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शरद पवार के UPA अध्‍यक्ष संबंधी अटकलों पर प्रफुल्‍ल पटेल बोले- अधूरा सपना होगा पूरा

प्रफुल्‍ल पटेल ने शरद पवार को लेकर बड़ा बयान दिया है.
प्रफुल्‍ल पटेल ने शरद पवार को लेकर बड़ा बयान दिया है.

Praful Patel on Sharad Pawar as UPA chief: अभी कुछ दिन पहले ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने शरद पवार के यूपीए अध्यक्ष उम्मीदवार होने की खबरों को नकार दिया था. पार्टी नेता और मुख्य प्रवक्ता महेश तापसे ने कहा था-मीडिया में चल रही रिपोर्ट्स का कोई आधार नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 12, 2020, 8:38 PM IST
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नई दिल्ली. पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में ऐसी सुगबुगाहट है कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार (NCP Chief Sharad Pawar) अगले यूपीए अध्‍यक्ष (UPA Chairperson) बन सकते हैं. हालांकि एनपीसी ने आधिकारिक बयान जारी करके ऐसे कयासों पर विराम लगा दिया था. इस बीच पार्टी के वरिष्‍ठ नेता प्रफुल्‍ल पटेल का बड़ा बयान सामने आया है. एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा, 'हमारी पार्टी का अधूरा सपना साकार होगा. अगर पूरा विपक्ष एकजुट हो जाता है, तो हम बदलाव ला सकते हैं. अगर पूरा महाराष्ट्र शरद पवार के पीछे खड़ा है, तो स्वाभाविक है कि कुछ अलग तस्वीर सामने आ सकती है.'

अभी कुछ दिन पहले ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने शरद पवार के यूपीए अध्यक्ष उम्मीदवार होने की खबरों को नकार दिया था. पार्टी नेता और मुख्य प्रवक्ता महेश तापसे ने कहा था-मीडिया में चल रही रिपोर्ट्स का कोई आधार नहीं है. शरद पवार के यूपीए अध्यक्ष बनने को लेकर अभी किसी तरह की कोई चर्चा नहीं हुई है. हमारी पार्टी स्पष्ट करना चाहती है कि यूपीए के सहयोगियों की तरफ एनसीपी के पास ऐसा कोई प्रपोजल नहीं आया है.

इससे पहले खबर आई थी कि महाराष्ट्र और देश की राजनीति के दिग्गज नेताओं में शुमार किए जाने वाले शरद पवार यूपीए अध्यक्ष पद के लिए सबसे मजबूत प्रत्याशी बनकर उभरे हैं. अगले महीने सोनिया गांधी के हटने के बाद वो यूपीए के अध्यक्ष चुने जा सकते हैं. खबरों में बताया गया था कि सोनिया गांधी ने पद पर बने रहने की अनिच्छा जाहिर की है. सोनिया गांधी का मानना है कि इस पद के लिए उपयुक्त नेता जल्द ही मिल जाएगा.



छोटे कद के नेताओं ने पवार को शीर्ष पर जाने से रोका: राउत
शिवसेना के सांसद संजय राउत ने शनिवार को कहा कि छोटे राजनीतिक कद के नेताओं ने शरद पवार को शीर्ष पर जाने से रोका. कांग्रेस के पूर्व नेता पवार ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर 1999 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का गठन किया था. पवार का आज 80वां जन्मदिन है. राउत ने नासिक में पत्रकारों से कहा, 'पवार की योग्यता और गुण उनकी राजनीतिक यात्रा में एक अवरोधक बन गये.' उन्होंने कहा, 'छोटे कद के नेताओं को उनसे डर था और उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि वह शीर्ष पर न पहुंचे.' उन्होंने दावा किया कि अगर कांग्रेस में चुनाव हुए होते तो 80 फीसदी वोट पवार के पास होते.

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शिवसेना के नेता ने कहा, 'पवार को बहुत पहले ही प्रधानमंत्री बनने का अवसर मिलना चाहिए था. आज वह 80 वर्ष के हैं. लेकिन वह ऐसे नेता हैं जिसके लिए उम्र कोई बाधा नहीं है.' कांग्रेस के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा कि राजनीतिक दलों का सफाया नहीं किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि एक समय में भाजपा के केवल दो सांसद थे. उन अटकलों पर कि पवार संप्रग के अध्यक्ष बन सकते हैं, राउत ने कहा कि अगर महाराष्ट्र का कोई नेता कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन का प्रमुख बन जाता है, तो 'हमें खुशी होगी.'



दिल्ली की सीमाओं पर नये कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन पर राउत ने कहा कि यदि केन्द्र सरकार 'दो कदम पीछे हट जायेगी' तो इससे उसकी प्रतिष्ठा प्रभावित नहीं होगी. उन्होंने कहा, 'संसद में इन कानूनों पर पुन: बहस करें. समझें कि किसान इन कानूनों को निरस्त करने के लिए क्यों कह रहे हैं.'
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