 में दर्ज हुए मामले की जानकारी मार्च, 2017 में कैसे दी जा सकती है.

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First published: December 12, 2019, 8:57 AM IST
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