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चाइल्ड रेप के 57% मामलों में नहीं लगाया गया POCSO एक्ट, NCRB आंकड़ों से हुआ खुलासा

चाइल्ड रेप के 57% मामलों में नहीं लगाया गया POCSO एक्ट, NCRB आंकड़ों से हुआ खुलासा

साल 2017 में बच्चों से बलात्कार के 57% मामलों में नहीं हुआ POCSO एक्ट की धाराओं का प्रयोग (News18  क्रिएटिव)

साल 2017 में बच्चों से बलात्कार के 57% मामलों में नहीं हुआ POCSO एक्ट की धाराओं का प्रयोग (News18 क्रिएटिव)

साल 2017 में पूरे देश में कुल रजिस्टर हुए बच्चों के साथ बलात्कार (Child Rape) के कुल मामलों में से POCSO कानून के सेक्शन 4 और सेक्शन 6 को मात्र 7,498 मामलों में ही प्रयोग किया गया है. जबकि बचे हुए सारे ही मामलों में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 का प्रयोग किया गया था.

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    (फाजिल खान)

    नई दिल्ली. NCRB की 'क्राइम इन इंडिया' रिपोर्ट में सामने आया है कि साल 2017 में बच्चों से बलात्कार (Child Rape) के कुल 17,557 मामलों में से 10,000 यानि करीब 57% से ज्यादा में प्रीवेंशन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंसेस एक्ट यानि POCSO की प्रासंगिक धाराओं में केस नहीं दर्ज किया गया था.

    यह रिपोर्ट, जिसका प्रकाशन गृह मंत्रालय (Home Ministry) के अंतर्गत आने वाले NCRB ने किया है, इसके मुताबिक पूरे देश में कुल रजिस्टर हुए बच्चों के साथ बलात्कार (Child Rape) के मामलों में से POCSO कानून के सेक्शन 4 और सेक्शन 6 को मात्र 7,498 मामलों में ही प्रयोग किया गया है. जबकि बचे हुए सारे ही मामलों में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 का प्रयोग किया गया था.

    'इस कानून के बारे में अच्छे से नहीं जानते पुलिसकर्मी'
    कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन (KSCF) बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाली एक संस्था है जिसने बच्चों के बलात्कार की निराशाजनक घटनाओं में POCSO कानून की धाराओं के प्रयोग न होने के बारे में कहा है कि यह यह तो पुलिस अधिकारियों में इस कानून के बारे में जानकारी की कमी को दिखाता है या तो वे इसके प्रयोग को लेकर अनिच्छुक हैं.

    KSCF ने कहा है, यह हमारी व्यवस्था की एक गंभीर खामी है, जिसके बारे में जिला पुलिस प्रमुख और राज्य पुलिस प्रमुख को ध्यान देना चाहिए. ताकि तुरंत ही इसके सुधार के लिए कदम उठाए जा सकें. बच्चों के साथ होने वाले बलात्कार के मामले में कराई गई FIR में POCSO एक्ट की धाराओं का प्रयोग एक कानूनी जरूरत है और इसमें किसी भी तरह की छूट/ढिलाई नहीं दी जानी चाहिए.

    2017 तक ऐसे 90% मामलों में नहीं हुआ था न्याय
    बच्चों के अधिकारों के लिए काम कने वाले एक्टिविस्ट और वकील अनंत कुमार अस्थाना ने भी ऐसी ही चिंता जाहिर की है. अस्थाना ने कहा है कि ज्यादातर समस्या पुलिस के शिकायत पर POCSO अपराधों के बारे में जानकारी न होने की आती हैं और इसके बारे में बहुत से प्रयास किए गए हैं और उन्हें ट्रेनिंग और प्रयासों के जरिए दूर करने के बहुत से प्रयास किए गए हैं. उन्होंने कहा कि POCSO की सभी प्रासंगिक धाराएं और IPC की धारा 376 को बच्चों के साथ बलात्कार के मामले में जरूर लगाया जाना चाहिए.

    इसी NCRB रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2017 तक बच्चों के साथ बलात्कार (Child Rape) के 51,499 मामलों यानि कुल मामलों के करीब 90% मामलों में केस की सुनवाई पूरी नहीं हुई थी.

    यह भी पढ़ें: दिल्‍ली के पूर्व कमिश्‍नर ने लिखा-राजधानी में वकील ही बन गए हैं कानून

    Tags: Child sexual abuse, Child sexual harassment, Crime Against Child, Crime report, Pocso act, Police

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