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यस बैंक केस: जल्द होगी नीरा राडिया से पूछताछ, दिल्ली पुलिस की वित्तीय अपराध शाखा ने बुलाया: सूत्र

यस बैंक केस: जल्द होगी नीरा राडिया से पूछताछ, दिल्ली पुलिस की वित्तीय अपराध शाखा ने बुलाया: सूत्र

नीरा राडिया (फाइल फोटो)

नीरा राडिया (फाइल फोटो)

सूत्रों के हवाले से खबर है कि नीरा राडिया (Nira Radia) को पूछताछ के लिए बुलाया गया है. 2020 में आर्थिक अपराध शाखा ने नयति हेल्थकेयर की नीरा राडिया और चार अन्य के खिलाफ कर्ज धोखाधड़ी मामले में एफआईआर दर्ज की थी.

नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा कॉरपोरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया (Nira Radia) और उसकी बहन को यस बैंक (YES Bank) से करीब 312 करोड़ रुपए के लोन और उससे जुड़े फर्जीवाड़े के मामले में जल्द ही पूछताछ करने वाली है. आर्थिक अपराध शाखा के सूत्रों के मुताबिक नीरा राडिया को पूछताछ के लिए नोटिस भेज दिया गया है लेकिन तारीख के बारे में औपचारिक तौर पर नहीं बताया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक नीरा राडिया और उसकी बहन करुणा मेनन को अगले सप्ताह अलग-अलग तारीख पर पूछताछ के लिए बुलाया गया है.

बैंक लोन फर्जीवाड़ा से जुड़े मसले पर दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने कई बार पूछताछ के बाद जुटाए गए तमाम सबूतों के आधार पर यतीश बहल, सतीश कुमार नरूला और राहुल सिंह यादव नाम के तीनों आरोपियों को 19 अक्टूबर को गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी से पूर्व हुई पूछताछ के दौरान इस फर्जीवाड़े में नीरा राडिया और उसकी बहन की भूमिका सामने आई थी. जिसके बाद काफी गंभीरता से कई लोगों से पूछताछ हुई.

क्या कहते हैं अधिकारी
आर्थिक अपराध शाखा के एडिशनल कमिश्नर आरके सिंह के मुताबिक राजीव कुमार शर्मा नाम के शख्स ने नारायणी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड और उसकी सहयोगी कंपनी नयती हेल्थ केयर एंड रिसर्च एनसीआर प्राइवेट लिमिटेड और उनके निदेशकों जिनमे नीरा राडिया, उसकी बहन करुणा मेनन, यतीश बहल, सतीश कुमार नरूला के खिलाफ शिकायत की थी. दर्ज शिकायत में इस बात को प्रमुखता से बताया गया था कि इन कंपनियों का दफ्तर साउथ दिल्ली के खानपुर इलाके में स्थित है. कंपनी का नाम पहले OSL हेल्थकेयर था, इनका मकसद गुरुग्राम में एक अस्पताल बनाने का था.

इस अस्पताल में 49 प्रतिशत शेयर शिकायतकर्ता राजीव कुमार शर्मा के थे, जबकि 51प्रतिशत शेयर इन कंपनियों से जुड़े चर्चित मिश्रा और चंदन मिश्र के थे. उसके बाद आरोपी पक्ष द्वारा शिकायत करने वाले शख्स के साथ कई राउंड की बैठक की और आपस में लिखित तौर पर समझौता किया गया था. उसी अग्रीमेंट के मुताबिक हरियाणा के गुरुग्राम इलाके में विम्हांस नाम से अस्पताल खोलने के लिए दोनो के बीच करार हो गया.

पुलिस की तफ्तीश में पता चला ‘सब गोलमाल है’
EOW के मुताबिक आरोपियों द्वारा शिकायतकर्ता राजीव कुमार शर्मा से ये भी वादा किया गया कि हर महीने उसे 30 लाख रुपए उसे प्रोफेशनल फीस के तौर पर उसे दिए जायेंगे. अस्पताल के निर्माण के दौरान OSL हेल्थकेयर के लोगों ने पैसे की कमी का हवाला देते हुए अपने 51 प्रतिशत शेयर, नारायणी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड को बेच दिए. ये कंपनी नयती हेल्थकेयर एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से जुड़ी हुई थी. ये डील करीब 99 करोड़ रुपए में हुई. इसके बाद इन कंपनियों के लोग सारे फैसले खुद लेने लगे और अस्पताल के निर्माण के लिए यस बैंक से 312 करोड़ रुपए का लोन ले लिया. लेकिन वहां पर इस पैसे का उपयोग निर्माण कार्य में नहीं किया गया.

शिकायतकर्ता की प्रोफेशनल फीस 15 करोड़ 28 लाख रुपए भी नहीं दी गई. उसके शेयर 49 परसेंट से करीब 6 परसेंट कर दिए गए. पुलिस ने केस दर्ज कर इस मामले की जांच की. जांच में पाया गया कि नारायणी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड, नयती हेल्थकेयर एंड रिसर्च की होल्डिंग कंपनी है और 93 परसेंट शेयर इसी के है. इस कंपनी की मुख्य प्रमोटर नीरा राडिया पाई गई.

इस कंपनी ने यस बैंक से करीब 312 करोड़ का लोन लेने के बाद उसने से 208 करोड़ रुपए अहलूवालिया कंस्ट्रक्शन कम्पनी के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए. ये डमी खाता राहुल सिंह यादव नाम के शख्स ने इन पैसों को ठिकाने लगाने के लिए खोला था. जांच में ये भी जानकारी मिली कि यतीश वहाल और एस के नरूला, अहुलवालिया कंस्ट्रक्शन कम्पनी से जुड़े हुए थे.

Tags: Delhi police, Yes Bank

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