देश में दो साल में 1.6% बढ़े अपराध, 2019 में हत्‍या के रोजाना 79 केस दर्ज: NCRB

एनसीआरबी ने अपराधों के आंकड़े जारी किए हैं.
एनसीआरबी ने अपराधों के आंकड़े जारी किए हैं.

एनसीआरबी (NCRB) के ताजा आंकड़ों के अनुसार भारत में 2019 में 52 लाख गंभीर या संज्ञेय अपराध दर्ज किए गए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 1, 2020, 3:37 PM IST
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नई दिल्‍ली. देश में अपराधों (India Crimes) की संख्‍या में बढ़ोतरी देखने को मिली है. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार भारत में 2018-19 में गंभीर अपराधों में 1.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. एनसीआरबी के अनुसार भारत में 2019 में 52 लाख गंभीर या संज्ञेय अपराध दर्ज किए गए. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में 2019 में हत्या के प्रतिदिन औसतन 79 मामले दर्ज किए गए, जबकि इस वर्ष के दौरान कुल अपहरण के लगभग 66 प्रतिशत मामलों में बच्चे पीड़ित थे.

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार 2019 में हत्या के कुल 28,918 मामले दर्ज किए गए जिसमें 2018 (29,017 मामले) की तुलना में 0.3 प्रतिशत की मामूली कमी दिखाई देती है. आंकड़ों के अनुसार हत्या के मामलों में से 9,516 मामलों में हत्या का उद्देश्य विवाद रहा और इसके बाद 3,833 मामलों में हत्या का कारण व्यक्तिगत रंजिश या दुश्मनी रहा और 2,573 मामलों में फायदा रहा.





वर्ष 2019 में अपहरण के मामलों में 0.7 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई है. आंकड़ों के अनुसार 2019 में इन मामलों की संख्या 1,05,037 रही जबकि 2018 में यह संख्या 1,05,734 थी. इसके अनुसार अपहरण के कुल मामलों में से 2019 में 23,104 पुरुष और 84,921 महिलाएं पीड़ित थी. आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019 में मानव तस्करी के 2,260 मामले दर्ज किये गये जबकि 2018 में यह संख्या 2,278 थी और इसमें 0.8 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई है. तस्करी के शिकार हुए कुल 6,616 लोगों में 2,914 बच्चें और 3,702 वयस्क शामिल हैं.
एनसीआरबी ने बताया कि इसके अलावा, 6,571 पीड़ितों को तस्करों के चंगुल से बचाया गया. तस्करी के 2,260 मामलों में 5,128 लोगों को गिरफ्तार किया गया. 2019 में आईपीसी के तहत दर्ज लगभग हर तीसरा मामला मानव शरीर को प्रभावित करने वाले अपराधों जैसे हत्या, बलात्कार, मौत का कारण, अपहरण आदि के बारे में था. संपत्ति के खिलाफ अपराध, जैसे चोरी और आपराधिक विश्वासघात में लगभग 26% या 9 लाख मामले शामिल थे.

2018 और 2019 के बीच संपत्ति के खिलाफ अपराधों में 6.5% की वृद्धि हुई है. इसमें चोरी शामिल है जो 8 फीसदी बढ़ी है और भारत में सभी आईपीसी अपराधों का 21% शामिल होने वाला सबसे अधिक अपराध था. भारत में 2019 में प्रतिदिन बलात्कार के औसतन 87 मामले दर्ज हुए और साल भर के दौरान महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 4,05,861 मामले दर्ज हुए जो 2018 की तुलना में सात प्रतिशत अधिक हैं.

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार देश में 2018 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 3,78,236 मामले दर्ज हुए. आंकड़ों के अनुसार 2019 में बलात्कार के कुल 32,033 मामले दर्ज हुए जो साल भर के दौरान महिलाओं के विरुद्ध अपराध के कुल मामलों का 7.3 प्रतिशत था.
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