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बुरे फंसे दिग्विजय सिंह, 'शिशु मंदिर' पर टिप्पणी के लिए NCPCR ने मांगा जवाब

बुरे फंसे दिग्विजय सिंह, 'शिशु मंदिर' पर टिप्पणी के लिए NCPCR ने मांगा जवाब

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह. (फाइल फोटो)

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह. (फाइल फोटो)

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) का कहना है कि दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) का कमेंट आईपीसी&जेजे एक्ट के नियमों का उल्लंघन करता है. साथ ही आयोग ने मध्य प्रदेश को पुलिस महानिदेशक को खत लिखकर जांच की मांग की है.

  • News18Hindi
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    नई दिल्ली. कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) अपने एक कमेंट को लेकर फंसते नजर आ रहे हैं. दरअसल राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने दिग्विजय सिंह द्वारा सरस्वती शिशु मंदिर के छात्रों पर किए गए कमेंट को लेकर जवाब मांगा है. आयोग का कहना है कि दिग्विजय सिंह का कमेंट आईपीसी&जेजे एक्ट के नियमों का उल्लंघन करता है. साथ ही आयोग ने मध्य प्रदेश को पुलिस महानिदेशक को खत लिखकर जांच की मांग की है.

    दरअसल एक कार्यक्रम के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा है कि सरस्वती शिशु मंदिर में पढ़ने वाले बच्चों के मन में बचपन से नफरत के बीज बोए जाते हैं. दिग्विजय सिंह के मुताबिक यही शिक्षा आगे चलकर सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने का काम करती है. इस पर बीजेपी दिग्गज कैलाश विजयवर्गीय ने दिग्विजय सिंह से ट्वीट कर जवाब मांगा है.

    क्या बोले कैलाश विजयवर्गीय
    कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट किया- ‘आतंकवादी ओसामा के नाम के साथ ‘जी’ लगाना, आतंकी जाकिर नाईक को ‘शांतिदूत’ बताना, बाटला हाउस एनकाउंटर को झूठा बोलकर इंस्पेक्टर मोहन शर्मा की शहादत को अपमानित करना, सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगना, ये सब @INCIndia की किस पाठशाला में पढाया जाता है. देश जानना चाहता है.’

    जुलाई महीने में भी हुआ था विवाद
    बीते जुलाई महीने में भी दिग्विजय सिंह ने शिशु मंदिर पर कमेंट किया था जिसका बीजेपी नेताओं ने प्रतिरोध किया था. दरअसल दिग्विजय सिंह ने संघ प्रमुख मोहन भागवत से पूछा था- ‘सरस्वती शिशु मंदिर से लेकर संघ द्वारा बौद्धिक प्रशिक्षणों में मुसलमानों के खिलाफ जो नफरत का बीज बोया गया है वह निकालना आसान नहीं है. यदि आप अपने व्यक्त किए गए विचारों के प्रति ईमानदार हैं तो भाजपा में वे सब नेता जिन्होंने निर्दोष मुसलमानों को प्रताड़ित किया है उन्हें उनके पदों से तत्काल हटाने का निर्देश दें. शुरुआत नरेंद्र मोदी व योगी आदित्यनाथ से करें. मुझे मालूम है आप नहीं करेंगे, क्योंकि आपकी कथनी और करनी में अंतर है. आपने सही कहा है. हम पहले भारतीय हैं. लेकिन हुज़ूर अपने शिष्यों को तो पहले समझाएं. वे मुझे कई बार पाकिस्तान जाने की सलाह दे चुके हैं. देखते हैं.’

    आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि सभी भारतीयों का डीएनए एक है और मुसलमानों को ‘‘डर के इस चक्र में’’ नहीं फंसना चाहिए कि भारत में इस्लाम खतरे में है. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग मुसलमानों से देश छोड़ने को कहते हैं, वे खुद को हिंदू नहीं कह सकते.

    Tags: Digvijaya singh, RSS

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