राज्‍यसभा में पास हुआ NMC बिल, अब लोकसभा में दोबारा कराना होगा पारित

रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर हैं. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी दिल्ली समेत देशभर के डॉक्टरों से बेमियादी हड़ताल पर जाने की अपील की है.

News18Hindi
Updated: August 1, 2019, 6:51 PM IST
राज्‍यसभा में पास हुआ NMC बिल, अब लोकसभा में दोबारा कराना होगा पारित
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर हैं. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी दिल्ली समेत देशभर के डॉक्टरों से बेमियादी हड़ताल पर जाने की अपील की है.
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Updated: August 1, 2019, 6:51 PM IST
राज्यसभा में गुरुवार को चर्चा के बाद नेशनल मेडिकल कमीशन बिल पास हो गया. लोकसभा में ये बिल पहले ही पास हो चुका है. लेकिन, सरकार का एक अमेंडमेंट पास होने के कारण इस बिल को लोकसभा में फिर पास कराना पड़ेगा. हालांकि लोकसभा में बहुमत होने के कारण सरकार को इसमें दिक्‍कत नहीं होगी.

दोनों सदनों में बिल पास होने के बाद देश में मेडिकल शिक्षा की जिम्‍मेदारी 25 सदस्‍यीय अयोग के पास होगी. इस बिल के जरिए सरकार शिक्षा में सुधार संबंधित कई प्रावधान भी लाई है. हालांकि इस बिल का विरोध भी हो रहा है.

हड़ताल पर डॉक्‍टर्स

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) बिल के विरोध में आज दिल्ली के एम्स, सफदरजंग, आरएमएल समेत कई अस्पतालों में डॉक्टर हड़ताल पर हैं. दिल्ली सरकार और नगर निगम के अस्पतालों के डॉक्टर भी इसमें शामिल हैं.

इनके साथ ही रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर हैं. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी दिल्ली समेत देशभर के डॉक्टरों से बेमियादी हड़ताल पर जाने की अपील की है. साथ ही डॉक्टर्स ने इस बिल को राष्ट्र विरोधी बताया है.

बता दें कि लोकसभा के बाद राज्‍यसभा में भी नेशनल मेडिकल कमीशन बिल यानी एनएमसी बिल पास हो गया. इस बिल पर कानून बनेगा और कम्‍युनिटी हेल्‍थ प्रोवाइडर्स यानी सीएचपी के लिए लाइसेंसी व्‍यवस्‍था होगी. इसी वजह से डॉक्‍टरों का एक वर्ग इसका विरोध कर रहा है.

डॉक्टर्स बिल के इन बिंदुओं का विरोध कर रहे हैं:
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डॉक्‍टरों को एतराज बिल के सेक्शन 32 पर है. इसके तहत आयुष या मेडिकल फ़ील्ड से जुड़े दूसरे लोग 6 महीने का एक ब्रिज कोर्स करने के बाद MBBS डॉक्टरों की तरह एलोपैथी की प्रैक्टिस कर सकेंगे.

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MBBS के बाद प्रैक्टिस करने के लिए एग़्जिट टेस्ट को ज़रूरी बनाए जाने का भी विरोध किया जा रहा है. (अभी तक ये टेस्ट सिर्फ़ विदेश से MBBS करके आने वाले लोगों के लिए ज़रूरी था)

इसी तरह निजी मेडिकल कॉलेजों को 50 प्रतिशत सीटों पर अपने हिसाब से फ़ीस तय करने का अधिकार दिया गया है. IMA इसका भी विरोध कर रहा है.

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First published: August 1, 2019, 6:48 PM IST
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