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हाईकमान ने नकारा, परगट सिंह ने समझाया; CM से मिलने के लिए ऐसे तैयार हुए नवजोत सिंह सिद्धू

हाईकमान ने नकारा, परगट सिंह ने समझाया; CM से मिलने के लिए ऐसे तैयार हुए नवजोत सिंह सिद्धू

सिद्धू गुरुवार को सीएम चन्नी से मुलाकात करेंगे. (फोटोः @CHARANJITCHANNI)

सिद्धू गुरुवार को सीएम चन्नी से मुलाकात करेंगे. (फोटोः @CHARANJITCHANNI)

Punjab Congress Crisis: नवजोत सिंह सिद्धू ने गुरुवार को जानकारी दी कि वो पंजाब भवन में दोपहर 3 बजे चन्नी के साथ मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं. बुधवार को चन्नी ने पीसीसी प्रमुख को बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की पेशकश की थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated :

    (स्वाति भान)

    चंडीगढ़. पंजाब में चल रहे राजनीतिक तनाव के बीच नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) से मिलने का फैसला कर लिया है. प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले सिद्धू के इस कदम के बाद उम्मीद की जाने लगी है कि पंजाब कांग्रेस संकट पर विराम लग सकता है. हालांकि, चन्नी की बातचीत का निमंत्रण स्वीकारने के दो बड़े कारण सामने आए हैं. इनमें पहला नाम परगट सिंह (Pargat Singh) और दूसरा पार्टी हाईकमान है.

    पार्टी के सूत्रों ने बताया कि अपने समर्थकों की अपील के बाद भी सिद्धू राजी नहीं हो रहे थे. भरोसेमंद सूत्रों ने जानकारी दी कि उनके करीबी परगट सिंह ने कहा कि इस्तीफा देने के फैसले ने उन लोगों को बीच में छोड़ दिया है,’जिन्होंने उनका समर्थन किया था.’ सिद्धू खेमे के एक नेता ने कहा, ‘दोनों के बीच यह एक भावनात्मक मुलाकात थी, जिसमें परगट ने सिद्धू को साफ तौर पर बता दिया कि वो अपने समर्थक विधायकों को बीच में नहीं छोड़ सकते.’

    सिद्धू ने गुरुवार को जानकारी दी कि वो पंजाब भवन में दोपहर 3 बजे चन्नी के साथ मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं. बुधवार को चन्नी ने पीसीसी प्रमुख को बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की पेशकश की थी.

    इसके अलावा एक और बात जिसका सिद्धू को अहसास हुआ, वह है कि कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने उनसे संपर्क नहीं किया. पार्टी के एक नेता ने कहा, ‘धीरे-धीरे उन्हें यह अहसास होने लगा है कि वरिष्ठ नेता उन्हें कम करने की कोशिश कर रहे हैं और ऐसे में सीएम की बातचीत की पेशकश स्वीकार कर लेना समझदारी है.’

    सिद्धू ने मंगलवार को इस्तीफा सौंप दिया था, जिसके बाद खींचतान शुरू हो गई थी. उन्होंने दावा किया था के वो सरकार में किसी भी ‘दागी’ नेता या नौकरशाह की नियुक्ति के खिलाफ विरोध में पद छोड़ रहे हैं. शुरुआत में सिद्धू कैबिनेट में राणा गुरजीत सिंह, एजी एपीएस देओल और डीजीपी इकबाल प्रीत सिंह सहोता की नियुक्ति से खुश नहीं थे. हालांकि, कथित रूप से पार्टी आलाकमान ने मामले में दखल देने से इनकार कर दिया है और इसे सुलझाने का काम प्रदेश इकाई पर छोड़ दिया है.

    परगट सिंह जैसे नए मंत्रियों की तरफ से आए बयान इस बात का संकेत दे रहे थे कि पार्टी इसे सुलझाना और खोयी हुई छवि दोबारा हासिल करना चाहती है. फिलहाल, अभी यह भी देखा जाना है कि क्या पार्टी के बड़े नेता ‘दागी’ मंत्रियों को हटाने की बात मान लेंगे. अगर युद्ध विराम का कोई फॉर्मूला आता है, तो वह उस संकट को सुलझाने में अहम भूमिका निभाएगा, जो विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए खतरा बना हुआ है.

    Tags: Charanjit Singh Channi, Navjot singh sidhu, Pargat Singh, Punjab Congress

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