Article 370 हटने के बाद आतंकी हमले की आशंका, हाई अलर्ट पर नौसेना

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 (Article 370) के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने वाले और राज्य को दो केंद्र शासित क्षेत्रों में बांटने वाले सरकार के फैसले के बाद पैदा हुई स्थिति को देखते हुए नौसेना ने यह कदम उठाया है.

News18Hindi
Updated: August 10, 2019, 6:10 AM IST
Article 370 हटने के बाद आतंकी हमले की आशंका, हाई अलर्ट पर नौसेना
जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 (Article 370) के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने वाले और राज्य को दो केंद्र शासित क्षेत्रों में बांटने वाले सरकार के फैसले के बाद पैदा हुई स्थिति को देखते हुए नौसेना ने यह कदम उठाया है.
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Updated: August 10, 2019, 6:10 AM IST
भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने तत्काल किसी भी अभियान में तैनाती के लिए अपने युद्ध पोतों को हाई अलर्ट पर रखा है. जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 (Article 370) के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने वाले और राज्य को दो केंद्र शासित क्षेत्रों में बांटने वाले सरकार के फैसले के बाद पैदा हुई स्थिति को देखते हुए नौसेना ने यह कदम उठाया है. रक्षा सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि सभी नौसेना स्टेशनों को किसी भी संभावित सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर रखा गया है. सेना और भारतीय सेवा सेना भी सरकार के फैसले के बाद हाई अलर्ट पर है.

इस साल फरवरी में पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच पैदा हुए तनाव की वजह से भारतीय नौसेना ने उत्तरी अरब सागर में विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य, परमाणु पनडुब्बी चक्र, 60 जहाज और करीब 80 विमानों को अभियान के लिए तैनात किया था. पुलवामा में आतंकी हमले के बाद भारतीय वायु सेना ने बालाकोट में 26 फरवरी को जैश-ए-मोहम्द के आतंकी ठिकाने को निशाना बनाया था.

राष्‍ट्रपति ने जम्‍मू कश्‍मीर पुनर्गठन कानून पर लगाई मुहर

वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को जम्‍मू कश्‍मीर पुनर्गठन कानून को मंजूरी दे दी है. जम्‍मू कश्‍मीर राज्‍य को केंद्रशासित प्रदेश और लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश बनने से जुड़ा बिल लोकसभा और राज्‍यसभा से पहले ही पास हो गया था.

सोमवार को जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 (Article 370) के अधिकतर प्रावधान समाप्त करने, राज्‍य को विधायिका वाला केंद्र शासित क्षेत्र और लद्दाख को बिना विधायिका वाला केंद्र शासित क्षेत्र बनाने संबंधी सरकार के विधेयकों को राज्यसभा की मंजूरी मिली थी.

राज्यसभा ने दो सरकारी संकल्पों, जम्मू कश्मीर आरक्षण (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2019 तथा जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया था. इससे पहले, जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक को पारित करने के लिए उच्च सदन में हुए मत विभाजन में संबंधित प्रस्ताव 61 के मुकाबले 125 मतों से मंजूरी दे दी गई.
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First published: August 10, 2019, 5:10 AM IST
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