प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- करोड़ों युवाओं के लिए वरदान साबित होगी नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- करोड़ों युवाओं के लिए वरदान साबित होगी नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा एनआरए से पारदर्शिता बढ़ेगी (File Photo)

नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी (National Recruitment Agency) स्‍थापित करने के प्रस्‍ताव को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि इससे समय और संसाधनों की बचत होगी.

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  • Last Updated: August 19, 2020, 5:48 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक (Cabinet Meeting) में केंद्र सरकार की नौकरियों (Central Government Jobs) के लिए एक ही टेस्‍ट की व्‍यवस्‍था को मंजूरी दे दी है. इस टेस्ट के लिए इसके लिए नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी (National Recruitment Agency) स्‍थापित करने के प्रस्‍ताव को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है. इस मंजूरी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने ट्वीट कर कहा है कि ये एजेंसी करोड़ों युवाओं के लिए वरदान साबित होगी. इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा कि कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट के चलते समय और संसाधनों की भी बचत होगी. बता दें प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई.

प्रधानमंत्री ने बैठक के बाद किये अपने ट्वीट में कहा- "नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी करोड़ों युवाओं के लिए वरदान साबित होगी. कॉम एलिजिबिलिटी टेस्ट के जरिए, कई टेस्ट की जरूरत खत्म हो जाएगी और समय के साथ साथ संसाधनों की भी बचत होगी. इससे पारदर्शिता को भी बढ़ावा मिलेगा."


केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए अब सिर्फ एक परीक्षा
बता दें अब नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी केंद्र सरकार के नॉन-गैजेटेड पदों (Non-Gazetted Posts) पर भर्तियों के लिए कॉमन एलिजीबिलिटी टेस्ट (CET) कराएगी. एनआएए की स्थापना के बाद सरकारी नौकरी ढूंढ रहे युवाओं को केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए एक ही परीक्षा देनी होगी. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा की वर्तमान में 20 भर्ती एजेंसियां हैं. युवाओं को हर एजेंसी के लिए परीक्षा देने के लिए अलग-अलग जाना पड़ता है. अब एनआरए द्वारा लिए जाने वाले कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट के चलते छात्रों को कई बार परीक्षाएं देने से निजात मिल सकेगी.



तीन साल तक मान्य रहेंगे परीक्षा के अंक
बता दें इस टेस्ट के लिए देश के सभी जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा और वह भी केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए आवेदन कर सकेंगे. वर्तमान में तमाम एजेंसियों द्वारा ली जाने वाली इन परीक्षाओं के चलते छात्रों को परीक्षा शुल्क, परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए यात्रा खर्च आदि देना पड़ता है. सिर्फ एक परीक्षा होने के चलते युवाओं के पैसों की भी बचत होगी. इस परीक्षा में छात्रों द्वारा हासिल किए गए अंक रिजल्ट जारी होने की तारीख से अगले तीन साल तक के लिए मान्य होंगे.
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