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NCP ने मिलाए शिवसेना के सुर में सुर, मजिद मेमन बोले- UPA कमजोर, शरद पवार मजबूत कर सकते हैं

शरद पवार और संजय राउत की फाइल फोटो (PTI Photo)
शरद पवार और संजय राउत की फाइल फोटो (PTI Photo)

शिवसेना (Shivsena) के मुखपत्र सामना में शरद पवार (Sharad Pawar) को यूपीए का नेता बनाए जाने की बात कही गई थी. इसपर राकंपा सांसद मजिद मेमन ने कहा है कि 2014 और 2019 के बाद UPA कमजोर हुई है. संजय राउत ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 27, 2020, 5:58 PM IST
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मुंबई. शिवसेना के मुखपत्र सामना में छपे संपादकीय के बाद सियासत गरमा गई है. शनिवार को एनसीपी सांसद माजिद मेमन (Majeed Memon) ने भी सामना में की गई बात का समर्थन किया है. मेमन ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के सत्ता में आने के बाद यूपीए और कमजोर हो गया है. उन्होंने दावा किया है कि शरद पवार के नेतृत्व में विपक्ष और मजबूत हो सकता है. गौरतलब है कि सामना (Saamana) में प्रकाशित हुए संपादकीय में शिवसेना ने यूपीए की कमान राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार के हाथ में सौंपने की बात कही गई थी.

एनसीपी भी मानती है यूपीए को कमजोर
संपादकीय में प्रकाशित लेख के बाद यूपीए की कमान को लेकर सियासी बहस जारी हो गई है. इसे लेकर राकंपा सासंद मजिद मेमन ने कहा कि यूपीए के कमजोर होने की बात कही गई है उसमें बड़ी हद तक सच्चाई है. इसके अलावा मेमन ने यूपीए के कमजोरी होने के कारण बीजेपी की बढ़ती ताकत को बताया है. उन्होंने कहा '2014 के बाद 2019 में मोदजी के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी ताकत और बढ़ा ली इससे ये सिद्ध हो जाता है कि यूपीए और कमजोर हुआ है.'

इसके अलावा एनसीपी सांसद ने कांग्रेस पार्टी में जारी मतभेदों को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व में बहुत सारे मतभेद सामने आए हैं, ऐसे में सामना में जो जिक्र शरद पवारजी का किया गया है में समझता हूं कि उनका व्यक्तित्व आज देश मे किसीभी राजनेता से बढ़कर है. मेमन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने शरद पवार को मजबूत नेता बताया है. उन्होंने दावा किया 'अगर मोदजी के सामने कोई ताकत उभरनी हो तो उसका नेतृत्व शरद पवार करें तो ये उचित लगता है'. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर पवारजी विपक्ष का नेतृत्व संभाल लेते हैं तो विपक्ष और मजबूत हो सकता है.
यह भी पढ़ें: शिवसेना ने UPA को बताया 'NGO', शरद पवार को गठबंधन का अध्यक्ष बनाने की वकालत



राज्यों को नहीं मिल रही केंद्र सरकार से मदद
इधर, वरिष्ठ शिवसेना नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने भी केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है. राउत ने आरोप लगाया है कि गैर भाजपा वाले राज्यों में केंद्र सरकार से मदद नहीं मिल रही है. उन्होंने कहा 'केंद्र से कोई मदद नहीं मिल रही है कोई विकास का मुद्दा लेकर जायेंगे तो कोई मदद नहीं आपने देखा होगा की मेट्रो के बारे में क्या हुआ.' उन्होंने कहा 'हर राज्य में ऐसा हो रहा है जहां विपक्ष की सरकार है भाजपा की सरकार नहीं है. फिर चाहे ममता जी की सरकार हो हमारी हो, तेलंगाणा हो, झारखंड , छत्तीसगढ़ में हो.'

उन्होंने कहा 'नेता तो बहुत है इस देश में नेताओं की कमी नहीं है एक पेड़ पर पत्थर मारों तो 10 नेता निकल आएंगे और वो भी राष्ट्रीय स्तर के नेता, लेकिन जनता किसको नेता मानती है यह देखना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि एक जमाने में सोनिया गांधी के नेतृत्व में सब लोग एकसाथ आए थे. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में आये थे. आज देश में शरद पवार एक ऐसे नेता है जिनकी बात सब लोग मानते है और सुनते भी हैं मोदीजी भी मानते हैं.'

JDU भी छोड़ देगी बीजेपी एनडीए का साथ
संजय राउत ने इस दौरान बीजेपी पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ माहौल तैयार करने के आरोप लगाए. राउत ने कहा 'एनडीए से अकाली दल भी चला गया. मुझे लगता है कि नितीश कुमार भी चले जायेंगे जिस तरह का मौहोल नितीश जी के खिलाफ बना है.'
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