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नागरिकता कानून का विरोध, असम और मेघालय में नेट की परीक्षा स्थगित

News18Hindi
Updated: December 14, 2019, 9:02 PM IST
नागरिकता कानून का विरोध, असम और मेघालय में नेट की परीक्षा स्थगित
असम में नागरिकता कानून के विरोध में 18 दिसंबर को सरकारी कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे.

नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के बाद असम (Assam) और मेघालय (Meghalaya) में हो रहे विरोध प्रदर्शन के बाद यहां के उम्मीदवारों की राष्ट्रीय अहर्ता परीक्षा/नेट (NET) स्थगित कर दी.

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  • Last Updated: December 14, 2019, 9:02 PM IST
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नई दिल्ली. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग/यूजीसी (UGC) ने पूर्वोत्तर में अशांति के चलते शनिवार को असम (Assam) और मेघालय (Meghalaya) के उम्मीदवारों की राष्ट्रीय अहर्ता परीक्षा/नेट (NET) स्थगित कर दी. परीक्षा आयोजित करने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने घोषणा की कि अन्य राज्यों में रविवार को तय कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा आयोजित की जाएगी.

नागरिक संस्थाएं नागरिकता कानून के खिलाफ जाएंगी सुप्रीम कोर्ट
असम की दो प्रमुख नागरिक संस्थाओं ने शनिवार को घोषणा की कि वे नागरिकता (संशोधन) कानून के खिलाफ अलग से उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करने और इसपर रोक लगाने की मांग करेंगे. द फोरम अगेन्स्ट सिटिजनशिप एक्ट अमेंडेंट बिल (एफएसीएएबी) और असम नागरिक समाज (एएनएस) ने कहा कि शीर्ष न्यायालय का रुख करने के लिए दस्तावेजों को तैयार कर रहे हैं. अलग-अलग संवाददाता सम्मेलनों में दोनों संगठनों ने लोगों से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखने की अपील की.

एफएसीएएबी के अध्यक्ष एवं प्रख्यात सहित्यकार और शिक्षाविद् हिरेन गोहेन ने कहा, ‘हमारे वकील कानून का अध्ययन कर रहे हैं और आने वाले दिनों में पुख्ता तैयारी के साथ याचिका दायर करेंगे.’हिंसक प्रदर्शन के बारे में एफएसीएएबी के समन्वयक और वरिष्ठ पत्रकार मंजीत महंत ने दावा किया, ‘हमें आशंका है कि इसके पीछे सरकार है. वे अचानक हुए जन विरोध को बदनाम करने और पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे हैं. इसे सांप्रदायिक रंग देने की भी कोशिश की जा रही है.’

मीडिया से अलग संवाद में एएनएस महासचिव परेश मलाकर ने कहा, ‘संगठन कानून के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा। कानूनी लड़ाई के साथ-साथ लोकतांत्रिक प्रदर्शन भी जारी रहेंगे और लोगों को असम विरोधी भाजपा को अगला मौका मिलने पर सत्ता से बेदखल करने के लिए तैयार रहना चाहिए.’ असम में वर्ष 2021 में विधानसभा चुनाव होने हैं. दोनों संगठनों ने कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) के सलाहकार अखिल गोगोई और अन्य की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए उनकी तुरंत रिहाई की मांग की. राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के मद्देनजर गोगोई को गुरुवार को एहतियातन हिरासत में लिया गया था.

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First published: December 14, 2019, 9:02 PM IST
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