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NFHS सर्वे: भारत में पहली बार पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या हुई ज्यादा

NFHS सर्वे: भारत में पहली बार पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या हुई ज्यादा

इन आंकड़ों से ये साफ है कि भारत में अब महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. (फ़ाइल फोटो)

इन आंकड़ों से ये साफ है कि भारत में अब महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. (फ़ाइल फोटो)

National Family and Health Survey: नीति आयोग (NITI Aayog) में स्वास्थ्य समिति के सदस्य, वी के पॉल ने कहा कि, नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 ये दिखाता है कि सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में और तेजी आ रही है. NFHS-5 में साल 2019-20 के दौरान हुए सर्वेक्षण के डेटा को इकठ्ठा किया गया. इस दौरान लगभग 6.1 लाख घरों का सर्वेक्षण किया गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को ये आंकड़े जारी किए. बता दें कि NFHS बड़े पैमाने पर किया जाने वाला एक सर्वेक्षण है,जिसमें हर परिवार से सैंपल लिए जाते हैं.

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    नई दिल्ली. राष्ट्रीय परिवार और स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के मुताबिक देश में पुरुषों के मुकाबले अब महिलाओं की संख्या ज्यादा हो गई है. सर्वे के ताज़ा आंकड़ों में कहा गया है कि भारत में अब 1000 पुरुषों पर 1020 महिलाएं हैं. सर्वे में ये भी कहा गया है कि प्रजनन दर (Fertility Rate) में कमी आई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को ये आंकड़े जारी किए. बता दें कि NFHS बड़े पैमाने पर किया जाने वाला एक सर्वेक्षण है,जिसमें हर परिवार से सैंपल लिए जाते हैं.

    इन आंकड़ों से ये साफ है कि भारत में अब महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. जबकि इससे पहले हालात कुछ अलग थे. 1990 के दौर में हर 1000 पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या महज 927 थी. साल 2005-06 में हुए तीसरे NHFS सर्वे में ये 1000-1000 के साथ बराबर हो गया. इसके बाद 2015-16 में चौथे सर्वे में इन आंकड़ों में फिर से गिरावट आ गई. 1000 पुरुषों के मुकाबले 991 महिलाएं थीं. लेकिन पहली बार अब महिलाओं के अनुपात ने पुरुषों को पीछे छोड़ दिया है.

    महिला सशक्तिकरण के अच्छे संकेत
    केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक विकास शील ने कहा, ‘जन्म के समय बेहतर लिंग अनुपात एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है; भले ही वास्तविक तस्वीर जनगणना से सामने आएगी, हम अभी के परिणामों को देखते हुए कह सकते हैं कि महिला सशक्तिकरण के हमारे उपायों ने हमें सही दिशा में आगे बढ़ाया है.’

    NHFS के बाकी आंकड़े
    सर्वे के कुछ और आंकड़ों के मुताबिक 15 वर्ष से कम आयु की जनसंख्या का हिस्सा, जो 2005-06 में 34.9% था, 2019-21 में घटकर 26.5% हो गया है. भारत अभी भी एक युवा देश है. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 के अनुसार, एक महिला द्वारा अपने जीवनकाल में बच्चों को जन्म देने की औसत संख्या 2.2 से घटकर 2 हो गई है. जबकि गर्भ निरोधक प्रसार दर 54% से बढ़कर 67% हो गई है.

    डेटा का पैमाना
    NFHS-5 में साल 2019-20 के दौरान हुए सर्वेक्षण के डेटा को इकठ्ठा किया गया. इस दौरान लगभग 6.1 लाख घरों का सर्वेक्षण किया गया है. NFHS-5 में इस बार कुछ नए विषय जैसे- पूर्व स्कूली शिक्षा, दिव्यांगता, शौचालय की सुविधा, मृत्यु पंजीकरण, मासिक धर्म के दौरान स्नान करने की पद्धति और गर्भपात के तरीके और कारण शामिल हैं. बता दें कि पहला राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-1) साल 1992-93 में आयोजित किया गया था.

    Tags: Family planning, Health ministry

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