और ताकतवर हुई NIA, राज्य सभा में पास हुआ संशोधन बिल

नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी (राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण, एनआईए) संशोधन विधेयक 2019 बुधवार को राज्य सभा में बहुमत से पारित कर दिया गया.

News18Hindi
Updated: July 17, 2019, 8:02 PM IST
और ताकतवर हुई NIA, राज्य सभा में पास हुआ संशोधन बिल
नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी (राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण, एनआईए) संशोधन विधेयक 2019 बुधवार को राज्य सभा में बहुमत से पारित कर दिया गया.
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Updated: July 17, 2019, 8:02 PM IST
नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी (राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण, एनआईए) संशोधन विधेयक 2019 बुधवार को राज्य सभा में बहुमत से पारित कर दिया गया. इस बिल के पास हो जाने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी की ताकत और बढ़ जाएगी.

उच्च सदन में बिल पेश करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अगर सदन NIA की साख नहीं बनाएगा तो दुनिया कैसे बनाएगी? उन्होंने कहा कि केवल राजनीति के लिए एजेंसी को नीचा दिखाने का प्रयास करेंगे तो मुझे लगता है कि ये ठीक नहीं है. उन्होंने NIA के बारे में बताया कि 2014 से आज की तारीख तक 195 केस दर्ज हैं. इसमें से 129 केस में चार्जशीट हुई है. वहीं आतंकी गतिविधियों में शामिल लोग पर कार्रवाई हुई है. गृह मंत्री ने कहा कि NIA दुनिया में जहां भी अपराध हो वहां काम करेगी.

समझौता ब्लास्ट मामले का आया ज़िक्र
शाह ने कहा समझौता ब्लास्ट मामले में चार्जशीट कब हुई? सजा होना चार्जशीट पर निर्भर करता है. 9 अगस्त 2012 को UPA ने समझौता ब्लास्ट का चालान किया. 12 जून 2013 को UPA द्वारा दूसरा चालान हुआ. इस केस में कोई प्रूफ था ही नहीं. 7 लोग पकड़े गए, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया. फिर बाद में धर्म विशेष के आधार पर नए लोगों पर केस किया गया. गृह मंत्री ने कहा जब कोई चालान ही नहीं था ऐसी स्थिति में जज क्या करते. ऐसा ही मक्का मस्जिद केस में भी हुआ. कहते हैं अपील नहीं की. पहले एक ही कमरे में बैठकर षड्यंत्र हुआ है. जब लॉ अफसर को अपील करने लायक साक्ष्य नहीं मिले तो कैसे अपील होगी? अमित शाह ने कहा मोदी सरकार में बदले की भावना से काम नहीं होता है.

चार संशोधन हुए हैं
बता दें मौजूदा संशोधन के बाद गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून की अनुसूची चार में संशोधन से एनआईए उस व्यक्ति को आतंकवादी घोषित कर पाएगी जिसके आतंक से संबंध होने का शक हो. साल 2008 में हुए 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के बाद साल 2009 में एनआईए का गठन किया गया था. इस हमले में 166 लोग मारे गए थे.

सूत्रों ने कहा कि साल 2017 से केंद्रीय गृह मंत्रालय दो कानूनों पर विचार कर रहा है ताकि नई चुनौतियों से निपटने के लिए एनआईए को और शक्ति मिल सके. प्रस्ताव के बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों ने पीटीआई को बताया था कि संशोधन एनआईए को साइबर अपराध और मानव तस्करी के मामलों की जांच करने की भी इजाजत देगा.

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First published: July 17, 2019, 5:59 PM IST
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