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जम्मू-कश्मीरः फारूक अब्दुल्ला का बड़ा बयान, बोले- कांग्रेस की ओर देख रही जनता, एकजुट और मजबूत हो पार्टी

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि "मैं एक मजबूत कांग्रेस चाहता हूं." ANI

Jammu and Kashmir: फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि "देश में कई चीजों को ठीक करने के लिए आम जनता कांग्रेस की ओर देख रही है."

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नई दिल्ली. जम्मू और कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference) के नेता फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने कांग्रेस (Congress) को लेकर बड़ा दिया है. जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि "मैं एक मजबूत कांग्रेस चाहता हूं और कांग्रेस को एकजुट होना होगा ताकि देश को बांटने वाली ताकतों से लड़ा जा सके. देश में कई चीजों को ठीक करने के लिए आम जनता कांग्रेस की ओर देख रही है." नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता का बयान उस समय आया है, जब कांग्रेस के 23 वरिष्ठ बागी नेताओं के गुट ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर में एक कार्यक्रम करके पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा और कहा कि दुख की बात है कि कांग्रेस कमजोर हो गई है.

जम्मू में जी-23 का कार्यक्रम
एक दिन पहले, कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन और संगठनात्मक फेरबदल की मांग करने वाले वरिष्ठ नेताओं गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा और कपिल सिब्बल समेत 'जी-23' के नेता शनिवार को जम्मू में एक मंच पर एकत्र हुए और उन्होंने कहा कि पार्टी कमजोर हो रही है और वे इसे मजबूत करने के लिए एक साथ आए हैं. कांग्रेस के इन असंतुष्ट नेताओं को 'जी-23' भी कहा जाता है. सिब्बल ने महात्मा गांधी को समर्पित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, "यह सच बोलने का मौका है और मैं सच बोलूंगा. हम यहां क्यों इकट्ठे हुए हैं?"

उन्होंने कहा, "सच्चाई यह है कि हम देख सकते हैं कि कांग्रेस कमजोर हो रही है. हम पहले भी इकट्ठा हुए थे और हमें एक साथ मिलकर कांग्रेस को मजबूत करना है.' इस कार्यक्रम में समूह (जिसे अब ‘जी-23’ कहा जाता है) के भूपेंद्र सिंह हुड्डा, मनीष तिवारी, विवेक तन्खा और राज बब्बर जैसे कई अन्य कांग्रेसी नेता भी शामिल हुए."
'PM की तारीफ करते नहीं थक रहे आजाद'


दूसरी ओर रविवार को गुलाम नबी आजाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की और कहा कि प्रधानमंत्री पद पर होने के बावजूद उन्होंने अपनी जड़ों को याद रखा है और खुद को गर्व से 'चायवाला' कहते हैं. आजाद ने कहा, "लोगों को नरेंद्र मोदी से सीखने की जरूरत है जो कि प्रधानमंत्री बनने के बाद भी अपनी जड़ों को नहीं भूले. वे खुद को बड़े गर्व से 'चायवाला' कहते हैं. हालांकि नरेंद्र मोदी के साथ मेरी राजनीतिक विचारधारा काफी अलग है, लेकिन पीएम जमीन से जुड़े हुए व्यक्ति हैं." गुलाम नबी आजाद जम्मू में आयोजित एक समारोह में गुज्जर समुदाय को संबोधित कर रहे थे.

'गुलाम से अपनी दोस्ती याद कर भावुक हुए PM'
बता दें कि इसी महीने कुछ दिनों पहले गुलाम नबी आजाद के लिए दिए अपने विदाई भाषण में पीएम नरेंद्र मोदी भावुक हो गए थे. आजाद का राज्यसभा में बतौर नेता प्रतिपक्ष का कार्यकाल पूरा होने के दौरान पीएम मोदी ने यह भाषण दिया था. अपने करीब 13 मिनट के विदाई भाषण में पीएम मोदी की आंखों में कई बार आंसू आए.

दरअसल वे उस घटना को याद कर रहे थे जब 2007 में कश्मीर में आतंकी हमला हुआ था और उस दौरान वहां फंसे गुजरात के पर्यटकों को वहां से निकालने में प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने काफी मदद की थी.

गुलाम नबी आजाद का 15 फरवरी को संसद के उच्च सदन में कार्यकाल पूरा हुआ था.
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