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कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए 200 भारतीय यात्री नेपाल में फंसे

उन्होंने बताया कि यहां पहुचंने वाले लोगों की संख्या के बारे में कोई नियम कायदा नहीं है. यहां लाए जाने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि सुविधाएं नाम मात्र की हैं.

उन्होंने बताया कि यहां पहुचंने वाले लोगों की संख्या के बारे में कोई नियम कायदा नहीं है. यहां लाए जाने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि सुविधाएं नाम मात्र की हैं.

उन्होंने बताया कि यहां पहुचंने वाले लोगों की संख्या के बारे में कोई नियम कायदा नहीं है. यहां लाए जाने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि सुविधाएं नाम मात्र की हैं.

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कैलाश मनसरोवर यात्रा से वापस लौट रहे करीब 200 भारतीय तीर्थयात्री नेपाल में फंस गए हैं. ये सभी यात्री प्राइवेट ट्रैवल ऑपरेटर के मिसमैनेजमेंट के चलते नेपाल के हुमला जिले में फंसे हुए हैं. तीर्थयात्रियों ने बुधवार को यह दावा किया.

पीटीआई की खबर के मुताबिक तीर्थयात्री अभी नेपाल-चीन सीमा के पास एक कस्बे में फंसे हुए हैं. वहां वे लोग तिब्बत के बुरांग से पहुंचे थे और हेलीकॉप्टर से सिमीकोट के लिए फौरन रवाना होने वाले थे, जहां से वे नेपालगंज की ओर बढ़ते.

ट्रैवल ऑपरेटर ने तय समय से ज्यादा देर तक रोक कर रखा
पंजाब के डेराबस्सी निवासी पंकज भटनागर ने पीटीआई को बताया कि जब हम यहां पहुंचे तब हमें तय समय से अधिक रुकना पड़ा क्योंकि हमसे पहले यहां आए कई लोगों को ट्रैवल ऑपरेटर ने तय समय से ज्यादा देर तक रोक कर रखा था. वे यहां तीन दिनों से हैं, वे अब निकल रहे हैं और हम उनके बाद निकलेंगे. उन्होंने बताया कि हिलसा में मौजूद सुविधाएं तीर्थयात्रियों की संख्या के को देखते हुए काफी कम हैं.
लोग ज्यादा, सुविधाएं नदारद


गुड़गांव के रहने वाले मयंक अग्रवाल ने बताया कि लोगों के ऐसे कई ग्रुप हैं जिनकी यात्रा का मैनेजमेंट प्राइवेट ऑपरेटर कर रहे हैं. अपने माता-पिता को लेकर तीर्थयात्रा पर गए अग्रवाल ने पीटीआई को बताया कि यहां पहुंचने वाले लोगों की संख्या के बारे में कोई नियम कायदा नहीं है. यहां लाए जाने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि सुविधाएं नाम मात्र की हैं. ट्रैवल ऑपरेटर कोई जवाब नहीं दे रहे हैं.

हालांकि, भारत में यात्रा संचालकों ने कहा कि कुछ यात्रियों को तय समय से ज्यादा तक इसलिए ठहराना पड़ा कि हिलसा और सिमीकोट के बीच हेलीकॉप्टर सेवाएं खराब मौसम के चलते रोकनी पड़ गई.

आपको बता दें कैलाश मानसरोवर भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है. इसकी यात्रा बहुत दुर्गम कही जाती है. हर साल भगवान शिव के दर्शन के लिए हज़ारों श्रद्धालु पहुंचते हैं.

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