2019 चुनावों से पहले युवाओं पर मेहरबान नवीन पटनायक, निकाली 27 हजार भर्तियां

नवीन पटनायक सरकार ने पिछले कुछ महीनों में युवाओं को आकर्षित करने के लिए काफी कदम उठाए हैं. 27 हजार पदों पर भर्ती के अलावा पंचायत और शहरी निकायों में बीजू युवा वाहिनी बनाई गई है.

News18Hindi
Updated: September 9, 2018, 7:50 PM IST
2019 चुनावों से पहले युवाओं पर मेहरबान नवीन पटनायक, निकाली 27 हजार भर्तियां
ओडिशा के मुख्‍यमंत्री नवीन पटनायक
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Updated: September 9, 2018, 7:50 PM IST
दो कदम पीछे जाना और फिर एक कदम आगे बढ़ना, व्‍लादिमीर लेनिन ने यह मुहावरा काफी लोकप्रिय किया था. यह मुहावरा आजकल ओडिशा के मुख्‍यमंत्री नवीन पटनायक पर एकदम सटीक बैठ रहा है. पिछले चार साल में पटनायक ने 50 हजार रिटायर्ड बाबुओं को नियुक्‍त किया. इससे युवाओं को नौकरियां नहीं मिल पाईं. अब ज‍ब राज्‍य में विधानसभा चुनाव कुछ महीने ही दूर रह गया है तब उन्‍होंने यू-टर्न लेते हुए रिटायर्ड बाबुओं को हटाने का फैसला लिया है. अब 27 हजार पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए हैं.

इस कदम को राज्‍य में अभी तक की सबसे बड़ी भर्ती प्रकिया माना जा रहा है. इसके तहत चपरासी से लेकर ओडिशा प्रशासनिक सेवा(ओएएस) तक में भर्ती होगी. चपरासी की सैलरी 15 हजार तो ओएएस की 50 हजार रुपये होगी. इस प्रक्रिया में डॉक्‍टर, पुलिस सब इंस्‍पेक्‍टर, कॉन्‍स्‍टेबल, जूनियर क्‍लर्क, रेवेन्‍यू इंस्‍पेक्‍टर, असिस्‍टेंट एक्‍जीक्‍यूटिव इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर, वेटेरिनरी सर्जन और फायर ऑफिसर के पद भी शामिल हैं.

पटनायक सरकार ने जब रिटायर्ड बाबुओं को नियुक्‍त किया था तब कहा था कि इसके जरिए काम में कुशलता आएगी. वहीं नई भर्ती प्रक्रिया के बारे में कहा गया है कि यह तार्किक कदम है. सरकार के पलटने को विपक्ष काफी भुना रहा है. उसका कहना है कि यह भर्ती प्रक्रिया राजनीतिक कदम है और आगामी चुनावों को देखते हुए युवाओं को लुभाने के लिए ऐसा किया गया है. राज्‍य सरकार के अनुमान के अनुसार राज्‍य में 1.57 लाख पद खाली पड़े हैं.

नवीन पटनायक सरकार ने पिछले कुछ महीनों में युवाओं को आकर्षित करने के लिए काफी कदम उठाए हैं. 27 हजार पदों पर भर्ती के अलावा पंचायत और शहरी निकायों में बीजू युवा वाहिनी बनाई गई है. इसके लिए सरकार ने अगले तीन साल के लिए 450 करोड़ रुपये तय किए हैं और प्रत्‍येक वाहिनी को 1.50 लाख रुपये मिलेंगे. इन युवा वाहिनियों का गठन खेल और सामाजिक कार्यों के जरिए नेतृत्‍व, स्‍वस्‍थ लाइफस्‍टाइल को बढ़ावा देने के लिए किया गया है. हालांकि इस कदम के जरिए पार्टी और सरकार के बीच लाइन पूरी तरह से धुंधली हो गई क्‍योंकि वाहिनी के 2.92 लाख सदस्‍यों में से ज्‍यादातर तो बीजू युवा जनता दल के सदस्‍य ही हैं.

खराब माली हालत के चलते राज्‍य में 1995 से नई सरकारी भर्तियों पर रोक लगी हुई थी. हालांकि 2010 में आंशिक रूप से इन पर से रोक हटी थी. सामाजिक योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए लेकिन भर्तियां नहीं निकाली गई. लेकिन अब सरकार ने युवाओं को अपने साथ जोड़ने के लिए भर्तियों का पिटारा खोल दिया है.
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