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12वीं क्लास तक 'शिक्षा का अधिकार' लागू होने में अभी और इंतजार, नई शिक्षा नीति में दिया गया आश्वासन

News18Hindi
Updated: October 29, 2019, 8:12 PM IST
12वीं क्लास तक 'शिक्षा का अधिकार' लागू होने में अभी और इंतजार, नई शिक्षा नीति में दिया गया आश्वासन
नई शिक्षा नीति में 3 साल की शिक्षा से लेकर 12वीं तक की शिक्षा को शिक्षा के अधिकार के तहत लाने का आश्वासन दिया गया है (सांकेतिक फोटो)

नई शिक्षा नीति (New Education Policy) के आखिरी ड्राफ्ट (Final Draft) में कहा गया है, 'शिक्षा के अधिकार कानून (Right to Education Act) को क्लास 1 से पहले शुरुआती बचपन के तीन सालों और ऊपरी कक्षाओं के लिए 11वीं और 12वीं तक पर लागू किए जाने पर विचार किया जाएगा.'

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  • Last Updated: October 29, 2019, 8:12 PM IST
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नई दिल्ली. मानव संसाधन विकास मंत्रालय (Human Resource Development Ministry) ने नई शिक्षा नीति (New Education Policy) के फाइनल ड्राफ्ट में कुछ सुधार करते हुए शिक्षा के अधिकार कानून (Right to Education Act) को 12वीं क्लास तक बढ़ाने के मामले को इससे बाहर रखा है. इसमें इस बारे में अभी विचार करने की बात ही कही गई है.

अंतिम ड्राफ्ट में कहा गया है, शिक्षा के अधिकार कानून (Right to Education Act) के तहत कक्षा 1 से पहले शुरुआती बचपन के तीन सालों और ऊपरी कक्षाओं में 11वीं और 12वीं को भी इसके तहत लाने पर विचार किया जाएगा.

ड्राफ्ट में 3 साल से लेकर 12वीं कक्षा तक बढ़ाने का था सुझाव
यह बात ड्राफ्ट की उस बात से अलग है जिसमें कमेटी की एक सलाह को मानते हुए इसे 12वीं तक बढ़ाने का आश्वासन दिया गया था.

ड्राफ्ट में कहा गया था, 'सभी स्टूडेंट्स को, 'खासतौर पर कमजोर और वंचित तबके (Disadvantaged Sections) से आने वालों को उच्च गुणवत्ता की स्कूली शिक्षा पाने के अवसरों की गारंटी शुरुआती बचपन की शिक्षा (3 साल की उम्र से लेकर) और उच्च माध्यमिक शिक्षा (जैसे, 12वीं तक) दोनों को ही एक युवा के शैक्षणिक विकास और फायदे के लिए आवश्यक माना जाता है. ऐसे में मुफ्त और आवश्यक शिक्षा की गारंटी शिक्षा के अधिकार कानून को निचली कक्षाओं में कक्षा 1 से पहले 3 साल की शुरुआती बचपन की शिक्षा तक और ऊपरी कक्षाओं में 11वीं और 12वीं तक बढ़ाया जाना चाहिए.'

दूसरे शब्दों में, इस ड्राफ्ट में 3 से 18 साल के बीच के सभी बच्चों और किशोरों (Adolescents) यानी शुरुआती स्टेज से लेकर सेकेंडरी स्टेज तक के लिए मुफ्त और आवश्यक शिक्षा का आश्वासन दिया गया था.

स्कूलों की देखरेख करने वाली एक संस्था के निर्माण को दी गई अनुमति
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नई शिक्षा नीति 2019 के अंतिम ड्राफ्ट में हर राज्य के लिए एक स्टेट स्कूल रेग्युलेटरी अथॉरिटी (SSRA) बनाने की बात भी कही गई है. मई में आए पहले ड्राफ्ट में भी यह बात कही गई थी.

इस संस्था का प्राथमिक काम कुछ पैरामीटर के आधार पर स्कूलों की जांच करना होगा. इनमें सुरक्षा, आधारभूत संरचना, विषयों और कक्षाओं में शिक्षकों की संख्या, ईमानदारी और गवर्नेंस के तरीके के आधार पर स्कूलों का रेग्युलेशन करना होगा.

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First published: October 29, 2019, 6:39 PM IST
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