बिहार में मात्र 12 हजार वोट अधिक पाकर 15 सीटें ज्यादा जीत गया एनडीए

नीतीश कुमार बिहार के सीएम के तौर पर सातवीं बार शपथ लेंगे.
नीतीश कुमार बिहार के सीएम के तौर पर सातवीं बार शपथ लेंगे.

बिहार में एनडीए (NDA) को कुल 125 सीटें आई हैं. इनमें 73 बीजेपी, 44 जेडीयू, 4 हम और 4 VIP पार्टी की हैं. वहीं महागठबंधन (Grand Alliance) को कुल 110 सीटें आई हैं. इनमें राजद को 74, लेफ्ट को 19 और कांग्रेस को 17 सीटें मिली हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 12, 2020, 6:09 PM IST
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नई दिल्ली. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) के नतीजे आ चुके हैं और नीतीश कुमार (Nitish Kumar) सातवीं बार राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने को तैयार हैं. इस बीच महागठबंधन (Grand Alliance) की तरफ से कई तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं. चुनाव नतीजों को अपनी तरफ मोड़ने के लिए प्रशासनिक धांधली के आरोप भी लगाए जा रहे हैं. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा है कि चुनाव में एनडीए को महागठबंधन से 12,270 वोट अधिक मिले लेकिन लेकिन 15 सीटें ज्यादा मिलीं. तेजस्वी यादव यह भी कहा है कि जनता का बहुमत महागठबंधन के साथ है.

ऐसा है सीटों का गणित
गौरतलब है कि बिहार में एनडीए को कुल 125 सीटें आई हैं. इनमें 73 बीजेपी, 44 जेडीयू, 4 हम और 4 VIP पार्टी की हैं. वहीं महागठबंधन को कुल 110 सीटें आई हैं. इनमें राजद को 74, लेफ्ट को 19 और कांग्रेस को 17 सीटें मिली हैं.


आरजेडी प्रवक्ता ने लगाया था धांधली का आरोप


मतगणना के दिन ही आरजेडी प्रवक्ता मनोज झा की तरफ से प्रशासनिक पक्षपात का आरोप लगाया गया था. नतीजों के बाद तेजस्वी यादव ने भी मतगणना पर सवाल उठाए हैं. हालांकि इस सबके बीच तेजस्वी यादव को महागठबंधन का नेता चुन लिया गया है.



कई चुनावों बाद देखने को मिली कांटे की टक्कर
काउंटिंग के दिन शुरुआती चरणों में महागठबंधन द्वारा बढ़त लिए जाने के बाद दोपहर तक एनडीए आगे हो गया था. फिर देर रात तक आए नतीजों में लगातार दोनों गठबंधनों के बीच कांटे की टक्कर बनी रही. बीते कई दशकों में ऐसा पहली बार हुआ है जब बिहार में कांटे की टक्कर देखने को मिली है. इससे पहले 2005 हो, 2010 हो या फिर 2015 तीनों ही चुनाव में एकतरफ जीत दिखाई दी थी.
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