कैप्टन सरकार को सिद्धू ने फिर से घेरा, बोले- दाल-तिलहन पर किसानों को मिलनी चाहिए MSP

सिद्धू ने सहकारिता प्रणाली को नौकरशाहों के हाथ से लेकर किसानों को सौंपने की भी वकालत की.

सिद्धू ने सहकारिता प्रणाली को नौकरशाहों के हाथ से लेकर किसानों को सौंपने की भी वकालत की.

punjab Latest news in Hindi: सिद्धू ने कहा कि कोल्ड स्टोरेज से किसानों की फसलों की होल्डिंग बढ़ेगी. हरियाणा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि हरियाणा पहले तिल और तिलहन की खरीद करता है और फिर तेल बेचता है इससे किसानों की आर्थिक दशा में सुधार आता है.

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चंडीगढ़. पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू (Former Punjab cabinet minister Navjot Singh Sidhu) ने एक बार फिर से अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है. नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब भवन में मीडिया से बात करते हुए कैप्टन सरकार पर कई सवाल उठाए.

जहां एक ओर किसान आंदोलन में न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य (MSP) (Minimum Support Price) को लेकर बवाल मचा हुआ है वहीं सिद्धू ने अपनी ही सरकार से सवाल उठाया है कि सरकार किसानों को दाल और तिलहन पर किसानों को न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य (एमएसपी) क्‍यों नहीं दे रही है. उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों को दोनों फसलों पर एमएसपी मिलनी चाहिए.

पांच गांवों के लिए एक कोल्ड स्टोर बनाने की मांग

उन्होंने सरकार को पांच गांवों के लिए एक कोल्ड स्टोर बनाने की भी मांग की. सिद्धू ने कहा कि कोल्ड स्टोरेज से किसानों की फसलों की होल्डिंग बढ़ेगी. हरियाणा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि हरियाणा पहले तिल और तिलहन की खरीद करता है और फिर तेल बेचता है इससे किसानों की आर्थिक दशा में सुधार आता है. उन्होंने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों का भी पुरजोर समर्थन किया और कहा कि किसानों की भलाई में कृषि कानूनों को वापस लिया जाना चाहिए. पंजाब में फसलों की वैराइटी की बात करते हुए सिद्धू ने कहा कि यदि सरकार तिलहन व दलहन की फसलों पर किसानों को एमएसपी देती है तो इससे फसलों में विविधता आएगी और पानी की सिंचाई के लिए पानी की खपत भी कम होगी.
सहकारिता प्रणाली को किसानों को सौंपने की वकालत

सिद्धू ने सहकारिता प्रणाली को नौकरशाहों के हाथ से लेकर किसानों को सौंपने की भी वकालत की. उन्होंने कहा कि ऐसा करने से किसान अपनी फसलों का मूल्य खुद ही तय कर पाएंगे. खेतिहर मजदूरों को मनरेगा की तर्ज पर वेतन देने की भी सिद्धू ने हिमायत की. उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के किसानों के हक में अपने स्तर पर कानून बनाती है तो उसे केंद्र सरकार की ओर देखने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी.

गौरतलब है इससे पहले सिद्धू ने एक वीडियो जारी कर सरकार को आय और व्यय के मामले में भी घेरने की कोशिश की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार के राजस्व का भी राज्य के एक फीसदी लोग उठा रहे हैं.
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