ठाकरे बोले- अर्थव्यवस्था पर ध्यान देने, ‘सामाजिक अशांति’ को लेकर सतर्क रहने की जरूरत

सीएम उद्धव ठाकरे. (File pic)

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि सभी राजनीतिक दल यह तय करें कि वे सत्ता के लिए राजनीतिक सफलता चाहते हैं या आर्थिक मोर्चे पर समाधान खोजने के लिए. सामाजिक अशांति इसका वर्णन करने के लिए एक कठोर शब्द होगा, लेकिन देश निश्चित रूप से सामाजिक अशांति की ओर बढ़ रहा है.’’

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    मुंबई. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने देश के ’सामाजिक अशांति’ की ओर बढ़ने के प्रति आगाह करते हुए शनिवार को कहा कि राजनीतिक दलों को यह तय करना चाहिए कि वे ताकत के लिए सत्ता चाहते हैं या आर्थिक मुद्दों को सुलझाने के लिए.

    कोरोना वायरस महामारी के बीच अपनी पार्टी के 55 वें स्थापना दिवस के मौके पर ठाकरे ने कहा कि देश के समक्ष अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य के दो प्रमुख मुद्दे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि सभी राजनीतिक दल यह तय करें कि वे सत्ता के लिए राजनीतिक सफलता चाहते हैं या आर्थिक मोर्चे पर समाधान खोजने के लिए. सामाजिक अशांति इसका वर्णन करने के लिए एक कठोर शब्द होगा, लेकिन देश निश्चित रूप से सामाजिक अशांति की ओर बढ़ रहा है.’’

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    उन्होंने कहा, ‘‘यह तय करने का भी समय आ गया है कि क्या हम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए राजनीतिक ताकत चाहते हैं (या किसी और चीज के लिए).

    अगर हम अपने सामने आर्थिक और स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान खोजने के तरीकों पर विचार किए बिना आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में लिप्त रहते हैं, तो हम गंभीर संकट में हैं.’’ उद्धव ठाकरे के पिता बाल ठाकरे ने 1966 में शिवसेना का गठन किया था.

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