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NEET-PG Counselling: अब भी क्‍यों अटकी है नीट-पीजी काउंसलिंग? यहां समझिए पूरा मामला

NEET-PG Counselling: अब भी क्‍यों अटकी है नीट-पीजी काउंसलिंग? यहां समझिए पूरा मामला

नीट पीजी की काउंसलिंग अभी रुकी हुई है. (File pic)

नीट पीजी की काउंसलिंग अभी रुकी हुई है. (File pic)

NEET-PG Counselling: नीट पीजी काउसलिंग (NEET Counselling) का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. सर्वोच्‍च न्‍यायालय में इसपर कुछ याचिकाओं पर सुनवाई हो रही है. नीट पीजी काउंसलिंग के मुद्दे पर अब सुनवाई 6 जनवरी को प्रस्‍तावित है. वहीं हड़ताली डॉक्‍टरों का कहना है कि नीट-पीजी की काउंसलिंग में हो रही देरी का असर कोर्स पर पड़ रहा है.

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    नई दिल्‍ली. नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्‍ट यानी नीट पीजी (NEET-PG) काउंसलिंग (NEET-PG Counselling) में देरी का विरोध कर रहे रेजिडेंट डॉक्टर दिल्ली के कई बड़े अस्पतालों में अपना प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं. दरअसल नीट पीजी काउसलिंग (NEET Counselling) का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. सर्वोच्‍च न्‍यायालय में इसपर कुछ याचिकाओं पर सुनवाई हो रही है. नीट पीजी काउंसलिंग के मुद्दे पर अब सुनवाई 6 जनवरी को प्रस्‍तावित है. वहीं हड़ताली डॉक्‍टरों का कहना है कि नीट-पीजी की काउंसलिंग में हो रही देरी का असर कोर्स पर पड़ रहा है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने नीट-पीजी 2021 की काउंसलिंग में देरी के खिलाफ रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस संकट के समाधान के लिए हस्तक्षेप करने की मांग भी कर चुका है. लेकिन ये नीट-पीजी काउंसलिंग है क्‍या? क्‍यों हो रही है इसमें देरी? यहां समझिए इस मामले से जुड़े सभी तथ्‍यों के बारे में…

    सुप्रीम कोर्ट में है मामला
    केंद्र सरकार की ओर से 29 जुलाई को नोटिफिकेशन जारी करके मेडिकल पाठ्यक्रमों में एडमिशन के लिए नीट (ऑल इंडिया कोटा) के तहत मेडिकल सीटों पर ओबीसी के लिए 27 फीसदी और ईडब्‍ल्‍यूएस श्रेणी के लिए 10 फीसदी आरक्षण की घोषणा की गई थी. लेकिन केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई हैं. 25 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की थी. उस दौरान केंद्र सरकार की ओर से कोर्ट से ईडब्‍ल्‍यूएस श्रेणी को आरक्षण देने के लिए 8 लाख रुपये वार्षिक आय के मानदंड पर पुनर्विचार करने के लिए चार हफ्ते का समय मांगा था. 8 लाख रुपये सालाना के हिसाब से महीने की आय करीब 70 हजार रुपये होती है.

    लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उस दौरान सरकार से कहा था कि ओबीसी के क्रीमी लेयर के लिए तय 8 लाख रुपये वार्षिक आय की सीमा और ईडब्‍ल्‍यूएस श्रेणी के आरक्षण के लिए भी सालाना आय की तय सीमा एक जैसी नहीं होनी चाहिए. सॉलिसिटिर जनरल तुषार मेहता ने नवंबर में सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि ईडब्‍ल्‍यूएस श्रेणी के लिए तय 8 लाख सालाना आय की सीमा पर फिर से विचार करने का निर्देश मिला है. इस पर विचार करके चार हफ्तों में जबाब दाखिल किया जाएगा. सरकार ने कहा था कि ईडब्‍ल्‍यूएस श्रेणी की इनकम लिमिट तय होने तक नीट-पीजी की काउंसलिंग नहीं होगी.अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है. ऐसे में नीट-पीजी काउंसलिंग अटकी हुई है.

    क्‍या है राज्‍यों का हाल
    मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए राज्य की 85 फीसदी सीटों पर फैसला, राज्‍य सरकार करती है. अन्‍य 15 फीसदी एडमिशन पर निर्णय केंद्र सरकार लेती है. अब इन्हीं 15 फीसदी सीटों पर केंद्र सरकार की ओर से घोषित ईडब्‍ल्‍यूएस आरक्षण लागू होना है. लेकिन इस पर ही फैसला नहीं हुआ है. इसके कारण नीट पीजी की काउंसलिंग रुकी हुई है. वहीं कई राज्यों ने अपने स्‍तर पर 85 फीसदी सीटों पर काउंसलिंग शुरू कर दी है. इनमें गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और असम शामिल हैं. वहीं दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड जैसे राज्यों में अभी भी काउंसलिंग का इंतजार हो रहा है.

    किसे मिलता है ईडब्‍ल्‍यूएस का लाभ
    EWS के लिए तहत वो लोग आ सकते हैं, जिनकी सालाना आय 8 लाख तक या उससे कम है. अगर किसी व्यक्ति की सालाना आय 8 लाख रुपये से अधिक हो वो इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते हैं. ऐसे लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण की व्‍यवस्‍था है. अनुसूचित जाति (एससी/एसटी व ओबीसी) वर्ग वाले इस योजना का लाभ नहीं ले सकते हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि इस वर्ग के लोगों को पहले से ही आरक्षण का लाभ मिलता है.

    इसलिए नाराज हैं डॉक्‍टर
    नीट पीजी का रिजल्‍ट इस साल सितंबर में ही आ गया था. लेकिन अब तक इसकी काउंसलिंग नहीं शुरू हो पाई है. काउंसलिंग शुरू नहीं किए जाने को लेकर हजारों डॉक्टर हड़ताल पर है. दरअसल नीट-पीजी की काउंसलिंग 24-29 अक्टूबर के बीच होनी प्रस्‍तावित थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण के मुद्दे पर सुनवाई हो रही है. इसलिए इसे रोका गया है.

    एक और याचिका
    उच्चतम न्यायालय में बुधवार को एक पत्र याचिका दायर कर नीट-पीजी दाखिले में ईडब्ल्यूएस आरक्षण सुनिश्चित करने से संबंधित मामले में निर्धारित सुनवाई को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया गया. याचिका में पुलिस द्वारा विरोध प्रदर्शन करने वाले डॉक्टरों से मारपीट की घटना के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, दिल्ली पुलिस आयुक्त को जांच शुरू करने का निर्देश जारी करने का भी आग्रह किया गया. एडवोकेट विनीत जिंदल ने सीजेआई एनवी रमण को लिखी गई पत्र याचिका में केंद्र को डॉक्टरों से संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए एक समिति बनाने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया है.

    Tags: NEET, NEET UG 2021 examination

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