सूर्योदय से ठीक पहले और सूर्यास्त के बाद आसमान में क्यों दिखती है चमकती रोशनी? NASA रहस्य से उठाया पर्दा!

वैज्ञानिकों ने ये भी कहा है कि जब मंगल ग्रह पर धूलभरी आंधी चलती है और पूरे ग्रह को अपनी चपेट में ले लेती है.

वैज्ञानिकों ने ये भी कहा है कि जब मंगल ग्रह पर धूलभरी आंधी चलती है और पूरे ग्रह को अपनी चपेट में ले लेती है.

Zodiacal Light: इस रहस्यमयी रोशनी के राज से नासा (NASA) ने पर्दा हटा दिया है. ये रोशनी आखिर कहां से आती है इसके बारे में नासा ने खास जानकारी दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2021, 1:11 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. सूर्योदय से ठीक पहले और सूर्यास्त के बाद धरती से आसमान में एक रोशनी की चमक दिखती है. विज्ञान की भाषा में इसे ज़ोडइकल लाइट (Zodiacal Light) कहा जाता है. ये रोशनी आखिर क्यों आती है इसको लेकर वैज्ञानिकों की तरफ से अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं. लेकिन अब इस रहस्यमयी रोशनी के राज से नासा (NASA) ने पर्दा हटा दिया है. ये रोशनी आखिर कहां से आती है इसके बारे में नासा ने खास जानकारी दी है.

साल 1683 में इस रोशनी का सबसे पहले पता लगाया था खगोलशास्त्री जियोवानी कैसिनी ने. उन्होंने कहा था कि सूरज की परिक्रमा करने वाले धूल के कणों के बादल से सूरज की रोशनी दिखाई देती है. लेकिन अब जूनो स्पेसक्राफ्ट इन रोशनी के बारे में नई जानकारी दी है. इसके मुताबिक ये धूल कण मंगल ग्रह से आ रहे हैं. नासा के जूनो प्रोब को साल 2011 में लॉन्‍च किया गया था. बृहस्‍पति ग्रह की यात्रा के दौरान मंगल ग्रह के पास इसे धूल के कण मिले थे जो उससे बहुत तेजी से टकरा गए थे.

Youtube Video


जूनो के वैज्ञानिकों का दावा है कि इस धूल के कण के लिए मंगल ग्रह का मलबा ज‍िम्‍मेदार है. दरअसल ये धूल के कण अंतरिक्ष में एक खास बिन्‍दू पर सूरज के चारों ओर एक कक्षा में चक्‍कर लगा रहे हैं जो कुछ उसी तरह से है जैसे मंगल की कक्षा में होता है.
ये भी पढ़ें:- Coronavirus: महाराष्ट्र की राह पर दिल्ली! इन 8 बातों का इशारा बड़े खतरे की ओर

वैज्ञानिकों ने ये भी कहा है कि जब मंगल ग्रह पर धूलभरी आंधी चलती है और पूरे ग्रह को अपनी चपेट में ले लेती है. नासा ने कहा कि इसी धूल के कणों की वजह से सूर्योदय के ठीक पहले या सूर्यास्‍त के ठीक बाद क्षितिज से एक प्रकाश स्‍तंभ नजर आता है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज