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भारत उतना ही सुरक्षित होगा, जितनी मजबूत देश की अर्थव्यवस्था होगीः NCCC चीफ

भारत उतना ही सुरक्षित होगा, जितनी मजबूत देश की अर्थव्यवस्था होगीः NCCC चीफ

उन्होंने कहा, "अगर आप वास्तव में यह देखना चाहते हैं कि आप कितने सुरक्षित हैं, तो आप यह देखिए कि आपकी अर्थव्यवस्था कितनी मजबूत है." ANI

उन्होंने कहा, "अगर आप वास्तव में यह देखना चाहते हैं कि आप कितने सुरक्षित हैं, तो आप यह देखिए कि आपकी अर्थव्यवस्था कितनी मजबूत है." ANI

National Cyber Coordination Centre: राजेश पंत ने कहा, "अगर आप वास्तव में यह देखना चाहते हैं कि आप कितने सुरक्षित हैं, तो आप यह देखिए कि आपकी अर्थव्यवस्था कितनी मजबूत है."

    नई दिल्ली. नेशनल साइबर को-ऑर्डिनेशन सेंटर के लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) राजेश पंत ने शनिवार को बड़ा बयान दिया. पंत ने कहा कि भारत की आतंरिक और बाहरी सुरक्षा के लिए आर्थिक विकास बहुत ज्यादा है. दुर्भाग्यवश, इसकी चर्चा किसी भी स्तर पर पर्याप्त ढंग से नहीं होती है. उन्होंने कहा, "अगर आप वास्तव में यह देखना चाहते हैं कि आप कितने सुरक्षित हैं, तो आप यह देखिए कि आपकी अर्थव्यवस्था कितनी मजबूत है." पंत ने कहा, "अगर आपके पास चीन के आकार की अर्थव्यवस्था है और तो एक जंग लडने की स्थिति में और अपनी तैयारियों के साथ चीन की सेना का मुकाबला करने के लिए आप एक अलग भाषा में बात करेंगे और चीन इस बात को भलीभांति समझेगा."  नेशनल साइबर को-ऑर्डिनेशन सेंटर के चीफ का ये बयान चीन के साथ सीमा पर जारी तनाव के बाद दोनों के रिश्तों में आए उतार चढ़ाव को देखते हुए बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है.

    पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन के बीच सैन्य तनाव
    बता दें कि मई 2020 के बाद से ही भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में सैन्य तनाव बना हुआ था, हालांकि अब दोनों देशों ने बातचीत के जरिए मुद्दों का समाधान निकालने पर सहमति जताई है. शुक्रवार को भारत और चीन ने गहन चर्चा की और कहा कि पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारे से सैनिकों को पीछे हटाने के कदम ने बाकी बचे मुद्दों के जल्द समाधान की दिशा में काम करने का अच्छा आधार प्रदान किया है.

    विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दोनों देशों ने डिजिटल बातचीत के दौरान इस बात पर सहमति व्यक्त की कि अंतरिम रूप से उन्हें जमीनी स्तर पर स्थिरता बनाए रखनी चाहिए और किसी भी अप्रिय घटना से बचना चाहिए. वहीं, चीनी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दोनों पक्ष सीमावर्ती क्षेत्रों में 'कड़ी मेहनत' से बनी शांति को संयुक्त रूप से कायम रखने पर सहमत हुए. दोनों बयानों में कहा गया है कि दोनों पक्ष राजनयिक और सैन्य माध्यम से संवाद और गहन बातचीत को कायम रखने पर सहमत हुए तथा 11 वें दौर की सैन्य वार्ता जल्द से जल्द आयोजित करने पर सहमति जतायी.

    हॉट स्प्रिंग, गोगरा और देपसांग से सैनिकों की वापसी पर जोर
    विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि दोनों देशों को गतिरोध वाले सभी स्थानों से जल्द से जल्द सैनिकों की पूर्ण वापसी के लिए परस्पर स्वीकार्य समाधान पर पहुंचने के लिए वार्ता जारी रखनी चाहिए. इसमें कहा गया है, ‘‘इससे दोनों पक्षों को क्षेत्र में व्यापक रूप से सैनिकों को पीछे हटाने और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बहाली करने में मदद मिलेगी.’’ भारत हॉट स्प्रिंग, गोगरा और देपसांग में तेजी से सैनिकों की वापसी पर जोर दे रहा है.

    शेष मुद्दों के समाधान को लेकर चर्चा
    यह बातचीत भारत-चीन सीमा मामलों पर विचार-विमर्श और समन्वय संबंधी कार्यकारी तंत्र के तहत हुई. विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने इस बात पर भी सहमति व्यक्त की कि पिछले वर्ष सितंबर में मास्को में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच बनी सहमति और पिछले महीने टेलीफोन पर हुई चर्चा के अनुरूप दोनों पक्षों को काम करना जारी रखना चाहिए. बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने पश्चिमी सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति की समीक्षा की और इस सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शेष मुद्दों के समाधान को लेकर गहराई से चर्चा की .

    दोनों देशों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि पैंगोंग झील के उत्तरी, दक्षिणी किनारे से सैनिकों को पीछे हटाने से शेष मुद्दों के जल्द समाधान की दिशा में कार्य करने के लिये दोनों पक्षों के लिये अच्छा आधार प्रदान किया है. चीनी विदेश मंत्रालय और दिल्ली में चीनी दूतावास द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति के अंग्रेजी संस्करण में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने चीन-भारत सीमा क्षेत्रों में अन्य मुद्दों के समाधान को बढ़ावा देने के संबंध में गहन विचार-विमर्श किया.

    भारतीय शिष्टमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (पूर्वी एशिया) नवीन श्रीवास्तव ने किया, वहीं चीनी पक्ष का नेतृत्व चीन के विदेश मंत्रालय के सीमा एवं समुद्री विभाग के महानिदेशक हांग लियांग ने किया.undefined

    Tags: Economic growth, India's internal and external security, Indian economy, National Cyber Coordination Centre, National Cyber Coordination Centre chief Lt Gen (Retd) Rajesh Pant

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